भवन निर्माण मंत्री अशोक कुमार चौधरी ने कहा कि विगत १५ वर्ष राज्य में भवन निर्माण के क्षेत्र में स्वर्णिम काल रहा है जब राज्य में बडी संख्या में अभियंत्रण महाविद्यालयों‚ आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक भवनों‚ सरदार पटेल भवन‚ सम्राट अशोक कन्वेंशन केन्द्र‚ सभ्यता द्वार‚ बिहार म्यूजियम जैसे भवनों का निर्माण हुआ है तथा एपीजे साइंस सिटी‚ पटना‚ वैशाली सम्यक दर्शन‚ राज्य खेल अकादमी–सह–अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम‚ राजगीर‚ बापू टावर जैसे सिग्नेचर भवनों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने सभी नवनियुक्त सहायक अभियंताओं को शुचितापूर्ण एवं मनोयोग से अपनी सेवा देने हेतु निर्देशित किया और कहा कि विभाग उनके अभिभावक की तरह उनके साथ रहेगा।
मंत्री शनिवार को ज्ञान भवन में भवन निर्माण विभाग के नवनियुक्त १३३ सहायक अभियंताओं (असैनिक) के लिए तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का उद्घाटन कर रहे थे। इस अवसर पर भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि‚ अभियंता प्रमुख सह–अपर आयुक्त सह विशेष सचिव राकेश कुमार सहित समस्त प्रशासनिक तथा तकनीकी पदाधिकारियों ने भाग लेकर नव पदस्थापित सहायक अभियंताओं को उनके आने वाले सेवा काल के संबंध में जानकारी तथा शुभकामनायें दीं। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित बिहार अभियंत्रण सेवा के १३३ सहायक अभियंता स्तर के पदाधिकारियों का पदस्थापन भवन निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न प्रमंडलों–अचलों एवं निरूपण अनुश्रवण आदि क्षेत्रों में किया गया है। इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम में सभी पदाधिकारियों को विभाग की संस्थागत संरचना‚ निविदा प्रक्रिया‚ बिहार लोक निर्माण संहिता‚ बिहार सेवा संहिता‚ बिहार लोक वित्त संहिता आदि के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों से अवगत कराया जा रहा है।
इस अवसर पर विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि विभाग में भारी संख्या में सहायक अभियंताओं की कमी थी। नवनियुक्त सहायक अभियंताओं के पदस्थापन के बाद यह कमी दूर हो जायेगी तथा विभाग की योजनाओं को गति मिलेगी। कुल पदस्थापित १३३ सहायक अभियंताओं में से कुल ३३ महिला सहायक अभियंता हैं जो राज्य में महिला सशक्तिकरण का प्रतीक हैं।







