विधानसभा में शुक्रवार को बिहार दिवस समारोह के दौरान बीमार पड़े़ बच्चों का मामला सदन में गूंजा। सदन की कार्यवाही प्रारंभ होते ही इस मसले को लेकर विपक्ष हंगामा करने लगा। हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही ११.४५ बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। फिर सदन की कार्यवाही १२ बजे प्रारंभ होते ही फिर हंगामा होने लगा। हंगामा को देखते हुए विधान सभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने सदन की कार्यवाही २ बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी गयी। इसके बाद सदन की कार्यवाही प्रारंभ हुई तो बिहार दिवस के दिन राज्य के विभिन्न जिलों में पटना से आये छात्रों के सरकारी खाना खाने से बीमार पड़ जाने का मामला उठा। इस पर शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मामले की छानबीन चल रही है। जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे‚ उन पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि कल जो बीमार बच्चे पीएमसीएच में भर्ती कराए गए थे‚ अब सुरक्षित हैं। अपने घर चले गए हैं‚ लेकिन विभाग से जो चूक हुई है। उसकी जांच की जा रही है। मामले को संज्ञान में हमने लिया है‚ जो भी दोषी होंगे उन पर सरकार कार्रवाई करेगी।
इससे पहले आज विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही माले के विधायकों ने शिक्षक नियुक्ति को लेकर हंगामा किया। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि आप नियम से सवाल उठाइएगा। अभी अपने सीट पर जाएं। हम सत्ता या विपक्ष के दबाव में नहीं आएंगे। इसके बाद राजद के भाई बीरेंद्र ने सवाल किया कि खाद एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में २०१३–१४ से १८–१९ में सब्सिडी की राशि वसूली करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या नहीं। इस पर मंत्री लेसी सिंह लंबा जवाब दे रही थीं। लेकिन भाई बीरेंद्र ने कहा कि मंत्री सदन को गुमराह करने वाला जवाब दे रही हैं। भ्रामक जवाब है। इस पर मंत्री ने सीएजी की रिपोर्ट का हवाला दिया।
तब अध्यक्ष ने मंत्री को डांट लगाई कि आप के अधिकारी बिना गंभीरता से जवाब दिए हैं। यह आसन का समय बर्बाद करने वाला जवाब है। सीएजी की रिपोर्ट आपने पढी‚ लेकिन यह तो विधानसभा की लोक लेखा समिति के पास है। आपने कैसे उससे जवाब दे दिया। आप के जवाब की वजह से आज अल्पसूचित प्रश्न का समय खत्म हो गया। इसके बाद मंत्री लेसी सिंह ने भाई बीरेंद्र को कहा कि आप जबरदस्ती नहीं कर सकते। आप हमारे साथ पहले भी काम कर चुके हैं। हम सब साथ ही थे। आप का सवाल ही गलत है। इस पर भाई बीरेंद्र ने कहा कि ‘मैडम मैं किसी महिला के साथ जबरदस्ती नहीं करता।
आप के साथ हमने कभी जबरदस्ती नहीं की। इस तरह का आरोप नहीं लगाएं।’ विधानसभा में तेजस्वी यादव के जातिगत जनगणना का सवाल सदन में नहीं उठाए जाने पर राजद और माले ने हंगामा कर दिया। विपक्ष का कहना था कि यह नेता विरोधी दल का सवाल था‚ सदन के नेता कहां हैं‚ वह जवाब दें। अध्यक्ष ने सदन में हंगामा करने वाले विधायकों को डांटा। कहा कि आप के मन का सवाल नहीं होगा तो आप लोग सदन नहीं चलने दीजिएगा इस तरह सदन का प्रश्नकाल नहीं चलेगा। हालांकि इस बीच विपक्ष नारेबाजी करता रहा।‘ वोट हमारा‚ राज तुम्हारा’‚ ‘ जिसकी जितनी आबादी‚ उतनी हिस्सेदारी’ के नारे लगाए। अध्यक्ष ने कहा कि जब प्रश्न का समय समाप्त हो गया तो प्रश्नकाल कैसे चलेगा विपक्ष की जबरदस्ती से नहीं चलेगा।







