स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि समुदाय स्तर पर परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता और स्वीकार्यता पर सरकार का पूरा जोर है। इसके व्यापक प्रचार–प्रसार को लेकर विभाग पहल करने जा रहा है। इसके तहत अब हर माह की 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है। सितंबर २१ को पहली बार इसका आयोजन होगा। इस दिवस पर सभी चिकित्सा संस्थानों पर परिवार नियोजन को बढावा देने को लेकर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगीं। श्री पांडेय ने बताया कि परिवार नियोजन सेवाओं को सुलभ बनाने के उद्ेश्य से इस कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है। इससे अनचाहे गर्भ‚ मातृत्व मृत्यु दर‚ नवजात मृत्यु दर व प्रसव संबंधी जटिलता के मामलों में कमी लायी जा सकती है। आम लोगों तक नियोजन सेवाओं की आसान पहुंच से असुरक्षित गर्भपात के मामलों में कमी आएगी। मातृत्व व शिशु मृत्यु दर में गिरावट‚ एचआईवी संक्रमण से बचाव‚ महिला सशक्तिकरण के साथ–साथ सामाजिक व आर्थिक विकास को तेज किया जा सकता है। विशेष दिवस के दिन नियोजन संबंधी विकल्पों में से इच्छुक दंपति किसी एक का चयन करते हैं‚ तो उन्हें सुविधा उपलब्ध कराने का सारा इंतजाम होगा। चिकित्सा संस्थानों पर आयोजित होने वाले परिवार नियोजन दिवस का क्षेत्र में व्यापक प्रचार–प्रसार कराया जायेगा॥। श्री पांडेय ने बताया कि आयोजन की सफलता को लेकर हर स्तर पर अनुश्रवण व मूल्याकंन का इंतजाम सुनिश्चित कराया जायेगा। इसी तरह प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर माह की नौ तारीख को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की काउंसिलिंग का इंतजाम सुनिश्चित कराया जायेगा। एएनसी जांच के लिये आने वाली महिला व उनके परिजन को नियोजन संबंधी उपायों के प्रति जागरूक करते हुए उनका पंजीकरण किया जायेगा। परिवार नियोजन दिवस के सफल क्रियान्वयन के लिए जिलों में तैयारियां पूरी कर ली गइ हैं।
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