बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने रविवार को यहां कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की तथा २०२४ के लोकसभा चुनाव में भाजपा को शिकस्त देने के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने पर जोर दिया। लालू–नीतीश की सोनिया से मुलाकात को २०२४ के आम चुनावों में भाजपा का मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों को एकजुट करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
सोनिया के १० जनपथ स्थित आवास पर हुई बैठक को विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है‚ क्योंकि कांग्रेस और कुछ क्षेत्रीय दलों के बीच मतभेदों को सुलझाने के प्रयास जारी हैं। अगस्त में बिहार में भाजपा से नाता तोड़़ने तथा राज्य में नयी सरकार बनाने के लिए राजद और कांग्रेस से हाथ मिलाने के बाद से कुमार की सोनिया गांधी से यह पहली मुलाकात है। लंबे समय के बाद‚ लालू प्रसाद की भी सक्रिय रूप से यह पहली राजनीतिक बैठक थी। वह कुछ समय से बीमार थे। बैठक के बाद‚ उन्होंने संवाददाताओं से कहा‚ ‘हमें भाजपा को शिकस्त देने के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट करना होगा। कांग्रेस अपना नया अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया में जुटी हुई है और सोनिया गांधी ने हमसे कहा है कि हम (कांग्रेस अध्यक्ष पद के) चुनाव के बाद फिर मिलेंगे।’ नीतीश ने कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए सभी विपक्षी दलों के हाथ मिलाने और साथ मिल कर काम करने की जरूरत है। बैठक के बाद बिहार के मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा‚ ‘भाजपा का मुकाबला करने के लिए सभी विपक्षी दल सहमत हैं और कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के बाद हम एक ठोस कार्य योजना पर चर्चा करेंगे।’ कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया जारी है और एक से अधिक उम्मीदवार रहने पर चुनाव १७ अक्टूबर को होगा। इससे पहले दिन में‚ कुमार ने कांग्रेस और वामपंथी दलों सहित सभी विपक्षी दलों से भाजपा का मुकाबला करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि “विपक्ष का मुख्य मोर्चा”२०२४ के लोकसभा चुनावों में भाजपा की करारी शिकस्त को सुनिश्चित करेगा।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल की जयंती पर आयोजित इंडि़यन नेशनल लोक दल (इनेलो) की रैली में २०२४ के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘मैं कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों से एकसाथ आने की अपील करता हूं‚तभी २०२४ के लोकसभा चुनाव में भाजपा बुरी तरह हारेगी। हिंदुओं और मुसलमानों के बीच कोई लड़़ाई नहीं है‚ वह (भाजपा) अशांति पैदा करना चाहती है। मैं प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं हूं; तीसरे मोर्चे का सवाल ही नहीं उठता‚ कांग्रेस को साथ लेकर एक मोर्चा होना चाहिए‚ तभी हम २०२४ में भाजपा को हरा सकते हैं।’ रैली में राष्ट्रीय जनता दल के नेता व बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि जनता दल (यूनाइटेड़)‚ शिरोमणि अकाली दल और शिवसेना ने संविधान तथा लोकतंत्र को बचाने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाले राजग का साथ छोड़़ा है। तेजस्वी ने भाजपा पर झूठे दावे और वादे करने का आरोप लगाया और इसे ‘बड़़का झूठा पार्टी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने अपनी हालिया जनसभा के दौरान बिहार के पूर्णिया जिले में एक हवाई अड्ड़ा होने की बात कही‚ जबकि शहर में कोई हवाई अड्ड़ा है ही नहीं। रैली में राकांपा सुप्रीमो शरद पवार ने कहा किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर धरना दिया‚ लेकिन सरकार ने लंबे समय तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। सरकार ने किसान नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने का वादा किया‚ लेकिन उसे पूरा नहीं किया। सभी के लिए २०२४ में सत्ता परिवर्तन सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने का समय आ गया है। किसानों‚ युवाओं का आत्महत्या करना कोई समाधान नहीं है।







