ADVERTISEMENT
Friday, August 7, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

19 साल बाद कोलकाता लौटने पर भावुक हुईं तस्लीमा नसरीन, बोलीं- यह घर वापसी

UB India News by UB India News
July 31, 2026
in खास खबर, पश्चिम बंगाल, महिला युग
0
20 साल बाद कोलकाता क्यों जा रही हैं बांग्लादेशी लेखक तसलीमा नसरीन?

RELATED POSTS

गृह मंत्री संसद से क्यों भाग रहे हैं?

कल जेन अल्फा, बीटा आ जाएगी…………..

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन शुक्रवार को 19 साल बाद कोलकाता पहुंचीं। कोलकाता पहुंचने पर तस्लीमा नसरीन बेहद खुश दिखाई दीं। कोलकाता पहुंचने पर तस्लीमा नसरीन ने कहा, ‘यह मेरे लिए अपने देश लौटने जैसा है। मैं खुशी और दर्द दोनों के साथ लौटी हूं।’

साल 2003 में तस्लीमा नसरीन की किताब द्विखंडित पर पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया था। तस्लीमा नसरीन पर मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा था। इसके बाद साल 2007 में हुए भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद तस्लीमा नसरीन को कोलकाता छोड़ना पड़ा था।

निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने पश्चिम बंगाल के वामपंथी नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगभग 19 वर्षों के अंतराल के बाद कोलकाता की अपनी आगामी यात्रा से पहले उन्हें भाजपा और आरएसएस का समर्थक करार दिया गया था।

तस्लीमा नसरीन ने क्या कहा? 
तस्लीमा ने साफ किया कि उन्हें एक धर्मनिरपेक्ष संस्था से निमंत्रण मिला है। राज्य प्रशासन की जिम्मेदारी केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने तक सीमित है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि उनकी यात्रा का आयोजन धर्मनिरपेक्ष मिशन की ओर से किया गया था, जो एक प्रगतिशील मुस्लिम व्यक्तित्व उस्मान गनी मलिक के नेतृत्व वाला संगठन है।‘क्या पश्चिम बंगाल सरकार मुझे ला रही है?’
उन्होंने लिखा, ‘क्या भाजपा मुझे कोलकाता ला रही है? नहीं। क्या पश्चिम बंगाल सरकार मुझे ला रही है? नहीं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘पश्चिम बंगाल की निर्वाचित सरकार केवल मेरी यात्रा के लिए सुरक्षा दे रही है। जब भी मैं किसी राज्य की यात्रा करती हूं, चाहे वहां किसी भी राजनीतिक दल का शासन हो, मेरी सुरक्षा सुनिश्चित करना उस राज्य की सरकार की जिम्मेदारी होती है। यह एक सामान्य प्रशासनिक कर्तव्य है।’

वामपंथी नेता क्या दावा कर रहे हैं?
वामपंथी गुटों को निशाना बनाते हुए, नसरीन ने बताया कि जिन नेताओं ने पहले उन्हें पश्चिम बंगाल से निष्कासित किया था। वही नेता अब उन पर भाजपा, आरएसएस या हिंदुत्व से जुड़े होने का आरोप लगा रहे हैं। ‘उन्होंने मुझे पश्चिम बंगाल से बाहर निकाल दिया था। अब वे दावा करते हैं कि राज्य में कदम रखना मात्र मुझे हिंदुत्व समर्थक, भाजपा समर्थक या आरएसएस समर्थक बना देता है।’

अपने केरल दौरा का भी किया जिक्र
लेखिका ने वामपंथी नेताओं के बीच जिसे उन्होंने पाखंड करार दिया। उस पर भी प्रकाश डाला और बताया कि उन्होंने सीपीआई (एम) प्रशासन के निमंत्रण पर कई बार केरल का दौरा किया था, जहां उनका जेड + सुरक्षा के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया गया था। उन्होंने सवाल किया ‘उस समय, क्या कोलकाता के इन वामपंथी नेताओं ने मुझे वामपंथी कहकर गाली दी थी, या उन्होंने मेरी यात्राओं का जश्न मनाया था?’

कितने साल बाद नसरीन वापस आई थी?
नसरीन ने सवाल उठाया कि कोलकाता की उनकी संक्षिप्त दो दिवसीय यात्रा ने झूठे प्रचार के अभियान को क्यों जन्म दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह ठीक 18 साल, आठ महीने और 10 दिन बाद शहर में वापस आ रही हैं।

पुस्तक के विमोचन को भी रोक दिया
लेखिका ने पश्चिम बंगाल में लगातार आने वाली सरकारों की आलोचना को दोहराते हुए कहा कि वाम मोर्चा सरकार ने उन्हें कोलकाता से बाहर निकाल दिया था। वहीं, उसके बाद की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने राज्य में उनके प्रवेश पर रोक लगा दी, उनके ओर से  लिखित एक टेलीविजन धारावाहिक का प्रसारण रोक दिया। इसके साथ ही  उनकी एक पुस्तक के विमोचन को भी रोक दिया।

तस्लीमा ने क्या आरोप लगाए? 
इसके अलावा, उन्होंने वामपंथी दलों के कुछ वर्गों पर इस्लामी कट्टरपंथियों को खुश करने का आरोप लगाया, जबकि वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मुस्लिम समुदाय के भीतर आंतरिक सुधार से संबंधित मामलों पर चुप्पी साधे हुए हैं। अपने सोशल मीडिया बयान के अंतिम शब्दों में, नसरीन ने सवाल उठाया कि कुछ वामपंथी नेता कब तक ‘जिहादियों की भाषा बोलते हुए प्रगतिवाद का मुखौटा पहने रह सकेंगे।

क्या है पूरा मामला? 
यह आगामी यात्रा नवंबर 2007 के बाद कोलकाता में उनकी पहली वापसी होगी। उस समय की वाम मोर्चा सरकार ने उनकी साहित्यिक रचनाओं, विशेष रूप से उनकी आत्मकथा ‘द्विखंडिता’ के कुछ अंशों के कारण भड़के हिंसक आंदोलनों के मद्देनजर उन्हें शहर छोड़ने का निर्देश दिया था। अशांति के व्यापक पैमाने को देखते हुए सेना की तैनाती आवश्यक हो गई थी, जिसके बाद नसरीन को राज्य से बाहर निकाला गया था। पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद इस नियोजित यात्रा का राजनीतिक महत्व काफी बढ़ गया है।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

गृह मंत्री संसद से क्यों भाग रहे हैं?

गृह मंत्री संसद से क्यों भाग रहे हैं?

by UB India News
August 5, 2026
0

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मानसून सत्र के...

मुख्य चुनाव आयुक्त चयन प्रक्रिया से CJI सूर्यकांत नाराज क्यों?

कल जेन अल्फा, बीटा आ जाएगी…………..

by UB India News
August 5, 2026
0

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एक याचिकाकर्ता ने कहा कि अगर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को किसी...

पैलेट गन के यूज को मनमाना क्यों माना जाए ?

धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह कोई और स्थान हो?

by UB India News
August 3, 2026
0

सुप्रीम कोर्ट में आज दाखिल एक याचिका में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का मुद्दा भी उठ गया. दरअसल, याचिका में अपील...

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

by UB India News
August 3, 2026
0

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी...

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

by UB India News
August 4, 2026
0

ग्लास्गो  में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 खत्म हो गया है. इसी के साथ इस बात का आधिकारिक ऐलान हो गया...

Next Post
Gen-Z से जुड़ने के लिए BJP ने बनाई नई डिजिटल रणनीति, जानें क्या रहेगा फोकस

Gen-Z से जुड़ने के लिए BJP ने बनाई नई डिजिटल रणनीति, जानें क्या रहेगा फोकस

भारत की 117 सर्वाधिक प्रभावशाली महिलाओं से महिला सशक्तीकरण का लक्ष्य हासिल करना एक शुरुआत भर है ……………..

भारत की 117 सर्वाधिक प्रभावशाली महिलाओं से महिला सशक्तीकरण का लक्ष्य हासिल करना एक शुरुआत भर है .................

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend