बिहार के जमुई जिला के रहने वाले एक महादलित मजदूर पति-पत्नी आगामी 15 अगस्त को दिल्ली के लाल किला पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गेस्ट बनेंगे. इसको लेकर उन्हें आमंत्रण मिला है और अब दोनों पति-पत्नी दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे हैं. इसे लेकर बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा एक पत्र भी जारी किया गया है. हालांकि अभी तक दोनों दंपति को दिल्ली जाने के लिए कोई कंफर्मेशन नहीं मिला है, पर उन्हें इसकी सूचना चार दिन पहले ही दी गई थी. जिसके बाद से दोनों पति-पत्नी पूरे उत्साह के साथ दिल्ली जाने की तैयारी में लगे हुए हैं.
गौरतलब है कि शत्रुघ्न मांझी और उनकी पत्नी कपिल देवी जमुई जिला अंतर्गत सदर प्रखंड के इंदपै गांव के रहने वाले हैं. इंदपै पंचायत के मरकट्टा गांव में बनाए गए अमृत सरोवर में दोनों ने मजदूरी की थी. दंपति ने बताया कि अमृत सरोवर के निर्माण में काफी मेहनत मजदूरी की थी. मिट्टी काटने से लेकर सरोवर के चारों तरफ पेड़ तक लगाए थे. इतना ही नहीं इसके बाद से लगातार इसमें लगे हुए हैं. दोनों पति-पत्नी सुबह होते ही अमृत सरोवर पर पहुंच जाते हैं और उसकी साफ-सफाई करते हैं. इसके बाद वह गांव-गांव जाकर कूड़ा-कचरा भी एकत्रित करते हैं और उसके बाद अपने दैनिक कार्य के लिए खेत चले आते हैं.
सात परिवार का पेट भर पाना हो जाता है मुश्किल
शत्रुघ्न मांझी ने कहा कि उनके घर में पति-पत्नी के अलावा उनके 5 बच्चे भी हैं. दोनों पति पत्नी ही परिवार चलाते हैं. हर रोज अमृत सरोवर की साफ-सफाई करने के बाद दोनों पति-पत्नी काम करने के लिए खेतों में जाते हैं. अभी धान का सीजन चल रहा है. ऐसे में दोनों धान रोपने और खेतों में काम करने जाते हैं. हालांकि सालों भर स्थिति ऐसी नहीं रहती है तथा जब उन्हें काम नहीं मिलता है तब उनके सामने भोजन की भी समस्या हो जाती है. परंतु एक ऐसा परिवार जिसे खाने-कमाने के लिए मेहनत मजदूरी तक करनी पड़ती हो, उसे प्रधानमंत्री के समारोह में शामिल होने के लिए बुलाया जाना अपने आप में काफी अनोखा है और इसकी प्रसन्नता दोनों पति-पत्नी के चेहरे पर भी साफ दिख रही है.







