अमेरिका ने बुधवार को ईरान में इराक बॉर्डर पर स्थित शलमचेह बॉर्डर क्रॉसिंग पर हवाई हमला किया। खुजेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर ने बताया कि इस हमले में दो लोगों की मौत हुई है।
अमेरिकी हमले के कुछ ही देर बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमला किया। IRGC के अनुसार, इस कार्रवाई में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, MQ-9 रीपर ड्रोन हैंगर और एक सैन्य गोदाम तबाह कर दिया गया।
दूसरी तरफ, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकर एन्सेलिया और लैला को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया है। हूती विद्रोहियों के इस कदम से बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में तनाव पैदा हो गया है और वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
- ट्रम्प की ईरान में बमबारी की धमकी: ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में किसी जहाज पर हमला करता है, तो अमेरिका जवाब में ईरान के पुलों और बिजली घरों पर बमबारी करेगा। इनमें तेहरान के अंदर मौजूद ठिकाने भी शामिल होंगे।
- हूती विद्रोहियों की धमकी- सऊदी पोर्ट से दूर रहें जहाज: यमन के ईरान से जुड़े हूती विद्रोहियों ने शिपिंग कंपनियों को सऊदी अरब के बंदरगाहों से दूर रहने की धमकी दी है। उन्होंने कहा अगर नहीं माना तो हमला होगा।
- जंग में अब तक 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, मौजूदा संघर्ष में अब तक 18 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं, जबकि सैकड़ों सैनिक घायल हुए हैं।
- अमेरिका ने जंग में ₹3.6 लाख करोड़ खर्च किए: अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि ईरान के साथ युद्ध पर अब तक 37.5 अरब डॉलर (करीब ₹3.6 लाख करोड़) खर्च हो चुके हैं।
- कच्चा तेल 92 डॉलर के पार: अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 92.01 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जबकि WTI क्रूड 85.16 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई हमले किए हैं। IRGC के अनुसार, इन हमलों में अमेरिकी THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम के रडार को सटीक हमलों के जरिए नष्ट कर दिया गया।
ईरानी सेना ने यह भी दावा किया कि हमले में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, C-RAM रडार को भी निशाना बनाकर तबाह किया गया। इसके अलावा अमेरिकी सैन्य अड्डे के ईंधन टैंकों में आग लगा दी गई।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव को रोकने के लिए कतर, पाकिस्तान और मिस्र ने 10 दिन के युद्धविराम (सीजफायर) का प्रस्ताव रखा है। इस पहल का मकसद संघर्ष को पूरे पश्चिम एशिया में फैलने से रोकना और दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता खोलना है।
दोहा से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 12 दिनों से खाड़ी क्षेत्र लगातार तनाव में है। अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने ‘आंख के बदले आंख’ की नीति अपनाने की बात कही है।
ईरान युद्ध से इराक को $45 अरब तक का नुकसान
ईरान युद्ध से इराक को 45 अरब डॉलर तक का नुकसान हुआ है। इराक के प्रधानमंत्री के वित्तीय सलाहकार मुजहर सालेह ने बताया कि फरवरी 2026 से जून 2026 के बीच देश को 40 से 45 अरब डॉलर के राजस्व का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि होर्मुज बंद रहा तो यह नुकसान बढ़कर 50 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
सालेह के मुताबिक, युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण इराक के तेल निर्यात में करीब 90% की गिरावट आई है। युद्ध से पहले इराक प्रतिदिन करीब 40 लाख बैरल तेल का उत्पादन करता था, जिसमें से 35 लाख बैरल प्रतिदिन निर्यात होते थे। अधिकांश तेल होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते वैश्विक बाजार तक पहुंचता था।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन अमेरिका कर रहा है, ईरान नहीं।
