मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अधिकारियों को एक बार फिर दिशा–निर्देश दिया है। सोमवार को ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के बाद पत्रकारों द्वारा नई शिक्षा नीति से संबंधित पूछे गये सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विद्यालयों में पढाई और शिक्षकों की बहाली ठीक ढंग से हो। यह देखना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर बहुत सारे मामले सामने आये हैं। इन सब चीजों की जांच की जा रही है कि सही शिक्षकों की बहाली सही ढंग से हो रही है या नहीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से यह बात कही गयी है कि ठीक ढंग से शिक्षकों की बहाली हो। हमलोग चाहते हैं कि शिक्षकों की बहाली और तेजी से हो। शिक्षा विभाग इस मामले को देख रहा है। सीएम ने कहा कि अभी पहले के प्रावधान के अनुसार‚ राज्य सरकार कार्य कर रही है। इसको लेकर कानून में भी बदलाव करना होगा। राज्य सरकार की तरफ से इसे केंद्र को भेज दिया गया है। यह आज नहीं‚ बल्कि बहुत पहले की बात है। मातृभाषा में प्राइमरी एजुकेशन देने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों यहां पर पहले से ही यह व्यवस्था कर रखी है। हमलोग जब केंद्र सरकार में थे‚ उसी समय कई भाषाओं को मान्यता मिली थी। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी रेलवे से संबंधित एक कार्यक्रम में यहां आये हुए थे‚ तो वहीं पर लोगों ने इसको लेकर मांग की थी‚ जिसे अटल जी ने स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि कई भाषाओं को केंद्र सरकार से ही मंजूरी मिली हुई है। जिन भाषाओं को मान्यता नहीं मिली है‚ उसको लेकर भी केंद्र सरकार से आग्रह किया जाता है। स्थानीय भाषाओं की काफी महत्ता है॥। पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इतिहास को फिर से लिखे जाने की हो रही चर्चा के बीच सोमवार को कहा कि इतिहास की मूल प्रकृति को बिल्कुल भी नहीं बदला जा सकता है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इतिहास को फिर से लिखे जाने संंबंधी बयान के बारे में पूछे गये के सवाल का जवाब देते हुए कहा‚ ‘इतिहास की मूल प्रकृति को कैसे बदला जा सकता है। यह मेरी समझ से परे है कि इतिहास को कैसे बदला जा सकता है। इतिहास इतिहास है‚ यह एक वास्तविकता है। अगर भाषा बदलने का सवाल है‚ तो यह अलग बात है लेकिन इतिहास को कोई कैसे बदल सकता है।’ श्री शाह ने हाल ही में कहा था कि भारतीय इतिहास को फिर से लिखने की जरूरत है क्योंकि पहले के इतिहासकारों ने मुगल शासकों को बहुत महत्व दिया। वहीं‚ भारतीय शासकों की बहादुरी व योगदान को नजरअंदाज कर दिया गया था।
राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने में मेरी दिलचस्पी नहीं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इसमें उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है। खुद के राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कौन क्या बोलता है‚ मुझे नहीं पता। हमारी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार कौन होगा‚ अभी कुछ तय नहीं हुआ है‚ इसलिए अभी इस पर प्रतिक्रिया देना उचित नहीं है। इस पर राय– विचार होगा तब सब साफ हो जाएगा। हमलोग एनडीए में हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान कई राज्यों में हुई क्रॉस वोटिंग से संबंधित सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन राज्यों में सर्वसम्मति से चुनाव नहीं होता है‚ वहां के लोगों को इसको लेकर सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां २०१२ से राज्यसभा का चुनाव सर्वसम्मति से होता है। पहले यहां भी ऐसा कुछ होता था‚ लेकिन बाद में सभी पार्टियों के लोग इस पर सहमत हुए और उसके बाद से यहां राज्यसभा और विधान परिषद का चुनाव सर्वसम्मति से होता है। दूसरे राज्यों को बिहार के अनुभव का लाभ उठाना चाहिए। यहां राज्यसभा एवं विधान परिषद के चुनाव में आम सहमति के आधार पर फैसला होता है। हमलोग चाहते हैं कि विद्यालयों में शिक्षकों की बहाली और तेजी से हो बिहार में काफी पहले से है मातृभाषा में प्राइमरी एजुकेशन की सुविधा






