शिव भक्ति का पवित्र महीना सावन, आज से शुरु हो गया है. आज 4 जुलाई, 2023 मंगलवार से इस पावन मास की शुरुआत हो चुकी है. इस बार सावन का महीना पूरे 2 महीने तक चलेगा. शिव भक्तों के लिए ये एक पावन मास है, इस माह में रखें गए व्रत से भोलेनाथ प्रसन्न होकर अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. सावन के ये दो महीने भोलेनाथ को समर्पित हैं.
सावन में आज से आज से कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। हरिद्वार से लाखों की संख्या में शिवभक्त कांवड़िए कांवड़ लेकर निकलेंगे। ऐसे में प्रशासन की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था से लेकर ट्रैफिक तक की पूरी व्यवस्था की गई है। कांवड़ यात्रा को लेकर मंगलवार से मेरठ में रूट डायवर्जन लागू हो गया है। आज से भारी वाहनों ट्रक, बस, ट्रैक्टर आदि को हाईवे पर एंट्री नहीं मिलेगी। दिल्ली में सावन माह के पहले दिन श्रद्धालुओं ने गौरी शंकर मंदिर में पूजा की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार देर रात दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। सीएम ने आज से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी।
आज सावन का पहला दिन भी है और आज ही से कांवड़ यात्रा की भी शुरुआत हो रही है. इस बार लगभग 15 से 20 लाख कांवडिया राजधानी दिल्ली से गुजरेगा. 04 जुलाई से 15 जुलाई तक चलने वाले इस कांवड़ मेले को लेकर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है. इस एडवाइजरी में दिल्ली यातायात व्यवस्था में किए गए अपडेट की जानकारी दी गई है. इस दौरान कई रास्तों को बंद रखा गया है और कई का रूट डॉयवर्जन किया है. ऐसे में घर से बाहर निकलने से पहले आपके लिए ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी जाने लेना जरूरी है.
आज सावन के पहले दिन त्रिपुष्कर योग और इन्द्र योग बने हैं. आज मंगलवार को सावन का पहला मंगला गौरी व्रत भी है. आज के दिन मंगला गौरी व्रत, त्रिपुष्कर योग और रुद्राभिषेक के लिए शिववास का सुंदर संयोग बना है. पहले दिन आप शिव-गौरी पूजा से अपने जीवन में अपार खुशियां पा सकते हैं. पति की लंबी आयु, विवाह में देरी की समस्या, संतान सुख, अखंड सौभाग्य, सुखी दांपत्य जीवन या अन्य मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आज मां मंगला गौरी की विधिपूर्वक पूजा करें.
सावन 2023 का पहला दिन
पंचांग के अनुसार, आज से श्रावण मास शुरू हुआ है. आज सावन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि दोपहर 01:38 बजे तक है. सुबह 08:25 बजे तक पूर्वाषाढा नक्षत्र और उसके बाद से उत्तराषाढा नक्षत्र है.
त्रिपुष्कर योग और इन्द्र योग में मंगला गौरी व्रत
आज मंगला गौरी व्रत के दिन त्रिपुष्कर योग और इन्द्र योग बना है. आज सूर्योदय काल से लेकर सुबह 11:50 बजे तक इंद्र योग है, वहीं त्रिपुष्कर योग दोपहर 01:38 बजे से कल सुबह 05:28 बजे तक मान्य है.
मंगला गौरी और शिव पूजा की विधि
आज प्रात: स्नान करने के बाद मंगला गौरी और शिव पूजा का संकल्प करें. उसके बाद शुभ मुहूर्त में एक चौकी पर भगवान शिव, माता मंगला गौरी और गणेश जी को स्थापित करें. फिर सबसे पहले गणेश जी की पंचोपचार पूजन करें. फिर भगवान शिव का गंगाजल, बेलपत्र, चंदन, फूल, फल, माला, अक्षत्, धतूरा, भांग आदि से पूजन करें.
उसके बाद मां मंगला गौरी की पूजा करें. उनको सिंदूर, अक्षत्, फूल, फल, नैवेद्य, मिठाई, धूप, दीप, गंध आदि अर्पित करें. फिर उनको सुहाग की सामग्री यानि 16 श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें. पार्वती चालीसा, शिव चालीसा और मंगला गौरी व्रत कथा का पाठ करें. ॐ गौरीशंकराय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें.
ऐसा करने से आपको अखंड सौभाग्य प्राप्त होगा. विवाह में देरी की समस्या दूर होगी. संतानहीन दंपत्ति भी इस पूजा से संतान सुख प्राप्त कर सकते हैं.
मंगला गौरी पूजा मुहूर्त 2023
आज सुबह में मंगला गौरी पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 08 बजकर 57 मिनट से दोपहर 02 बजकर 10 मिनट तक है. यदि दिन के शुभ चौघड़िया मुहूर्त की बात करें तो सुबह 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 25 मिनट तक लाभ-उन्नति मुहूर्त है और दोपहर 12 बजकर 25 मिनट से दोपहर 02 बजकर 10 मिनट तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त है.
हर हर महादेव और बम बम भोले की गूंज से मंदिर और शिवालयों का वातावरण शिवमय हो गया है। भक्त सुबह से ही भोले की पूजा के लिए मंदिरों में उमड़ रहे हैं। इस वर्ष सावन 58 दिनों का होगा यानी शिवजी की पूजा-पाठ और भक्ति के लिए सावन का महीना दो माह का होगा। 4 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू होकर 31 अगस्त तक चलेगा।
जानें कितने आएगे सोमवार
इस साल सावान दो महीने का है। यह संयोग 19 साल के बाद बना है। 4 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू होकर 31 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 18 जुलाई से 16 अगस्त तक अधिक मास रहेगा। इसी कारण से इस वर्ष सावन का महीना 2 महीने का होगा। इसलिए कुल 8 सोमवार पड़ेंगे। सावन का महीना और इसमें पड़ने वाले सोमवार व्रत का शादीसुदा महिलाओं और कुंवारी कन्याओं के लिए बहुत ही खास होता है। सावन सोमवार के दिन विवाहित महिलाएं दिनभर व्रत रखते हुए शिवजी और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करते हुए पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। वहीं कुंवारी महिलाएं मनचाहा वर के लिए पूजा करती हैं।
ऐसे करें शिव पूजा
सावन में हर सोमवार को उपवास रखना उत्तम माना जाता है। शिवलिंग पर रोज सुबह जल और बेल पत्र अर्पित करें। सावन के पहले दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें। शिव मंदिर या घर में शिवलिंग का गंगाजल, गाय के कच्चे दूध या फिर गन्ने के रस से अभिषेक करें। चंदन, अक्षत, फूल, बेलपत्र, शमी के पत्ते, धतूरा, भांग भी भोलेनाथ को अर्पित करें।
सावन में इन सब से बनाए दूरी
सावन में तामसिक भोजन, मदिरा, लहसून-प्याज, हरी पत्तेदार सब्जियों, का त्याग करें। सावन में शरीर पर तेल लगाना अशुभ माना जाता है। इस महीने में तन के साथ मन की शुद्धता भी रखें, तभी शिव पूजा का फल मिलेगा। शिव जी के प्रिय माह में ब्रह्मचर्य का पालन करें।







