जॉब के लिए जमीन घोटाले मामले में सीबीआई ने बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव समेत कई अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने के बाद एक बार फिर से बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है। साल 2017 में भी जब सीबीआई ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और तत्कालीन डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव समेत 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। उस वक्त भी तेजी से राजनीतिक परिस्थितियां बदली थी। एक बार फिर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। राजनीतिक विश्लेषक यह अनुमान लगाने में व्यस्त है कि वर्ष 2017 की तरह सीएम नीतीश फिर से तेजस्वी यादव को कोई सलाह देंगे, या फिर इस बार वे चुप्पी साधे रखेंगे।
सीएम नीतीश ने कभी करप्शन से नहीं किया समझौता
सीएम नीतीश कुमार की छवि एक ऐसे नेता के रूप में रूप में रही है, जो करप्शन से कभी समझौता नहीं करते हैं। वे परिवारवाद को भी बढ़ावा देने के खिलाफ है। यही कारण है कि वर्ष 2017 में जब सीबीआई ने रेलवे होटल टेंडर मामले में तेजस्वी यादव समेत 11 लोगों को आरोपी बनाया था। तो उन्होंने तेजस्वी यादव से जवाब मांगा था। नीतीश कुमार का तब भी यह कहना था कि सारी बातें जनता के डोमेन में आनी चाहिए। लेकिन जब तजस्वी यादव सभी सवालों का जवाब बिन्दुवार देने में असमर्थ रहे, तो नीतीश कुमार ने महागठबंधन की सरकार से नाता तोड़ कर बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई। अब जॉब के लिए जमीन घोटाले में तेजस्वी यादव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है, तो लालू परिवार पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।
बिहार में सीबीआई-ईडी की सक्रियता का पूर्व से था अंदाजा
बिहार में सीबीआई और ईडी की सक्रियता अचानक बढ़ गई है। इसे लेकर खुद तेजस्वी यादव ने भी सार्वजनिक तौर पर कहा था कि पुराने मामले में उनके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल हो सकता है। अब राजनीतिक विश्लेषकों की ओर से यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं बीजेपी की यह सुनियोजित चाल तो नहीं है। वर्ष 2017 में भी इसी तरह के मामले में नीतीश कुमार ने महागठबंधन से पिंड छुड़ाने का काम किया था। लेकिन वर्ष 2022 में नीतीश कुमार ने फिर बड़ा फैसला लिया। महागठबंधन में शामिल होने पर सीएम नीतीश ने कहा था-‘बीजेपी के साथ सरकार बनाने का फैसला बड़ी भूल थी’। लेकिन अब फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि 2017 में जो हुआ, वो नीतीश कुमार 2023 में भी दोहराएंगे?
राजभवन में नीतीश कुमार और सुशील मोदी के बीच मुलाकात के मायने
राजभवन में सीएम नीतीश कुमार और बीजेपी सांसद सुशील मोदी के बीच हुई मुलाकात को भी राजनीतिक दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि सुशील मोदी ने बाद में इसे अचानक हुई मुलाकात करार दिया। वहीं सीएम नीतीश कुमार ने इस मुलाकात पर कुछ नहीं कहा, लेकिन राजभवन की ओर से इसे शिष्टाचार भेंट करार दिया गया। अब जब जिस तरह से तेजी से राजनीतिक घटनाक्रम में बदलाव हो रहा है, उसे देखते हुए आने वाले कुछ दिनों में बड़े राजनीतिक परिवर्तन की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
बीजेपी के राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व डेप्युटी सीएम सुशील कुमार मोदी ने नीतीश कुमार से तेजस्वी यादव को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की अपील की है। सुशील मोदी ने कहा कि, ‘नीतीश कुमार को तेजस्वी यादव को कैबिनेट से बर्खास्त करना चाहिए। सीबीआई ने जमीन के बदले नौकरी घोटाला के मामले में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है।’ सुशील मोदी ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए पूछा- ‘क्या आप अब भी तेजस्वी यादव को सुरक्षा देंगे या कैबिनेट से बर्खास्त करेंगे।’ बता दें, जमीन के बदले नौकरी मामले में आज सीबीआई ने दिल्ली की एक अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में सीबीआई ने लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को भी आरोपी बनाया है।
चार्जशीट का विपक्षी एकता से कोई संबंध नहीं: सुशील मोदी
सीबीआई की चार्जशीट को लेकर सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सीबीआई ने आज ‘नौकरी के बदले जमीन घोटाला’ मामले में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। आरजेडी इसे विपक्षी एकता के खिलाफ बीजेपी की साजिश बता रही है। जबकि इसका विपक्षी एकता से कोई संबंध नहीं है। इस मामले में लालू-राबड़ी के खिलाफ चार्जशीट बहुत पहले ही दाखिल हो चुकी है। बता दें, आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने चार्जशीट को लेकर कहा था कि बीजेपी इस सबके पीछे है।
लालू परिवार के खिलाफ दस्तावेज ललन सिंह ने ही दिए थे : सुशील मोदी
सुशील मोदी ने कहा कि इस मामले में सारे दस्तावेज तो राजद के गठबंधन में शामिल जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने ही तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को उपलब्ध कराए थे। उन्होंने कहा कि इस जमीन घोटाले का संबंध तेजस्वी यादव के नई दिल्ली स्थित 150 करोड़ के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी D-1088 से है, जिसे तेजस्वी यादव ने ए.बी. एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से मात्र 4 लाख में खरीद लिया था।







