सूबे में अपने संसाधन से जाति आधारित जनगणना कराये जाने के लिए बहुप्रतीक्षित सर्वदलीय बैठक बुधवार को संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सभी दलों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि प्रदेश में यह जनगणना शीघ्र कराई जाएगी और इससे संबंधित प्रस्ताव को मंत्रिमंडल से स्वीकृत कराया जाएगा। इस बैठक में नौ दलों के प्रतिनिधि शामिल थे॥। नीतीश ने जाति आधारित जनगणना कराये जाने के मुद्े पर उनकी अध्यक्षता में आज यहां संपन्न सर्वदलीय बैठक के बाद कहा कि सभी दलों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि प्रदेश में जाति आधारित जनगणना कराई जाएगी। इससे संबंधित निर्णयों को ड्राफ्ट का रूप देकर मंत्रिमंडल की बैठक में लाया जाएगा। इस जनगणना में सभी धर्म की जातियों एवं उपजातियों की भी गणना कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति आधारित जनगणना कराने के लिए वित्तीय व्यवस्था भी करनी होगी इसलिए इससे संबंधित प्रस्ताव को शीघ्र ही मंत्रिमंडल की बैठक में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस जनगणना के लिए समय सीमा भी तय की जाएगी। जातीय जनगणना कराने को लेकर विज्ञापन भी दिया जाएगा। सभी दलों को जानकारी दी जाएगी। इसको लेकर अधिकारियों को लगाया जाएगा। कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए जितने भी पैसों की जरूरत होगी‚ उसका भी इंतजाम किया जाएगा।
नीतीश ने जाति आधारित जनगणना कराने में किसी भी तरह की राजनीतिक बाधा की संभावना से इनकार किया और स्पष्ट किया कि भाजपा इसके विरोध में नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने केवल इतना कहा था कि ऐसी जनगणना राष्ट्रीय स्तर पर नहीं कराई जा सकती। यदि राज्य सरकार चाहे तो अपने संसाधन से जाति आधारित जनगणना करा सकती है। मुख्यमंत्री के अलावा‚ संसदीय कार्यमंत्री सह शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी‚ और ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने जदयू की ओर से बैठक में भाग लिया। उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने बैठक में अपनी पार्टी का प्रतिनिधित्व किया। विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव और राजद सांसद मनोज झा‚ विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा‚ ऑल इंडिया मजलिस–ए–इत्तेहाद–उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) विधायक अख्तरुल ईमान और भाकपा–माले के विधायक महबूब आलम के साथ ही हम‚ भाकपा और माकपा के प्रतिनिधि बैठक में मौजूद रहे।







