मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति (एससी–एसटी) वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति एवं मेधावृत्ति योजनाओं का संचालन ठीक से करने का निर्देश दिया है। बृहस्पतिवार को एक अणे मार्ग में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में एससी–एसटी वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है। इस वर्ग के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलायी गयी हैं।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए संचालित योजनाओं की अद्यतन स्थिति का आकलन करने और उसके आधार पर और चीजों को बेहतर करने का निर्देश दिया‚ ताकि इनका समुचित विकास हो सके। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति एवं मेधावृत्ति योजनाओं का संचालन ठीक से करते रहें‚ ताकि इसका लाभ छात्र–छात्राओं को मिलता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन के साथ–साथ बौद्धिक एवं सांस्कृतिक विकास को लेकर सामुदायिक भवन–सह–वर्क शेड का निर्माण कराया गया है। इसमें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करायी गई हैं। इन सभी सामुदायिक भवनों की फंक्शनलिटी‚ मेंटेनेंस को लेकर आकलन करें‚ ताकि इसको और उपयोगी एवं बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि थरुहट समाज के लिए चलायी गई विकासात्मक योजनाओं की अद्यतन स्थिति का भी आकलन करें और इस समाज के विकास के लिए सभी जरूरी कार्य करें। पुराने जर्जर छात्रावासों को नये भवन के रूप में परिणत किया जाना है‚ इसलिए उनका निर्माण कार्य तेजी से पूरा करें। आवासीय विद्यालयों में छात्र छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए दीदी की रसोई के माध्यम से मेस संचालन कराया जा सकता है। छात्रावासों में छात्र छात्राओं को प्रति माह १५ किलोग्राम की दर से खाद्यान्न आपूर्ति की व्यवस्था जारी रहे‚ इसे सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति की ५० हजार से ज्यादा की आबादी वाले प्रखंडों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति मॉडल आवासीय विद्यालय की स्थापना के लिए भूमि की उपलब्धता‚ विद्यालय का मॉडल सहित अन्य जरुरी चीजों का आकलन करें। बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री संतोष कुमार सुमन‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार‚ मुख्य सचिव त्रिपुरारी ारण‚ विकास आयुक्त आमिर सुबहानी‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार और अनुपम कुमार‚ अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के सचिव दिवेश सेहरा‚ मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।






