जनता दल यूनाइटेड के संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि 2024 में लोकसभा और 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव में आगे गठबंधन रहेगा या नहीं रहेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं दी जा सकती है।
उन्होंने कहा- यह भविष्य की बात है और भविष्य में क्या होगा इसकी कोई गारंटी नहीं है। हालांकि उपेंद्र कुशवाहा इस बात को भी कहते हैं कि फिलहाल गठबंधन ठीक है। लेकिन, आगे के भविष्य की कोई गारंटी हम लोग नहीं दे सकते हैं।
राष्ट्रपति – उपराष्ट्रपति चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को दिया है समर्थन
जदयू ने देश में हाल ही में हुए राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन दिया था। वहीं आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव में भी पार्टी ने भाजपा के जगदीप धनखड़ के समर्थन का ऐलान किया है।
हालांकि, सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राष्ट्रपति चुनाव के शपथ समारोह में नहीं पहुंचे, जिसको लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया। मंगलवार को बिहार मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से पत्र जारी कर बताया गया कि नीतीश कुमार कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं।
हमारा गठबंधन विकास के लिए है- भाजपा
उपेंद्र कुशवाहा के इस बयान पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि हमारा बिहार के विकास के लिए गठबंधन है। जिनको बिहार में विकास चाहिए वह इस गठबंधन के पक्ष में है। बिहार के लिए यह एक बेहतर अवसर है, क्योंकि केंद्र और बिहार की सरकार एक है और दोनों मिलकर बिहार के विकास को ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
मुझे लगता है कि जिनको बिहार में विकास होना चाहिए वह इस गठबंधन के पक्ष में है। गठबंधन के ऊपर कौन क्या बोलता है उससे कोई मतलब नहीं है। लेकिन, बिहार का विकास लोगों को पसंद है। बिहार की जनता ने इस गठबंधन पर मुहर लगा चुकी है। गठबंधन पर और किसी को बोलने का कोई औचित्य नहीं है।
2013 में टूट चुका है जदयू-भाजपा का गठबंधन
भाजपा की ओर से 2013 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री कैंडिडेट बनाए जाने के बाद जदयू ने गठबंधन तोड़ लिया था। हालांकि, 2017 में फिर से दोनों दल मिल गए और बिहार में सरकार बना ली।







