मधुबनी विधानसभा सीट बिहार के मधुबनी जिले में स्थित है और मधुबनी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इस विधानसभा क्षेत्र का चुनावी इतिहास काफी समृद्ध और विविध है। 1951 में पहली बार चुनाव हुए थे, जब यहां मुख्य रूप से कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा था। 1967 से 1972 तक यह सीट भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कब्जे में रही थी।
2000 से 2010 के बीच भाजपा के रामदेव महतो चार बार लगातार इस सीट पर जीतने वाले विधायक रहे। फिर 2015 और 2020 में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के समीर कुमार महासेठ ने इस सीट पर जीत हासिल की। राजद ने पिछले तीन चुनाव लगातार इस सीट पर कब्जा बनाए रखा है। 2020 में समीर कुमार महासेठ ने विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सुमन कुमार महासेठ को करीब 6,800 वोट से हराया था। तब से राजनीतिक समीकरण बदल चुके हैं, जहां VIP राजद के महागठबंधन में शामिल हो चुकी है, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) एनडीए में लौट आई है।
मधुबनी सीट पर आमतौर पर भाजपा, राजद, जेडीयू, एलजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला होता रहा है। 2025 में भी यह सीट राजनीतिक दृष्टि से बेहद प्रतिस्पर्धात्मक रहेगी, जहां राजद के लिए समीर कुमार महासेठ और एनडीए के अन्य गठबंधन दलों के बीच प्रमुख टक्कर देखने को मिलेगी।
संक्षेप में, मधुबनी विधानसभा सीट पर 2025 का चुनाव मुख्य रूप से राजद और एनडीए गठबंधन के बीच होगा, जहां राजद की पिछली जीत और पार्टी संगठन की मजबूती को ध्यान में रखा जाता है, लेकिन भाजपा और गठबंधन पार्टियों का भी मजबूत प्रतिरोध रहने की संभावना है.
चुनावी इतिहास
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2020 में राजद के समीर कुमार महासेठ ने विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के सुमन कुमार महासेठ को 6,814 वोटों से हराया था।
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2015 में भी समीर कुमार महासेठ (राजद) ने जीत दर्ज की, भाजपा दूसरे स्थान पर रही।
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2010 में भाजपा के रामदेव महतो ने बेहद ही मामूली अंतर से जीत हासिल की थी।
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2005 और 2000 में जदयू और निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली थी।
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1980 और 1985 में यह सीट कांग्रेस के पास थी।
| साल | विजेता | पार्टी | वोट अंतर/शेयर |
|---|---|---|---|
| 2020 | समीर कुमार महासेठ | राजद | 6,814 |
| 2015 | समीर कुमार महासेठ | राजद | 7,307 |
| 2010 | रामदेव महतो | भाजपा | 588 |
| 2005 | मनोरंजन सिंह | जदयू | 7,822 |
| 2000 | मनोरंजन सिंह | निर्दलीय | 2,089 |
| 1985 | उमा पांडे | कांग्रेस | 2,750 |
| 1980 | उमा पांडे | कांग्रेस | 5,312 |
| 1977 | रमाकांत पांडे | जनता पार्टी | 22,807 |
2025 के संभावित विजेता
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वर्तमान विधायक: समीर कुमार महासेठ (राजद)
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प्रमुख प्रतिद्वंदी: भाजपा, जदयू, एलजेपी, तथा कुछ निर्दलीय उम्मीदवार।
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मतदाताओं में यादव, मुस्लिम, अनुसूचित जाति और ग्रामीण समुदाय की हिस्सेदारी अधिक है।
2025 के चुनाव में कौन जीत सकता है — अनुमान
ये कुछ कारक हैं जो इस सीट पर परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं:
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गठबंधन की स्थिति
यदि RJD-महागठबंधन मजबूत रहेगा और VIP आदि दल इसके साथ हों, तो RJD को लाभ हो सकता है। यदि कोई दल गठबंधन से बाहर हो जाए, तो वोट बंटने का खतरा है। -
उम्मीदवार की लोकप्रियता व जातीय/धार्मिक समीकरण
मौजूदा विधायक समीर कुमार महासेठ हैं, जो RJD से हैं; अगर उनका काम-काज ठीक से दिखा हो तो incumbency का लाभ मिल सकता है। मतदाताओं में मुस्लिम वोटरों की संख्या और अन्य समाजों की भूमिका भी अहम होगी। -
लोकसभा सीट का पार्टी दबाव
BJP लोकसभा स्तर पर मजबूत है; विधानसभा स्तर पर भाजपा/एनडीए इस सीट को तोड़ने के लिए सक्रिय होंगे, खासकर यदि लोकसभा चुनावों में उनके समर्थकों में उत्साह हो। India Today -
मतदाता-टर्नआउट एवं स्थानीय मुद्दे
यदि मतदान प्रतिशत बढ़े और स्थानीय मुद्दे (बुनियादी सुविधाएँ, सरकारी योजनाओं का लाभ, विकास, जातीय असंतोष) जोर पकड़ें, तो RJD के लिए चुनौती होगी।
अनुमान
अगर मैं इस सबको ध्यान में रखते हुए 2025 का अनुमान लगाऊँ:
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प्रबल संभावना है कि RJD का उम्मीदवार फिर से जीत सकता है, विशेषकर अगर समीर कुमार महासेठ ही हों और महागठबंधन की स्थिति मजबूत हो।
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दूसरी ओर, BJP/एनडीए इस सीट को जगेड़ा बनाना चाहेगा; यदि वे मजबूत प्रत्याशी उतारें और लोकसभा स्तर की जीत का उपयोग करें, तो मुकाबला कड़ा होगा।
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VIP जैसी पार्टियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है; यदि वे गठबंधन के बाहर रहें, तो RJD के लिए मुश्किल हो सकती है, क्योंकि मत बंट सकता है।
निष्कर्ष
दिन प्रतिदिन बदलते राजनीतिक समीकरण, क्षेत्रीय जनसांख्यिकी और पिछले दो विधानसभा चुनावों के रिकॉर्ड के अनुसार, मधुबनी सीट पर फिलहाल राजद को बढ़त मिलती दिख रही है। भाजपा लगातार चुनौती देती रही है, लेकिन विधानसभा में पिछली दो बार से जीत उसी परिवार के पास रही है। सीट का अंतिम परिणाम जाति समीकरण और प्रत्याशियों की स्थानीय लोकप्रियता पर निर्भर करेगा।





