NEET पेपर लीक को लेकर बिहार में भी CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) का प्रदर्शन शुरू हो गया है। किशनगंज में CJP कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ‘धर्मेंद्र प्रधान गद्दी छोड़ो’…के नारे लगाए।पटना में AISF कार्यकर्ता पोस्टर लेकर उतरे हैं। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो। शिक्षा को बेचना बंद करो के नारे लग रहे हैं। कटिहार में भी छात्र बैनर-पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे। इस प्रदर्शन में महागठबंधन के नेता भी शामिल हुए। समस्तीपुर, मधेपुरा, मोतिहारी, बक्सर में AISF (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स’ फेडरेशन) और माले कार्यकर्ता भी बैनर, पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी हो रही है। गोपालगंज में पेपर लीक और महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाकपा-माले और ऐपवा ने प्रदर्शन किया है। महिलाएं हाथों में झंडे, बैनर लेकर सड़क पर उतरीं। इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो के नारे भी लगे।
22 जुलाई को AISA का राजभवन मार्च
पेपर लीक, शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ आज पटना कॉलेज में छात्रों का जुटान हुआ। छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISA) की ओर से “छात्र-युवा आक्रोश दिवस” मनाया गया।दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र-युवा आंदोलन और कॉकरोच जनता पार्टी को छात्रों ने समर्थन दिया। शिक्षा बेचना बंद करो और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो के नारे लगाए गए। 22 जुलाई को पटना यूनिवर्सिटी से छात्र राजभवन मार्च करेंगे।
नालंदा में पेपर लीक और केंद्र सरकार के खिलाफ AISA, CPI-M का प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक, शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ आयोजित छात्र-युवा संसद मार्च के समर्थन में सोमवार को नालंदा में CPI-M, AISA और RYA के आह्वान पर विरोध मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ चल रहे आंदोलन में सोनम वांगचुक, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, AISA नेता मनीष और आमीन पिछले कई दिनों से आमरण अनशन पर हैं। उनके समर्थन में संसद मार्च के तहत देशभर में विरोध प्रदर्शन किए गए।
नालंदा में विरोध मार्च की शुरुआत बिहारशरीफ के कमरुद्दीन गंज स्थित CPI-M कार्यालय से हुई। मार्च LIC, सरकारी बस स्टैंड होते हुए अस्पताल चौराहा पहुंचा, जहां यह सभा में तब्दील हो गया। शेखपुरा में सोनम वांगचुक के समर्थन में सोमवार को वाम दलों से जुड़े विभिन्न संगठनों ने विरोध मार्च निकाला। दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के विरोध में RYA, AISA और CPI-M के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
नालंदा में पेपर लीक और केंद्र सरकार के खिलाफ AISA, CPI-M का प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक, शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ आयोजित छात्र-युवा संसद मार्च के समर्थन में सोमवार को नालंदा में CPI-M, AISA और RYA के आह्वान पर विरोध मार्च निकाला गया।लंदा में विरोध मार्च की शुरुआत बिहारशरीफ के कमरुद्दीन गंज स्थित CPI-M कार्यालय से हुई। मार्च LIC, सरकारी बस स्टैंड होते हुए अस्पताल चौराहा पहुंचा, जहां यह सभा में तब्दील हो गया।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ चल रहे आंदोलन में सोनम वांगचुक, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, AISA नेता मनीष और आमीन पिछले कई दिनों से आमरण अनशन पर हैं। उनके समर्थन में संसद मार्च के तहत देशभर में विरोध प्रदर्शन किए गए।
किशनगंज में प्रदर्शनकारी बोले- सरकार बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही
किशनगंज में प्रदर्शन के दौरान आलिया नाज ने कहा, “मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूं कि मौजूदा व्यवस्था में मुझे कोई सकारात्मक बदलाव नजर नहीं आ रहा है। इस देश में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है, जबकि शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण विषय है।”उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ न हो।
जनसुराज नेता इशाक आलम बोले- धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए
