सीएम नीतीश कुमार ने पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार चौधरी व विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ वृक्षारोपण अभियान की मुख्य रूप से जानकारी ली. बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) सी.पी. खंडूजा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जल-जीवन- हरियाली अभियान के तहत ‘वृक्षारोपण अभियान 2023-24’ के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2023-24 के लिए 433.93 लाख पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने वर्ष 2019-20, वर्ष 2020-21, वर्ष 2021-22 एवं वर्ष 2022-23 के तहत किए गए पौधारोपण की जानकारी दी. साथ ही वृक्षारोपण की उत्तरजीविता, पौधशालाओं में पौधों की उपलब्धता, सीएम नीतीश कुमार निजी पौधशाला योजना की विशेषताएं, कृषि वानिकी योजना की विशेषताएं तथा वर्ष 2023-24 में वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों के संबंध में उन्होंने विस्तृत जानकारी दी.
सीएम ने दी बैठक की जानकारी
सीएम नीतीश कुमार ने ट्वीट कर बैठक की जानकारी दी. सीएम ने एक के बाद एक सिलसिलेवार ट्वीट में लिखा, ‘1 अणे मार्ग में पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक की. गयाजी धाम धर्मशाला, गया विष्णुपद मंदिर, सीतामढ़ी के पुनौरा धाम मंदिर तथा केसरिया स्तूप के विकास से संबंधित कार्यों की अद्यतन जानकारी ली.’ उन्होंने आगे लिखा, ‘राजगीर में सम्राट जरासंध स्मारक, बांका में ओढनी डैम, मंदार पर्वत गेस्ट हाउस/ होटल निर्माण, प्रकाश पुंज के सामने पार्क में वॉच टावर निर्माण, बक्सर में ब्रह्मेश्वर स्थान, खानकाह मुजीबिया, फुलवारीशरीफ तथा मधुबनी में मिथिला हाट के विकास कार्य की भी समीक्षा की.’
एक अन्य ट्वीट में सीएम ने लिखा, ‘बिहार ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल है. हमलोगों ने सभी धर्म के स्थलों को विकसित किया है. हमारा उद्देश्य है कि इन स्थलों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और तीर्थ यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो. बिहार में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ी है.’ उन्होंने आगे लिखा, ‘ ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु कार्य किया जा रहा है. बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु योजनाबद्ध ढंग से काम करने का निर्देश दिया है. पर्यटकों को सारी जानकारी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में ठीक से देने की व्यवस्था करने को कहा है ताकि वे विरासत को ठीक से समझें-जानें.’
नीतीश कुमार की बैठक में नहीं पहुंचे तेज प्रताप
सीएम नीतीश कुमार ने शुक्रवार को वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की बैठक बुलाई। मीटिंग में विभाग के मंत्री तेज प्रताप ही गायब थे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के बगल में लगी तेज प्रताप की कुर्सी खाली ही रह गई। विभाग के मंत्री के बगैर ही नीतीश कुमार को मीटिंग करनी पड़ी। तेज प्रताप मीटिंग में क्यों नहीं शामिल हुए? इसको लेकर उनकी ओर से कोई बयान नहीं आया है।
दरअसल, एक अणे मार्ग के संकल्प में बैठक बुलाई गई थी। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को भी शामिल होना था। मीटिंग में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीच की कुर्सी पर बैठे रहें। उनके ठीक बगल की एक कुर्सी तेज प्रताप के लिए थी, लेकिन वे खाली रह गई। इसमें पौधरोपण अभियान की तैयारियों की जानकारी ली गई।
अलग बात यह है कि उनके एक तरफ संसदीय और वित्त मंत्री विजय चौधरी बैठे दिखे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी सहित कई अफसर नजर आए।







