प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए हिंसा और अराजकता फैलाने वाली विचारधारा के खतरे को लेकर देशवासियों को आगाह किया. उन्होंने कहा कि हथियार उठाने वाले नक्सलवाद को काफी हद तक खत्म किया जा चुका है, लेकिन अब ‘दिमागी नक्सल’ की चुनौती को पहचानने और उससे सतर्क रहने की जरूरत है. प्रधानमंत्री ने ऐसे लोगों को अलग-थलग करने की जरूरत भी बताई. पीएम मोदी के इस बयान का केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पूरी तरह से समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘दिमागी नक्सल’ की बात बिल्कुल जरूरी मुद्दे के तौर पर कही है और देश के युवाओं को ऐसी सोच से बचाने की जरूरत है. उन्होंने प्रधानमंत्री के संदेश को देशहित से जुड़ा हुआ बताया.
‘दिमागी नक्सल से युवाओं को बचाना जरूरी’
जीतन राम मांझी ने कहा कि हथियार वाले नक्सलवाद को दबाया जा चुका है, लेकिन विदेशी तंत्र से लाभान्वित होकर भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाली मानसिकता से भी सतर्क रहना होगा. उन्होंने कहा कि देश के युवा इस तरह की विचारधारा के प्रभाव में न आएं, यह बेहद जरूरी है. मांझी ने कहा कि सिर्फ युवाओं को ही नहीं, बल्कि हर भारतवासी को इस मामले में सतर्क रहना चाहिए. उनके मुताबिक प्रधानमंत्री ने देश की जरूरत से जुड़ी महत्वपूर्ण बात कही है.
महिला आरक्षण पर सभी दलों से साथ आने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में महिला आरक्षण को जल्द लागू करने के लिए सभी राजनीतिक दलों से साथ आने की अपील की थी. उन्होंने कहा कि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने की दिशा में राजनीतिक दलों को सहयोग करना चाहिए. जीतन राम मांझी ने प्रधानमंत्री की इस अपील का भी समर्थन किया. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण देशहित, राजनीतिक हित और महिलाओं के हित में है. हर विधायक, सांसद और राजनीतिक दल को इसके लिए साथ आना चाहिए.
केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान विपक्ष पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हर भारतीय के लिए है, लेकिन विपक्ष जिस तरह की बातें कर रहा है, उससे ऐसा लगता है कि वह भारत को परतंत्र बनाए रखना चाहता है. मांझी ने आरोप लगाया कि विपक्ष विदेश से भारत को संचालित कराने की मानसिकता रखता है.
जीतन राम मांझी ने कहा कि देश की एकता, सुरक्षा और भविष्य को लेकर सभी को सतर्क रहना होगा. उनके मुताबिक हथियारबंद नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई के साथ ऐसी विचारधाराओं से भी मुकाबला जरूरी है, जो युवाओं को प्रभावित कर सकती हैं. वहीं महिला आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी दलों से प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करने की बात कही.






