पेयजल संकट झेल रहे गया‚ बोधगया‚ राजगीर और नवादा में गंगा के जल को शुद्ध कर पेयजल के रूप में आपूर्ति की जायेगी। यदि यह योजना सफल रही‚ तो इसे पटना में भी लागू किया जायेगा। यह बात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा जल को तीन–चार जगहों पर पहुंचाने के लिए मेरी सरकार ने योजना बनायी है और उसपर तेजी से काम भी चल रहा है। गया‚ बोधगया‚ राजगीर और नवादा में अभी पानी की समस्या है। इसलिए इन सब जगहों के लिए यह काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश के समय चार महीने तक गंगा जल को तीन–चार जगहों पर स्टोर किया जायेगा और उसे शुद्ध कर पेयजल के रूप में सप्लाई किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरे मन में है कि इन चार जगहों पर यह योजना सफल रही‚ तो आगे पटना के लिए भी ऐसी व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि पटना में बड़े–बड़े अपार्टमेंट और लगभग हर घर में लोग जमीन के नीचे से पानी निकाल रहे हैं‚ इससे जलस्तर काफी नीचे जा रहा है। यदि यह योजना पटना में लागू हुई‚ तो इससे मुक्ति मिलेगी और जलस्तर ठीक रहेगा। मुख्यमंत्री ने इससे पहले गंगा नदी की सफाई से संबंधित सवाल के जवाब में कहा कि जब बचपन में मैं बख्तियारपुर में गंगा नदी में नहाने जाता था‚ तब वह वहीं से पीने के लिए पानी भी लेकर आते थे‚ लेकिन आज गंगा का पानी पीने के लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि चारो तरफ से गंदा पानी गंगा नदी में जाने की वजह से आज कल नदी का जल दूषित हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं से गंगा में गंदा पानी न जाये‚ इसको लेकर समीक्षा की गई है‚ ताकि इस पर तेजी से काम हो। मैं चाहता हूं कि गंगा के पानी में कोई गड़बड़ी नहीं हो और पानी स्वच्छ हो। इसमें मेरी सरकार के लोग लगे हुए हैं। इसकी समीक्षा भी वह करवाते रहते हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पेट्रोल–डीजल की बढ रही कीमतों पर सोमवार को स्पष्ट कर दिया कि यह पूरा देश का मसला है और इसपर सोचना या निर्णय लेना केंद्र सरकार का काम है। ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि कुछ महीने पहले ही पेट्रोल–ड़ीजल पर राज्य सरकार ने लोगों को राहत दी थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास इतना संसाधन नहीं है कि इसको लेकर तुरंत कुछ कहा जाये। यह पूरे देश का मसला है। पेट्रोल–डीजल की बढती कीमतों को लेकर पहले भी केंद्र सरकार ने पहले निर्णय लिया और राज्यों को भी ऐसा करने को कहा। इसको लेकर बिहार समेत कई राज्य सरकारों ने भी निर्णय लिया। अभी ऐसी स्थिति नहीं है कि तत्काल इस पर कोई फैसला लिया जाये। अगर कीमतें बढ रही हैं तो केंद्र सरकार जरूर इस पर सोचेगी।
अभी यह कहना मुश्किल है कि पेट्रोल–डीजल की कीमतें बढती ही रहेंगी या फिर घटेंगी। इस संबंध में केंद्र की ओर से ही सारी बातें सामने आयेंगी। कीमतें बढने से लोगों की थोडी समस्याएं बढ जाती हैं। ऐसा भी हो सकता है कि कुछ दिनों के बाद पेट्रोल–डीजल की कीमतें नॉर्मलाइज हो। हालांकि इस संबंध में तत्काल कुछ भी कहना संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी यह देखने को मिल रहा है कि कोरोना को लेकर लोग निश्चिंत हो गये हैं‚ लेकिन कहीं–कहीं संक्रमण के केस बढ़ रहे हैं। इसलिए सबको सतर्क रहना पडेगा। प्रधानमंत्री का भी बयान आ गया है कि सबको अलर्ट रहना है‚ नहीं तो खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर हमलोगों की तैयारी निरंतर है। राज्य में काफी तादाद में टेस्टिंग हो रही है। देश में औसत से ज्यादा टेस्टिंग बिहार में हो रही है। कोरोना संक्रमण के मामलों का पता लगाने के लिए प्रति १० लाख की जनसंख्या पर जांच की संख्या बिहार में राष्ट्रीय औसत से अधिक है। कोरोना से मरने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा एवं विशेष सुविधा दिये जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष २०२० अप्रैल से ही ४ लाख रुपये दिये जा रहे है। केंद्र की ओर से ५० हजार रुपये दिये जाने की घोषणा हुई‚ तो यहां ४.५० लाख दिये जा रहे हैं।







