प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज हैं. मंत्रियों की नई सूची कभी भी जारी हो सकती है. आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए कई नए नामों की एंट्री मंत्रिमंडल में हो सकती है, तो कई को छुट्टी देकर पार्टी के काम में लगाया जा सकता है. पिछली बार 2021 में मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल हुआ था, तब 43 मंत्रियों ने शपथ ली थी.
देश में 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा और अगले साल लोकसभा चुनाव को देखते हुए मोदी सरकार संगठन में बड़े बदलाव करने जा रही है। पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को प्रगति मैदान के कन्वेंशन सेंटर में मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ पांच घंटे लंबी बैठक की।उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक जैसे राज्यों में कुछ केंद्रीय मंत्रियों को संगठन के काम में लगाने का फैसला पार्टी ने लिया है।वहीं धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल और भूपेंद्र यादव को लोकसभा चुनाव के लिहाज से राज्यों में बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी है।
पीएम ने मजाकिया अंदाज में कहा- काम करने के लिए पद जरूरी नहीं
पीएम ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि जनता की सेवा का संकल्प हो तो उसे पूरा करने के लिए किसी पद की जरूरत नहीं है। माना जा रहा है कि यह संगठन और सरकार में शामिल कुछ लोगों के लिए संकेत है कि उन्होंने पद पर रहते हुए जनहित के क्या-क्या काम किए हैं। बैठक के बाद पीएम ने सोशल मीडिया पर बताया कि बैठक में कई सार्थक मुद्दों पर चर्चा हुई।
मप्र, झारखंड समेत छह राज्यों में नए अध्यक्ष का ऐलान जल्द
भाजपा छह राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष बदलने जा रही है। मप्र, झारखंड, पंजाब, तेलंगाना, कर्नाटक और गुजरात के नए भाजपा अध्यक्ष के नामों का ऐलान पार्टी कभी भी कर सकती है।
मध्य प्रदेश में वीडी शर्मा को बदलने की तैयारी है। कर्नाटक में केंद्रीय राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे को जिम्मेदारी मिल सकती है। तेलंगाना में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी भाजपा अध्यक्ष बन सकते हैं।

कुछ केंद्रीय मंत्रियों को संगठन के काम में लगाने का फैसला
पंजाब, झारखंड, गुजरात में भी नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाएंगे। गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल को केंद्रीय भाजपा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के साथ लाने पर बात हुई है। प्रदेश अध्यक्षों के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक जैसे राज्यों में कुछ केंद्रीय मंत्रियों को संगठन के काम में लगाने का फैसला पार्टी ने लिया है।
सूत्रों का कहना है कि छह राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष बनाने का फैसला पार्टी कर चुकी है। पुराने अध्यक्षों के लिए नई जिम्मेदारी तय की जा रही है। उन्हें संगठन दूसरी क्या जिम्मेदारी दी जाए, इसे कमोबेश रूप से अंतिम रूप दे दिया गया है।
माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सोमवार को हुई बैठक में यह तय किया गया है कि नए प्रदेश अध्यक्ष के नामों की घोषणा कब की जाएगी।
पीएम ने मंत्रियों से कहा- बचे हुए काम जल्द पूरा करें
मीटिंग में पिछले चार साल के दौरान विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज को लेकर भी चर्चा हुई। आम चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है। इसलिए प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रियों से बचे हुए कामों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के लिए कहा है।
सूत्रों का कहना है कि विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज को लेकर पीएम ने खुशी जाहिर की। सूत्रों के अनुसार भाजपा को मिलने वाली सफलता पर पीएम ने कहा कि इसके पीछे असली वजह यह है कि लोग दशकों से जिस उपेक्षा के शिकार थे और होते आए थे, उसे भाजपा ने दूर किया। आगे भी यही करना है।
नए बदलाव में किसकी एंट्री होगी और कौन आउट होगा, इसे लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है. सबसे ज्यादा चर्चा महाराष्ट्र को लेकर है, जहां पर हाल ही में बड़ा सियासी उलटफेर हुआ है. मोदी कैबिनेट में होने वाले बदलाव पर भी इसका असर दिखने के संकेत मिल रहे हैं.
फडणवीस के दिल्ली जाने की अटकलें
महाराष्ट्र में एक साल पहले जब एकनाथ शिंदे के साथ मिलकर बीजेपी ने सरकार बनाई तो सबसे अप्रत्याशित था, देवेंद्र फडणवीस का डिप्टी सीएम का पद स्वीकार करना. उस वक्त कहा गया था कि उन्होंने कुर्बानी दी है, लेकिन अब लगता है उसका इनाम मिलने का समय आ गया है. फडणवीस के दिल्ली जाने की अटकलें तेज हैं. उन्हें मोदी सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है.
शिंदे गुट से किसे मिलेगा मौका ?
महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की सरकार गठन को एक साल हो चुका है. इसके पहले बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल थी, ऐसे में सरकार गठन के बाद से ही इसे लेकर अटकलें थीं कि शिवसेना को मोदी कैबिनेट में एंट्री मिल सकती है. अब जानकारी सामने आई है कि शिंदे गुट से प्रताप राव जाधव को केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है. इसके साथ ही एक और नाम भावना गवली का भी चर्चा में है. उन्हें भी मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है.
अजित पवार खेमे की भी एंट्री
महाराष्ट्र में हाल में हुए सियासी उलटफेर हुआ है. एनसीपी नेता अजित पवार चाचा शरद पवार से बगावत कर शिंदे सरकार में शामिल हो गए. कहा जा रहा है कि अजित पवार को आश्वासन दिया गया है कि एनसीपी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी. अजित पवार खेमे से प्रफुल्ल पटेल को केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है. प्रफुल्ल पटेल अभी राज्यसभा से सांसद हैं. इसके पहले वे यूपीए सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री रह चुके हैं. बीते जून महीने में ही प्रफुल्ल पटेल को शरद पवार ने पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था, लेकिन अजित पवार के साथ जाने की वजह से एक दिन पहले 3 जुलाई को पार्टी से निष्कासित कर दिया.







