कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद भवन मार्च पर आरजेडी ने केंद्र की सरकार को घेरा है. सोमवार (20 जुलाई, 2026) आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने अपने एक्स पोस्ट के जरिए निशाना साधते हुए यह कहा है कि शिक्षा व्यवस्था का सरेआम चीरहरण करने वाले धर्मेंद्र प्रधान को बिना किसी देरी के तुरंत इस्तीफा देना ही होगा.
शक्ति यादव ने कहा, “दिल्ली में बैठे हुक्मरान कान खोलकर सुन लें! जंतर-मंतर पर आज देश के नौजवानों ने तुम्हारी तानाशाही के खौफ को मिट्टी में मिला दिया है.” पोस्ट में शक्ति यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया है.
आरजेडी नेता ने लिखा है, “संसद का सत्र चल रहा है और बाहर प्रधानमंत्री के इशारे पर निहत्थे छात्रों पर लाठियां और आंसू गैस के गोले बरसाए जा रहे हैं? यह सत्ता के अहंकार का एकदम नंगा प्रदर्शन है. इतना खौफ कि डर के मारे संसद के दरवाजे तक बंद कर दिए और अंदर संचार व्यवस्था जाम कर दी? ये कैसा गुंडाराज है?”
‘संसद पर देश के नौजवानों का भी संवैधानिक अधिकार’
उन्होंने कहा कि संसद पर देश के नौजवानों का भी संवैधानिक अधिकार है. इतिहास गवाह है कि जब-जब हुक्मरानों ने नौजवानों की आवाज को ऐसे दमनकारी अत्याचार से कुचलने की कोशिश की है, तब-तब सत्ता का गुरूर चकनाचूर हुआ है.
‘लाठी बरसाना, इंटरनेट बंद कर देना, अंत की शुरुआत’
एक दूसरे पोस्ट में शक्ति यादव लिखते हैं, “दिल्ली के जंतर-मंतर पर हक और रोजगार मांग रहे देश के नौजवानों पर लाठी बरसाना और इंटरनेट बंद कर देना तानाशाह सरकार के अंत की शुरुआत है! NEET, SSC और पेपर लीक से तबाह युवा जब शांतिपूर्ण मार्च निकालना चाहते हैं, तो ‘दमनकारी जनता पार्टी’ की पुलिस उनपर ज़ुल्म ढा रही है. छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए. सुन लो बड़बोले हुक्मरानों, ये सामाजिक न्याय और अधिकारों की लड़ाई है. नफरत और लाठी के दम पर तुम देश के भविष्य को नहीं कुचल सकते. विपक्ष पूरी मजबूती से छात्रों के साथ खड़ा है. जब युवा हुंकार भरेगा, तो तुम्हारी सत्ता का तंबू उखड़ जाएगा!”







