बिहार में एकबार फिर जहरीली शराब से मौत हुई है। मोतिहारी में 4 लोगों की जान चली गई, जबकि 15 की हालत गंभीर है। इनमें से 6 की आंखों की रोशनी चली गई है। सभी का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। बीमार लोगों में से 3 की हालत नाजुक बनी हुई है। मामला रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव से शुरू हुआ और अब आसपास के इलाकों में फैल गया है। दो लोगो की मौत आज सुबह शुक्रवार को हुई, इलाज के दौरान परीक्षण मांझी (46), और हीरालाल महतो की मौत हो गई। जबकि पहली मौत कल सुबह और दूसरी कल गुरुवार रात को हुई।
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक बार फिर जहरीली शराब कांड की खबर सामने आई है, जिसने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है. रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव में कथित रूप से स्प्रिट (जहरीली शराब) पीने से एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत हो गई, जबकि कई लोग बीमार पड़ गए हैं. जानकारी के मुताबिक, तुरकौलिया थाना क्षेत्र के जयसिंहपुर पंचायत निवासी चंदू (पिता–सुरेश प्रसाद), जो पेशे से टेम्पू चालक था, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.
वहीं रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव के लोहा सिंह और लड्डू साह उर्फ जितेंद्र शाह की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज निजी नर्सिंग होम में चल रहा है. डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल दोनों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है.
आंखों की रोशनी चली गई
बीमार लोहा सिंह ने बताया कि उन्होंने रात में स्प्रिट का सेवन किया था, जिसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और अब उन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा है. उनकी पत्नी खुशबू कुमारी ने बताया कि वे अक्सर उन्हें शराब पीने से मना करती थीं, लेकिन वे नहीं मानते थे. परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर है.
चोरी-छिपे इलाज करा रहे कई लोग
सूत्रों के अनुसार, इस कांड में और भी कई लोग बीमार हुए हैं, जो डर या बदनामी के कारण चोरी-छिपे इलाज करवा रहे हैं. इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है.
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई है. रघुनाथपुर थाना की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है. बताया जा रहा है कि शराब बेचने वाले का पता चल गया है और दो लोगों को हिरासत में लिया गया है. अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.
सर्च ऑपरेशन जारी
डीआईयू (जिला खुफिया इकाई) और एएलटीएफ (एंटी लिकर टास्क फोर्स) की टीम तुरकौलिया के परसौनी मुसहरी टोला समेत कई इलाकों में सघन सर्च अभियान चला रही है. एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को भी जांच में लगाया गया है, ताकि जहरीले पदार्थ की पुष्टि हो सके.
प्रशासन अलर्ट मोड में
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम और एसडीपीओ मौके पर कैंप कर रहे हैं. वहीं एसपी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
बढ़ती घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
मोतिहारी में जहरीली शराब से जुड़ी यह घटना एक बार फिर कानून-व्यवस्था और शराबबंदी की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रही है. लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से साफ है कि अवैध शराब का धंधा अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है. फिलहाल, प्रशासन पूरे मामले की तह तक जाने में जुटा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर यह जहरीली शराब कहां से आई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं.