महीनों के इंतजार के बाद आखिरकार वह पल आ ही गया जिसका बिहार वासी लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे थे. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं हाइवे मंत्री नितिन गडकरी ने गंगा नदी पर बने ऐतिहासिक गांधी सेतु के दूसरे लेन का मंगलवार को उद्घाटन किया. उनके साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा बिहार के कई दिग्गज नेता और मंत्री भी मौजूद थे. इस मौके पर बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि गंगा नदी पर कई पुल का निर्माण किया जा रहा है. अब गांधी सेतु के दूसरे लेन से वाहन फर्राटा भर सकेंगे. फिलहाल एक ही लेन से वाहनों का आवागमन हो रहा था. इस वजह से लोगों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता था. दूसरा लेन शुरू होने से आमलोगों को ज्यादा कठिनाई का समाना नहीं करना पड़ेगा.
बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने इस मौके पर कहा कि गंगा नदी पर कई पुल का निर्माण कराया जा रहा है. उन परियोजनाओं पर काम भी चल रहा है. इसी कड़ी में महात्मा गांधी सेतु के सुपर स्ट्रक्चर में बदलाव किया गया. उन्होंने बताया कि गांधी के समांतर एक और पुल का निर्माण किया जा रहा है. नितिन नवीन ने आगे कहा कि बिहार में सड़क निर्माण परियोजनाओं को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिशा दी है. प्रदेश में कई महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण हो रहा है. इस मौके पर बिहार के पथ निर्माण मंत्री ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में जल्द ही ब्रिज मेंटेनेंस पॉलिसी लाई जाएगी, ताकि पुलों का सही तरीके से रख-रखाव किया जा सके.
बिहार में कार फैक्ट्री लगाने की मांग
बिहार की उपमुख्यमंत्री रेणु देवी भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुईं. इस मौके पर उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी कसे अपने क्षेत्र में वाहन और कार फैक्ट्री लगाने की मांग की. साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से गांधी सेतु को दोबारा से बनाया जा सका. उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि बिहार में नदियों पर लगातार पुलों का निर्माण किया जा रहा है. इससे प्रदेश के साथ राज्य का भी विकास होगा. वहीं, सांसद रवि शंकर प्रसाद ने बख्तियारपुर के दियारा क्षेत्र में भी एक पुल बनाने की मांग की है.
वैकल्पिक मार्ग को लेकर छह वर्ष पूर्व पीपापुल को हुआ था निर्माण
गांधी सेतु पर अक्सर जाम लगने को लेकर ही करीब पांच वर्ष पूर्व राज्य सरकार ने सेतु के समानांतर पीपापुल का निर्माण कराया था। साइकिल, बाइक एवं हल्के वाहन पीपापुल से ही होकर पटना से आते-जाते हैं। इससे गांधी सेतु पर वाहनों का लोड कम होने के कारण सेतु पर जाम से मुक्ति मिल जाती है। हालांकि लोगों को यह सुविधा यहां मुश्किल से छह माह ही मिल पाती है। गंगा नदी में जलस्तर कम होने के बाद पीपापुल का निर्माण किया जाता है एवं जलस्तर बढऩे के साथ पीपापुल को खोल दिया जाता है। दिसंबर माह से शुरू होकर पीपापुल 15 जून तक चलता है।
पटना जाने को अब जेपी सेतु ही एकमात्र विकल्प
हाजीपुर से पटना आने-जाने वाले लोगों के लिए पीपापुल के खुल जाने के बाद जेपी सेतु ही एकमात्र विकल्प रह जाता है। हालांकि, छपरा, सिवान एवं गोपालगंज के अलावा उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहन जेपी सेतु ही आते-जाते हैं। लेकिन उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, पश्चिमी चंपारण, समस्तीपुर, बेगूसराय, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, मधुबनी के अलावे अन्य जिलों एवं नेपाल से आने वाले लोग महात्मा गांधी सेतु का ही अक्सर इस्तेमाल करते हैं।
2017 में शुरू हुआ था निर्माण कार्य
गांधी सेतु के दूसरे लेन का निर्माण कार्य 15 जून 2017 को शुरू हुआ था. तब इसकी अनुमानित लागत 1382.40 करोड़ थी, लेकिन बाद में यह बढ़कर लगभग 2100 करोड़ हो गया है. इसके निर्माण में 66360 मिट्रिक टन स्टील, 25 लाख नट वोल्ट के अलावा 460 एलईडी लाइट भी लगाया गयी है. सेतु पर दो मीटर का फुटपाथ बनाया गया है; जिसपर साइकिल और पैदल लोग आवाजाही कर सकते हैं. इसके अलावा पहली बार इस सेतु में यूटिलिटी कॉरिडोर भी बनाया गया है. सेतु के पूर्वी लेन की लंबाई 5 किलोमीटर 575 मीटर है.







