कांग्रेस बिहार में रोजगार को मुद्दा बनाकर बड़ा आंदोलन करेगी। इसके साथ ही शिक्षा, चिकित्सा, किसान और मजदूर के मुद्दे को उठाकर सरकार को घेरने के निरंतर प्रयास भी होंगे। नेताओं ने यह संकल्प भी उठाया गया कि समाज को जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांट कर राजनीति करने वालों से सीधी टक्कर ली जाएगी। राजगीर में दो दिन के चिंतन शिविर में कांग्रेस नेताओं ने मंच से पार्टी की एकता-अखंडता का संकल्प लिया। तय हुआ कि अपने पुराने सहयोगी राजद के साथ रिश्तों पर बिहार कांग्रेस कोई फैसला नहीं लेगी। इस बारे में आलाकमान से ही रणनीति तय की जाएगी।
चिंतन शिविर में पार्टी में एक नई जान फूंकने की शपथ भी ली। इन दो दिनों में कोशिश होती रही कि पार्टी कार्यकर्ताओं में एक नए जोश का संचार हो। शिविर के आखिरी दिन नेताओं ने यह प्रस्ताव पास किया कि पार्टी राज्य में जनता के लिए, जनता के द्वारा संघर्ष की जमीन तैयार करेगी।
रोजगार शिक्षा के लिए जमीनी संघर्ष
समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा कि यह शिविर हर मायने में सफल रहा। पार्टी ने लंबे अरसे बाद कोई बड़ा कार्यक्रम किया। इस शिविर में पार्टी की मजबूती और अटूट भरोसे के साथ सभी कार्यकर्ताओं में एक नया उत्साह देखा गया। यही इस शिविर का उद्देश्य था। इस शिविर के माध्यम से पार्टी के नए एजेंडे पर भी प्रकाश डाला गया।
इस दौरान गठित छह समितियों द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। जिस पर चर्चा के बाद पार्टी ने यह तय किया है कि राज्य के सामाजिक और आर्थिक पुनरुद्धार के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता कड़ी मेहनत करेंगे। इसी के साथ रोजगार, शिक्षा और चिकित्सा के लिए जमीनी स्तर पर संघर्ष तेज किया जाएगा। कोरोना काल में जो मजदूर बिहार लौटे थे, उनका फिर बिहार से पलायन होना ङ्क्षचता का विषय है। इसलिए रोजगार को मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस बड़ा संघर्ष करेगी।
सरकार की विफलता को जनता तक पहुंचाने का संकल्प
पूर्व मंत्री शकीलुज्जमा अंसारी ने कहा कि सरकार की विफलताओं को जनता तक पहुंचाने का काम करेंगे। वे पीएम मोदी पर जमकर भड़के। कहा कि इस सरकार में संविधान की अवहेलना हो रही है। जनता एवं किसानों का काम जटिल हो गया है तो नौजवानों को नौकरी के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। पीएम मोदी जरूरी मुद्दों से भटका कर जातिवाद के नाम पर दिग्भ्रमित कर रहे हैं।
गिरिराज पर हमला करते हुए कहा कि वे तो सबको पाकिस्तान भेज देना चाहते हैं। आरजेडी की गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस नव संकल्प शिविर के बाद आलाकामान जो फ़ैसला लेगा, उस पर अमल किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान राहुल गांधी के संघर्ष और प्रयासों की सराहना भी की।
नेताओं ने कई प्रस्ताव पेश किए
समापन सत्र में पूर्व मंत्री अवधेश सिंह ने राजनीतिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कृषि और किसानों से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया। युवा मामलों एवं बेरोजगारी से जुड़ा प्रस्ताव विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा ने सामने रखा। विधायक डा. शकील अहमद खान ने सामाजिक न्याय विषय पर तैयार रिपोर्ट जारी किया। आनंद माधव ने आर्थिक रिपोर्ट सामने रखा तो विधायक पूनम पासवान ने संगठन विषय पर तैयार रिपोर्ट पेश किया।
ये प्रमुख नेता रहे मौजूद
राज्यसभा सदस्य डा. अखिलेश कुमार सिंह, सांसद मो. जावेद, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. शकील अहमद, पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा, वरीय कांग्रेस नेता प्रो. शशिकांत प्रसाद, विधायक राजेश राम, विधायक शकील अहमद खान, अमित कुमार पासवान, इंटक के चन्द्रप्रकाश सिंह, नीतू सिंह, पूनम पासवान, असित नाथ तिवारी, आनंद माधव, प्रेमचन्द्र मिश्रा, कृपानाथ पाठक, श्याम सुंदर सिंह धीरज, बृजलाल खबरी, जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह।







