स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को संबोधित किया। अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने दिमागी नक्सलियों का जिक्र किया था। पीएम मोदी ने कहा कि हथियार वाले नक्सली तो चले गए, लेकिन समाज में ‘दिमागी नक्सली बचे हैं, इन्हें पहचान कर अलग करना होगा। पीएम मोदी के ‘दिमागी नक्सलियों’ वाले बयान का केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने समर्थन किया है। चिराग पासवान ने कहा कि ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।
‘दिमागी नक्सली’ विकसित भारत के निर्माण को नहीं देख सकते: चिराग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आज दिमागी नक्सलियों का जिक्र किया है। भारत ने एक तरफ जहां नक्सलवाद का खात्मा किया है, तो वहीं समाज में कुछ ऐसे लोग हैं, दिमागी तौर पर नक्सली है। ये वो लोग हैं, जो समाज में कहीं न कहीं अराजकता फैलाने की सोच रखते हैं। ये वो लोग हैं जो संभवतः विकसित भारत के निर्माण को नहीं देख सकते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी ने समाज से आग्रह किया है कि इन लोगों से सावधान रहें।
पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 साल में हर क्षेत्र में काम हुआ: चिराग पासवान
पटना में पत्रकारों से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि अगर आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 सालों के कार्य देखेंगे तो आपको हर क्षेत्र में, भले वो कृषि का क्षेत्र हो, शिक्षा का क्षेत्र हो, स्वास्थ्य का क्षेत्र हो, कंपेरेटिव स्टडी अगर आप करोगें तो आपको वो फर्क जरूर दिखाई देगा कि पिछले लगभग 70 सालों के आसपास कितना कार्य हुआ और उससे कितनी ज्यादा गति से पिछले 12 सालों में कार्य हुआ है।
छोटी सोच के साथ भारत को विकसित राष्ट्र नहीं बनाया जा सकता: केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विकास के लिए छोटे सपने नहीं, बल्कि बड़े सपने देखने की बात कही है। अगर हम विकसित भारत बनाने की कल्पना करते हैं तो प्रधानमंत्री की इस सोच का समर्थन करना होगा और बड़े लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ना होगा। छोटी सोच के साथ भारत जैसे विशाल देश को विकसित राष्ट्र नहीं बनाया जा सकता।
मैं मानता हूं कि जिस विकसित भारत का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा रखा गया है, उस लक्ष्य को हम लोग उसी तय समय-सीमा पर, जब भारत आजादी की 100वीं वर्षगांठ मना रहा होगा, तो एक विकसित भारत में हमारा तिरंगा लहरा रहा होगा।







