मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गया जिले में पितृपक्ष में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी प्रकार की तैयारी रखने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को हर प्रकार की सुविधा मिलनी चाहिए और उनके आवासन की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। बोधगया के महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र के हॉल में पितृपक्ष मेला–२०२३ की तैयारी को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पितृपक्ष मेले में देश के कोने–कोने एवं विदेशों से तीर्थ यात्री बडी संख्या में श्रद्धा भाव से अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करने के लिए गया की मोक्ष भूमि पर आते हैं।
पितृपक्ष मेले की महत्ता को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर सभी प्रकार की तैयारी पूरी रखी जाये। उन्होंने घाट‚ मंदिर‚ वेदी‚ तालाब एवं पूरे शहर की साफ–सफाई की बेहतर व्यवस्था रखने तथा सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष राजगीर में आयोजित मलमास मेले में ३ करोड से अधिक श्रद्धालु आये। हमें उम्मीद है कि गया में भी बडी संख्या में श्रद्धालु आयेंगे। उन्होंने महाबोधि परिसर के पास स्थित मुचलिंद सरोवर को विकसित और सौंदर्यीकरण करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गया सिर्फ राज्य ही नहीं‚ बल्कि पूरे देश और दुनिया के लिए ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल है। गया शहर को सभी लोग गयाजी के नाम से संबोधित करते हैं। गया को विभिन्न शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी दी गई है‚ ताकि लोगों को यहां आने में सहूलियत हो। उन्होंने पटना जिले के पुनपुन में भी पिंडदानियों के लिए सभी प्रकार की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी पितृपक्ष मेले की तैयारियों को लेकर अपने–अपने सुझाव दिये। मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया। इससे पहले बैठक में गया के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री को पितृपक्ष मेला–२०२३ की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पितृपक्ष मेले का आयोजन २८ सितम्बर से लेकर १४ अक्टूबर तक निर्धारित है। इस दौरान देश–विदेश से बडी संख्या में तीर्थयात्रियों के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन के द्वारा पूरी तैयारी की गई है। सभी महत्वपूर्ण घाटों पर सभी प्रकार की तैयारी की गई है। बेहतर व्यवस्था के संचालन के लिए कार्य समितियों का गठन कर उन्हें जिम्मेदारी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को गया एवं बोधगया में विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने गया में पहाडपुर स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) के मुख्य प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विष्णुपद मंदिर पहुंचने के लिए प्रस्तावित वैकल्पिक रास्ते के निर्माण का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फल्गु नदी पर बने गया बाईपास पुल के पास से ही ऊपर से विष्णुपद मंदिर जाने के लिए नदी किनारे ऊंचा और चौडा रास्ता बनायें‚ ताकि श्रद्धालुओं को विष्णुपद मंदिर पहुंचने में कोई परेशानी नहीं हो और घाट का स्वरूप भी सुंदर दिखे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि गया में भी अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालु आयें। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मोक्षदायिनी फल्गु नदी के दायें तट पर मां सीता पथ एवं नदी तट के विकास कार्य का लोकार्पण किया। उन्होंने वहां मां सीता की पूजा–अर्चना की। इसके बाद सीएम ने विष्णुपद मंदिर में पूजा–अर्चना की एवं राज्य की सुख‚ शांति एवं समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने विष्णुपद मंदिर तक पहुंचने के वैकल्पिक रास्ते के लिए निर्माण हेतु स्थल का अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। इसके बाद सीएम ने विष्णुपद मंदिर के आसपास पितृपक्ष मेले से संबंधित विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यहां पर सोलर प्लेट लगायें‚ ताकि सौर ऊर्जा को और बढावा मिल सके। इसके बाद मुख्यमंत्री ने गयाजी धर्मशाला का शिलान्यास किया। इसके बाद उन्होंने महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध और बोधिवृक्ष की पूजा–अर्चना की। उन्होंने बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमिटी (बीटीएमसी) के कार्यालय के नवनिर्मित भवन का फीता काटकर उद्घाटन किया।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जगह को गयाजी नाम से लोग जानते हैं। यहां पर काफी तादाद में लोग पिंडदान करने आते हैं। यहां पर पहुंचने को लेकर कई रास्तों का निर्माण कराया गया है। यहां पर कुछ काम बचे हुऐ हैं‚ उन्हें भी पूरा करवा रहे हैं। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद यहां आने वाले लोगों को और सुविधा होगी। हम चाहते हैं कि यहां पर जितने लोग आते हैं‚ उससे और ज्यादा लोग यहां पर आयें। इसी को लेकर हमलोग यहां पर सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं। यहां पर जो काम हो रहा है उसे देखने के लिए हमलोग यहां आये हैं। पितृपक्ष मेला शुरू होने वाला है‚ उसकी तैयारी को देखने हमलोग यहां आये हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को गया एवं बोधगया में विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने गया में पहाडपुर स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) के मुख्य प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विष्णुपद मंदिर पहुंचने के लिए प्रस्तावित वैकल्पिक रास्ते के निर्माण का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फल्गु नदी पर बने गया बाईपास पुल के पास से ही ऊपर से विष्णुपद मंदिर जाने के लिए नदी किनारे ऊंचा और चौडा रास्ता बनायें‚ ताकि श्रद्धालुओं को विष्णुपद मंदिर पहुंचने में कोई परेशानी नहीं हो और घाट का स्वरूप भी सुंदर दिखे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि गया में भी अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालु आयें। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मोक्षदायिनी फल्गु नदी के दायें तट पर मां सीता पथ एवं नदी तट के विकास कार्य का लोकार्पण किया। उन्होंने वहां मां सीता की पूजा–अर्चना की। इसके बाद सीएम ने विष्णुपद मंदिर में पूजा–अर्चना की एवं राज्य की सुख‚ शांति एवं समृद्धि की कामना की।