किशनगंज में जन सुराज पार्टी के जिलाध्यक्ष इशाक आलम ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पेपर लीक की घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था।उन्होंने कहा कि नेपाल और बांग्लादेश में छात्र आंदोलनों के कारण सरकारों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। यदि छात्रों की मांगों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में केंद्र सरकार को भी व्यापक जनविरोध का सामना करना पड़ सकता है।इशाक आलम ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
दरभंगा में AISA, RYA, CPI-M ने निकाला मार्च
दरभंगा में पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को पोलो मैदान स्थित धरनास्थल पर ‘छात्र-युवा आक्रोश दिवस’ मनाया गया। यह कार्यक्रम AISA, RYA और CPI-M के संयुक्त आह्वान पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन AISA नेता मिथिलेश कुमार ने किया, जबकि अध्यक्षता RYA के राज्य सह सचिव संदीप कुमार चौधरी ने की।वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें शिक्षा व्यवस्था को सुधारने में विफल रही हैं। उनका कहना था कि लगातार हो रहे पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के कारण लाखों छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। साथ ही परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।उन्होंने पेपर लीक की सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, प्रभावित छात्रों को न्याय और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी मांग की।
पूर्णिया में भूख हड़ताल पर बैठे छात्र-छात्राएं
पूर्णिया के थाना चौक पर सोमवार को युवाओं और छात्रों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल की। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने NEET पेपर लीक मामले के विरोध के साथ-साथ सोनम वांगचुक के समर्थन में भी अपनी आवाज बुलंद की।सैकड़ों छात्र-छात्राएं इस प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में कथित धांधली के खिलाफ नाराजगी जताई और आंदोलनकारियों के साथ हो रही कार्रवाई का भी विरोध किया।सुबह से ही थाना चौक पर छात्रों का जुटना शुरू हो गया था। भूख हड़ताल पर बैठे युवाओं का कहना था कि सोनम वांगचुक देश और पर्यावरण के हित में लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन उनके साथ अपनाया जा रहा रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है।
RJD नेता बोले- पेपर लीक से PM मोदी को कोई फर्क नहीं पड़ता
NEET पेपर लीक को लेकर कटिहार में विपक्ष के नेता सड़कों पर उतरें हैं। प्रोटेस्ट के दौरान RJD के प्रदेश महासचिव समरेंद्र कुणाल ने कहा, ‘देश में धार्मिक नजरिए से शैक्षणिक संस्थाओं को बंद किया जा रहा है। एक-एक कर स्कूल कॉलेज विश्विद्यालय को बंद किया जा रहा है।UPSC, BPSC, NEET जैसे परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक किया जा रहा है, नतीजतन गरीब मध्यम वर्ग से आने वाले छात्र छात्राओं का रिजल्ट गड़बड़ हो रहा है। पूंजीपतियों के बच्चों के लिए प्रश्नपत्र लीक किया जा रहा है। अब तक दर्जनों छात्र छात्राओं ने आत्महत्या कर लिया।
PM मोदी को कोई फर्क नहीं पड़ता। दिल्ली जंतर मंतर पर आमरण अनशन तुड़वा के जगह अनशन पर बैठे विश्व पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस सफेद कपड़ा में लपेट कर उठा लिया, नेहा बोहरा जीवन और मौत के बीच जूझ रही है।’
कटिहार में कांग्रेस नेता बोले- NTA सही तरीके से एग्जाम नहीं ले पा रहा
कटिहार में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता प्रेम राय ने कहा, “NTA सही तरीके से परीक्षा नहीं ले पा रहा है, छात्र छात्राओं के चेहरे को देखिए ये लोग सालभर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा से क्या होता है पेपर लीक, इनके सपने चकनाचूर हो रहे हैं। परीक्षा की तैयारी करने से सिर्फ मेहनत बर्बाद हो रहा है। PM मोदी की सरकार में नैतिकता नाम की कोई चीज नहीं बची है।”
जमुई में भाकपा माले का धरना प्रदर्शन
जमुई में भी भाकपा माले के नेताओं ने छात्र युवा आक्रोश दिवस के बैनर तले नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर धरना दिया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। धरना में शामिल लोगों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा और जंतर मंतर का चल रहे आंदोलन का समर्थन किया। भाकपा माले के नेताओं में शहर कचहरी चौक स्थित डॉ भीम राव अम्बेडकर के प्रतिमा स्थल के सामने धरना प्रदर्शन दिया।






