बिहार के उपचुनाव में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को अपनों से ही चुनौती मिल रही है. बुधवार को गोपालगंज सीट से उपचुनाव के लिए पूर्व सांसद अनिरुद्ध प्रसाद उर्फ साधु यादव की पत्नी इंदिरा यादव ने बसपा (बहुजन समाज पार्टी) से नामांकन किया. इंदिरा यादव राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की सरहज हैं और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की मामी. इंदिरा यादव ने नामांकन के बाद लालू प्रसाद और राबड़ी देवी पर एक बयान देकर भाजपा और महागठबंधन प्रत्याशियों के समीकरण को बदल दिया.
इंदिरा यादव ने कहा कि गोपालगंज में विकास चुनाव का मुद्दा होगा और नामांकन करने के बाद बड़े जीजी जी और दीदी से आशीर्वाद लेंगी. यानी इंदिरा देवी ने अपने जीजा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और पूर्व सीएम राबड़ी देवी से आशीर्वाद मांगा हैं. उनसे जब पूछा गया कि ‘मामी का आशीर्वाद भांजा तेजस्वी यादव पर होगा या नहीं…? तो उन्होंने कन्नी काटते हुए कुछ नहीं बोला….और कहा कि ये बाद ही बात है.
17 सालों से भाजपा के कब्जे में सीट
महागठबंधन ने गोपालगंज से सोना-चांदी के बड़े व्यवसायी मोहन प्रसाद गुप्ता को चुनाव मैदान में उतारा है. तेजस्वी यादव का यह गृह जिला है. गोपालगंज का सीट भाजपा के कब्जे में पिछले 17 सालों से है. लिहाजा राजद इस सीट पर अपना कब्जा जमाना चाहती है. यही वजह है कि इस बार वैश्य समाज के आने वाले मोहन प्रसाद गुप्ता का राजद ने उम्मीदवार बनाया है.
तेजस्वी करेंगे चार चुनावी रैलियां
सूत्रों की मानें तो तेजस्वी यादव चार दिन गोपालगंज में चुनावी रैली करेंगे. तेजस्वी यादव को भाजपा प्रत्याशी कुसुम देवी के साथ ही अपनी मामी इंदिरा देवी से भी चुनौती मिल रही है. ऐसे में जब तेजस्वी यादव के मामला पूर्व सांसद अनिरुद्ध प्रसाद उर्फ साधु यादव से पूछा किया गया मामा का आशीर्वाद भांजा पर है या नहीं….? तो मामा साधु यादव ने कह दिया कि चुनाव में जब जायज है. वहीं राजद के प्रत्याशी मोहन प्रसाद गुप्ता कल यानी 13 अक्टूबर को नामांकन करेंगे.
भाजपा प्रत्याशी को सहानुभूति वोट
भाजपा ने लगातार चार बार से विधायक और एक बार नीतीश कैबिनेट में सहकारिता मंत्री रह चुके दिवंगत सुभाष सिंह की पत्नी कुसुम देवी को चुनाव मैदान में उतारा है. कुसुम देवी नामांकन कर चुकीं हैं और लगातार जनसंपर्क कर रहीं हैं. भाजपा अपने कैडर वोट के अलावा सहानुभूति वोट भी बटोरने में लगी हुई है. गोपालगंज में तीन नवंबर को उप चुनाव का मतदाना होना है और छह नवंबर को मतगणना की तिथि निर्धारित है. छह नवंबर को साफ जायेगा कि उप चुनाव में जनता किसे जीत का ताज पहनाती है.