IRGC ने अपने बयान में कहा कि उसके हमले केवल उन अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हैं, जहां अमेरिकी सेना की मौजूदगी है। संगठन का दावा है कि इन ठिकानों पर अमेरिका का नियंत्रण है और वहां अमेरिकी सैनिकों के साथ अन्य देशों के लोगों की भी बिना कुवैत के नियंत्रण के आवाजाही होती है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत स्थित अली अल-सलेम एयरबेस पर हमला कर अमेरिकी सेना के बड़े सैन्य उपकरण गोदाम, पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली और MQ-9 ड्रोन हैंगर को तबाह कर दिया।
IRGC ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका के हालिया हमलों के जवाब में की गई है और इसका निशाना केवल अमेरिकी सैन्य ठिकाने थे, कुवैत के लोग नहीं।
IRGC ने यह भी दावा किया कि अल-अदिरी बैरक में अमेरिकी सैनिकों के आवास और दो हेलिकॉप्टर हैंगर पर भी हमला किया गया। संगठन के मुताबिक, इन हमलों में अमेरिकी सैनिक हताहत हुए और हेलिकॉप्टरों व ड्रोन को भारी नुकसान पहुंचा।
अमेरिकी हमले में ईरान की 2 रेस्क्यू बोट्स तबाह
अमेरिकी हमले में ईरान के होर्मोजगान प्रांत की दो रेस्क्यू बोट्स तबाह हो गईं। सरकारी समाचार एजेंसी ISNA ने यह दावा प्रांत के बंदरगाह एवं समुद्री प्रशासन के हवाले से किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, दोनों रेस्क्यू बोट्स को इतना नुकसान पहुंचा कि वे उपयोग के लायक नहीं रहीं। हालांकि, घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने साइबर हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। FBI, साइबर सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (CISA) और अन्य अमेरिकी एजेंसियों ने संयुक्त एडवाइजरी जारी चेतावनी दी है।
एजेंसियों ने कहा कि ईरान से जुड़े साइबर समूह महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और इंटरनेट से जुड़े उपकरणों को निशाना बना सकते हैं। FBI ने कहा कि नेटवर्क संचालक अपने सिस्टम की सुरक्षा मजबूत करें और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें, ताकि जरूरी सेवाएं बाधित न हों।
अमेरिका ने बुधवार को ईरान में इराक बॉर्डर पर स्थित शलमचेह बॉर्डर क्रॉसिंग पर हवाई हमला किया। खुजेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर ने बताया कि इस हमले में दो लोगों की मौत हुई है।
अमेरिकी हमले के कुछ ही देर बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमला किया। IRGC के अनुसार, इस कार्रवाई में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, MQ-9 रीपर ड्रोन हैंगर और एक सैन्य गोदाम तबाह कर दिया गया।
दूसरी तरफ, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकर एन्सेलिया और लैला को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया है। हूती विद्रोहियों के इस कदम से बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में तनाव पैदा हो गया है और वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
- ट्रम्प की ईरान में बमबारी की धमकी: ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में किसी जहाज पर हमला करता है, तो अमेरिका जवाब में ईरान के पुलों और बिजली घरों पर बमबारी करेगा। इनमें तेहरान के अंदर मौजूद ठिकाने भी शामिल होंगे।
- हूती विद्रोहियों की धमकी- सऊदी पोर्ट से दूर रहें जहाज: यमन के ईरान से जुड़े हूती विद्रोहियों ने शिपिंग कंपनियों को सऊदी अरब के बंदरगाहों से दूर रहने की धमकी दी है। उन्होंने कहा अगर नहीं माना तो हमला होगा।
- जंग में अब तक 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, मौजूदा संघर्ष में अब तक 18 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं, जबकि सैकड़ों सैनिक घायल हुए हैं।
- अमेरिका ने जंग में ₹3.6 लाख करोड़ खर्च किए: अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि ईरान के साथ युद्ध पर अब तक 37.5 अरब डॉलर (करीब ₹3.6 लाख करोड़) खर्च हो चुके हैं।
- कच्चा तेल 92 डॉलर के पार: अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 92.01 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जबकि WTI क्रूड 85.16 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई हमले किए हैं। IRGC के अनुसार, इन हमलों में अमेरिकी THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम के रडार को सटीक हमलों के जरिए नष्ट कर दिया गया।
ईरानी सेना ने यह भी दावा किया कि हमले में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, C-RAM रडार को भी निशाना बनाकर तबाह किया गया। इसके अलावा अमेरिकी सैन्य अड्डे के ईंधन टैंकों में आग लगा दी गई।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव को रोकने के लिए कतर, पाकिस्तान और मिस्र ने 10 दिन के युद्धविराम (सीजफायर) का प्रस्ताव रखा है। इस पहल का मकसद संघर्ष को पूरे पश्चिम एशिया में फैलने से रोकना और दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता खोलना है।
दोहा से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 12 दिनों से खाड़ी क्षेत्र लगातार तनाव में है। अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने ‘आंख के बदले आंख’ की नीति अपनाने की बात कही है।
ईरान युद्ध से इराक को $45 अरब तक का नुकसान
ईरान युद्ध से इराक को 45 अरब डॉलर तक का नुकसान हुआ है। इराक के प्रधानमंत्री के वित्तीय सलाहकार मुजहर सालेह ने बताया कि फरवरी 2026 से जून 2026 के बीच देश को 40 से 45 अरब डॉलर के राजस्व का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि होर्मुज बंद रहा तो यह नुकसान बढ़कर 50 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
सालेह के मुताबिक, युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण इराक के तेल निर्यात में करीब 90% की गिरावट आई है। युद्ध से पहले इराक प्रतिदिन करीब 40 लाख बैरल तेल का उत्पादन करता था, जिसमें से 35 लाख बैरल प्रतिदिन निर्यात होते थे। अधिकांश तेल होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते वैश्विक बाजार तक पहुंचता था।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन अमेरिका कर रहा है, ईरान नहीं।
IRGC ने अपने बयान में कहा कि उसके हमले केवल उन अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हैं, जहां अमेरिकी सेना की मौजूदगी है। संगठन का दावा है कि इन ठिकानों पर अमेरिका का नियंत्रण है और वहां अमेरिकी सैनिकों के साथ अन्य देशों के लोगों की भी बिना कुवैत के नियंत्रण के आवाजाही होती है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत स्थित अली अल-सलेम एयरबेस पर हमला कर अमेरिकी सेना के बड़े सैन्य उपकरण गोदाम, पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली और MQ-9 ड्रोन हैंगर को तबाह कर दिया।
IRGC ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका के हालिया हमलों के जवाब में की गई है और इसका निशाना केवल अमेरिकी सैन्य ठिकाने थे, कुवैत के लोग नहीं।
IRGC ने यह भी दावा किया कि अल-अदिरी बैरक में अमेरिकी सैनिकों के आवास और दो हेलिकॉप्टर हैंगर पर भी हमला किया गया। संगठन के मुताबिक, इन हमलों में अमेरिकी सैनिक हताहत हुए और हेलिकॉप्टरों व ड्रोन को भारी नुकसान पहुंचा।
अमेरिकी हमले में ईरान की 2 रेस्क्यू बोट्स तबाह
अमेरिकी हमले में ईरान के होर्मोजगान प्रांत की दो रेस्क्यू बोट्स तबाह हो गईं। सरकारी समाचार एजेंसी ISNA ने यह दावा प्रांत के बंदरगाह एवं समुद्री प्रशासन के हवाले से किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, दोनों रेस्क्यू बोट्स को इतना नुकसान पहुंचा कि वे उपयोग के लायक नहीं रहीं। हालांकि, घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने साइबर हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। FBI, साइबर सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (CISA) और अन्य अमेरिकी एजेंसियों ने संयुक्त एडवाइजरी जारी चेतावनी दी है।
एजेंसियों ने कहा कि ईरान से जुड़े साइबर समूह महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और इंटरनेट से जुड़े उपकरणों को निशाना बना सकते हैं। FBI ने कहा कि नेटवर्क संचालक अपने सिस्टम की सुरक्षा मजबूत करें और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें, ताकि जरूरी सेवाएं बाधित न हों।







