शारदीय नवरात्र में नौ दिनों में नौ दुर्गा के अलग–अलग स्वरूपों की पूजा‚ उपासना के बाद विजया दशमी बुधवार के अलावा एकादशी वृहस्पतिवार को भी देवी माता की प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। नौ दिनों की शक्ति उपासना के बाद दसवें दिन श्रद्धालुओं ने नम आंखों से माता को विदाई दी। श्रद्धालुओं ने शस्त्र पूजा‚ जयंती धारण कर विजयादशमी का पर्व मनाया। इस दिन देवी की विदाई हाथी पर हुई। आगमन भी हाथी पर हुआ था। देवी पुराण के अनुसार हाथी पर भगवती दुर्गा की विदाई होने से आगामी साल में उत्तम वृष्टि के आसार होते हैं‚ जो कृषि‚ पर्यावरण तथा आम जनमानस के लिए शुभ होता है। वही नवरात्र में व्रत रखने वाले तथा फलाहार करने वाले श्रद्धालुओं ने नम आखों से देवी की विदाई एवं पूजन अवशिष्ट विसर्जित करने के बाद पारण कर अपना व्रत पूर्ण किया। पूजा पंडालों में स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। शनिवार को भी विर्सजन जारी रहा। गंगा नदी में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन।
विजयादशमी को शुभ कार्य का रहा उत्तम मुहूर्त
विजयादशमी का दिन ऐसा दिन होता है‚ जिसमें दसों द्वार खुला होने से सभी तरह के शुभ कार्य करना उत्तम होता है। सिद्ध मुहूर्त होने के कारण इसमें कोई मुहूर्त या समय काल देखने की आवयश्कता नहीं है। बुधवार को भी भूमि पूजन‚ गृहप्रवेश‚ सगाई‚ नूतन व्यापर आरंभ‚ सत्यनारायण पूजा‚ वाहन की खरीदी हुई।
माता की भक्ति से मिलती है शक्ति : शारदीय नवरात्र में माता के कुछ उपासक नौ दिनों तक फलाहार पर ही देवी की आराधना में लीन रहे। वही कुछ भक्त दिन में फलाहार तथा रात्रिकाल में शुद्ध व सात्विक अन्न ग्रहण करते थे। इसके बावजूद भागदौड भरी जिंदगी में परिवार का भरण–पोषण करने के लिए वे पूजा आराधना के बाद अपने कायोंर् का बखूबी निष्पादन भी करते रहे। उन्हें इतनी शक्ति‚ ऊर्जा माता की भक्ति से ही मिलती है।
देवी प्रतिमाओं का विसर्जन गुरुवार को भी देर रात तक चलता रहा। बुधवार को पुराना सिटी कोर्ट के समीप में श्री श्री बड़ी देवी जी मिलन समारोह समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में श्री बड़ी देवी जी‚ मारूफगंज व छोटी बहन‚ महाराजगंज का मिलन व खोइछा की अदला–बदली देर रात हुई। जय माता दी के जयघोष व वैदिक मंत्रोच्चर की गूंज से माहौल भक्तिमय हो गया था। मिलन स्थल पर छोटी बहन महाराजगंज बड़ी देवी जी अपनी बड़ी बहन श्री श्री मारूफगंज की प्रतीक्षा कर रही थीं। मारुफगंज की प्रतिमा के ढाई बजे रात को पहुंचते ही पूजा प्रबंधक अंजन साहा और महाराजगंज के पुजारी आचार्य पंडि़त रमाकांत मिश्र व सिद्धि मिश्र ने वैदिक मंत्रोच्चर के बीच भगवती के फूल माला व खोइछा की अदला–बदली की। आयोजन में बड़ी देवी जी मारूफगंज के उपाध्यक्ष संत लाल गोलवारा‚ सचिव ड़ॉ. राजेश कुमार‚ बड़ी देवी जी महाराजगंज के अध्यक्ष सह पूर्व पार्षद प्रमोद गुप्ता‚ पूर्व पार्षद विनोद गुप्ता समेत अन्य शामिल थे। श्री श्री बड़ी देवी जी मिलन समारोह समिति की ओर से पुरोहित मनोज कुमार भट्ट ने भगवती की आरती उतारी। कार्यक्रम का संचालन जगत किशोर प्रसाद ने किया।
आयोजन में महापौर प्रतिनिधि शिशिर कुमार‚ रिंकु सिन्हा‚ बदरी गुप्ता‚ जगत किशोर समेत अन्य लोग सक्रिय थे। विसर्जन के लिए निकली शोभायात्रा के आगे श्रद्धालु सड़क को पानी से साफ करते व पुष्पा की वर्षा करते हुए चल रहे थे। भद्र घाट पर नवयुवक विकास सेवा समिति की ओर से पूर्व पार्षद लल्लू शर्मा के नेतृत्व में पूजा आयोजकों का स्वागत किया गया। प्रशासनिक सुरक्षा के बीच भद्र घाट‚ गायघाट व कंगन घाट पर .त्रिम तालाब के साथ गंगा नदी में भी देर रात तक प्रतिमाओं का विसर्जन चलता रहा। प्रतिमा विसर्जन के लिए अनुमंड़ल प्रशासन ने विसर्जन स्थल भद्र घाट व गायघाट पर अस्थायी थाना खोला था। वहां पर तैनात दंड़ाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी के साथ नगर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार‚ एएसपी अमित रंजन‚ एसड़ीओ मुकेश रंजन‚ वरीय उप समाहर्ता के साथ प्रशासन व पुलिस के आलाधिकारी‚ अर्द्धसैनिक बल के जवान देर रात तक ड़टे थे। एसड़ीओ ने बताया कि दो दिनों के अंदर करीब




