रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के दौरान भारतीय खेमे के लिए कई अच्छी खबरें आइ। मसलन; नागरिकों को निकालने के लिए रूस और यूक्रेन में सुरक्षित गलियारे पर सहमति बनी है। साथ ही नई दिल्ली ने रूस के इस दावे का खंड़न किया है कि भारतीय बच्चों को यूक्रेन ढाल बना रहा है और कई बच्चे अभी यूक्रेन की सेना की गिरफ्त में हैं। इसके अलावा एक और राहत भरी बात यह है कि ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत केंद्र सरकार ने २४ मंत्रियों और ८० उड़़ानों को सुरक्षित निकासी के काम में लगाया है। कहा जा सकता है कि शुरुआती झिझक और सुस्ती के बाद भारतीय अफसर ज्यादा संजीदगी से कामों को अंजाम दे रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के बयान को सच मानें तो अब तक करीब १५ हजार बच्चे यूक्रेन से सुरक्षित निकाले जा चुके हैं। लोगों को जल्द और सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। ज्यादा–से–ज्यादा लोगों को वहां से निकालने के लिए विमानों के फेरे बढ़ाए गए हैं। सबसे खास बात यह है कि यूक्रेन के पड़़ोसी देशों रोमानिया‚ हंगरी और पालैंड़ की सरकारों ने भारतीय हितों का बखूबी ख्याल रखा और बच्चों की सकुशल निकासी में अहम भूमिका अदा की। वकाई में यह भारतीय विदेश नीति और कूटनीति की बड़़ी जीत मानी जाएगी। निश्चित तौर पर यूक्रेन में मौजूद सभी बच्चों की जब तक सुरक्षित निकासी नहीं हो जाती है‚ केंद्र सरकार के लिए हालात तनावपूर्ण होंगे। हालांकि कई छात्रों ने अपनी आपबीती में भारतीय दूतावास में कार्यरत अफसरों की संवेदनहीनता का जिक्र किया है‚ उस मसले पर भी सरकार को चिंतन करना होगा। संकट के समय अगर दूतावास ही आंखें मूंद ले तो छात्र किससे मदद की उम्मीद करेंगेॽ घंटो पैदल चलते और भूखे–प्यासे बच्चों के लिए राहत का रत्ती भर भी इंतजाम नहीं करना वाकई दुखद है। लिहाजा सरकार को ऐसे अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। खैर‚ अभी सरकार की प्राथमिकता वहां फंसे अपने नागरिकों की वापसी होनी चाहिए और निःसंदेह यह काम प्राथमिकता के साथ अंजाम दिया जा रहा है। हां‚ दो बच्चों की मौत तकलीफदेह है। देखना है‚ यहां पहुंचने वाले बच्चों की शिक्षा को लेकर सरकार क्या निर्णय लेती हैॽ
समृद्धि यात्रा में आज दरभंगा दौरे पर सीएम नीतीश, 145 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के तहत आज वे दरभंगा पहुंचेंगे, जहां 105 करोड़ की 50 योजनाओं का शिलान्यास...







