प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान की शुरुआत की। देशभर में आयोजित इस कार्यक्रम में 28 हजार से ज्यादा स्थानों से एक करोड़ से अधिक युवा जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले देशभर के युवाओं ने एक साथ नशा मुक्त भारत बनाने की शपथ ली। पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि हम एक महान संकल्प के लिए एकजुट हुए हैं। सभी संत, सभी राज्यपाल, सभी मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधि, 28 हजार स्थानों से जुड़े 1 करोड़ से ज्यादा युवा साथी, इस शुभ संकल्प के लिए अभिनंदन।
जो नशे को परास्त करता है वह योद्धा होता है-पीएम मोदी
हमें हर एक युवा को नशे के चंगुल में फंसने से बचाना है। हमारी प्रोफेसरों से अपील है कि वे अपने कॉलेज में भी नशे के खिलाफ मुहिम चलाएं। युवाओं को नशे की गिरफ्त से निकालें। जो युवा नशे को परास्त करके निकलता है वो योद्धा होता है, समाज को उनका सम्मान करना चाहिए। ड्रग्स से जुड़ा उसका अतीत उसकी पहचान नहीं हो सकती। नशे के कारोबारियो पर सख्ती के साथ कार्रवाई हो रही है।
कई राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपाल भी कार्यक्रम में मौजूद
कार्यक्रम में पूज्य अम्मा, गुरुदेव श्री श्री रविशंकर, पूज्य दाजी, डॉ. चिन्मय पंड्या और स्वामी ब्रह्मविहारीजी समेत पांच प्रमुख आध्यात्मिक गुरु शामिल हैं। इसके अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपाल भी कार्यक्रम में मौजूद हैं। यह अभियान 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों, स्कूल-कॉलेजों, संस्थानों, सार्वजनिक संगठनों और औद्योगिक संघों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। ब्रह्माकुमारीज, इस्कॉन, चिन्मय मिशन और ऑरोविले के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हैं।
खुद पीएम मोदी ने भी इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि ‘नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान’ का मकसद हमारे युवाओं को नशे की लत से दूर रहने और समाज में अच्छे बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना है। यह 100 हफ़्ते के देश भर में जन भागीदारी कैंपेन की शुरुआत होगी, जिसमें हर रविवार को जागरूकता फैलाने और इस मकसद के लिए समाज को एकजुट करने के लिए एक्टिविटीज़ की जाएंगी। इसमें 10,000 से ज़्यादा जगहों से युवा हिस्सा लेंगे, साथ ही MYBharat और NSS के वॉलंटियर, स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, यूथ क्लब, NGO और आध्यात्मिक संगठन भी हिस्सा लेंगे।
‘नशा मुक्त युवा- विकसित भारत संकल्प अभियान’ पहल का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और उन्हें अपने समुदायों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के दूत बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। एक आधिकारिक बयान में हा गया कि इस पहल के साथ ही मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध 100 सप्ताह तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी जन भागीदारी अभियान की शुरुआत होगी। इस अभियान के तहत, नशामुक्त समाज के निर्माण में जागरूकता बढ़ाने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए देश भर में हर रविवार को साप्ताहिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
बयान के मुताबिक, इन गतिविधियों में खेलों का आयोजन, वाकाथॉन, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक, चर्चा मंच, कला प्रतियोगिताएं और सामुदायिक भागीदारी कार्यक्रम होंगे। इस पहल का उद्देश्य मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध एक सामूहिक आंदोलन के लिए शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों, नागरिक संस्थाओं, उद्योग निकायों और आध्यात्मिक संगठनों को एक साझा मंच पर लाकर सामुदायिक भागीदारी को और मजबूत करना है।
पीएम की स्पीच की 5 बड़ी बातें…
1. नशा सपनों और परिवार दोनों को तोड़ देता है
PM मोदी ने कहा कि नशा युवाओं का फोकस भटकाकर उन्हें धीरे-धीरे उनके सपनों से दूर ले जाता है। आज भारत के युवा स्टार्टअप, AI और स्पेस जैसे क्षेत्रों में दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन अगर कोई युवा ड्रग्स की गिरफ्त में आ जाए तो सिर्फ उसका सपना ही नहीं, पूरा परिवार हार जाता है। नशा एक पिता के सपनों और बहन की उम्मीदों को भी तोड़ देता है।
2. दुश्मन देश ड्रग्स के जरिए युवाओं को निशाना बना रहे
प्रधानमंत्री ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि राष्ट्र की ताकत को भी कमजोर करता है। दुश्मन देश भारतीय युवाओं को ड्रग्स के जाल में फंसाने की साजिश रचते हैं। सरकार नशे के कारोबारियों और तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।
3. ड्रग्स थोड़ी देर का हाई, लेकिन जिंदगीभर का नुकसान
PM मोदी ने कहा कि ड्रग्स कुछ समय के लिए हाई देता है, लेकिन करियर और फैमिली लाइफ को बर्बाद कर देता है। उन्होंने कहा कि हमारे संतों और गुरुओं ने भी नशे से दूर रहने की सीख दी है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो नशा इंसान की बुद्धि और विवेक छीन ले, वह उसे पतन की ओर ले जाता है।
4. नशे से बाहर निकले युवाओं को दूसरा मौका मिलना चाहिए
प्रधानमंत्री ने कहा कि जो युवा नशे की लत से लड़कर बाहर निकलते हैं, वे कमजोर नहीं बल्कि असली योद्धा हैं। समाज को उनका सम्मान करना चाहिए, उन्हें अपनाना चाहिए और दूसरा अवसर देना चाहिए। किसी व्यक्ति का अतीत उसकी पहचान नहीं होता, बल्कि मुश्किलों से बाहर निकलने का उसका साहस उसकी असली पहचान होता है।
5. ड्रग्स माफिया पर कार्रवाई कई गुना बढ़ी
PM मोदी ने कहा कि देश में नशे के कारोबारियों और तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। बड़ी मात्रा में ड्रग्स जब्त की जा रही है और कार्रवाई पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है।
नशा मुक्त युवा कार्यक्रम में 1 करोड़ से ज्यादा युवा शामिल हुए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ सुबह 11 बजे से शुरू हुआ। प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले देशभर के युवाओं ने एक साथ ‘नशा मुक्त भारत’ की शपथ ली।
यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर के 28 हजार से ज्यादा स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया। अभियान में 1 करोड़ से ज्यादा युवा शामिल हुए।
कार्यक्रम में 5 प्रमुख आध्यात्मिक गुरु—अम्मा, श्री श्री रविशंकर, दाजी, डॉ. चिन्मय पंड्या और स्वामी ब्रह्मविहारीजी भी वर्चुअली जुड़े। इसके अलावा कई मुख्यमंत्री और राज्यपाल भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
100 हफ्तों तक हर रविवार कार्यक्रम होगा
इस कार्यक्रम का मकसद युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और उन्हें अपने समाज में बदलाव लाने के लिए आगे बढ़ाना है। यह अभियान अगले 100 हफ्तों तक चलेगा।
इसके तहत हर रविवार देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम होंगे, जिनके जरिए लोगों को नशे के नुकसान बताए जाएंगे और नशा मुक्त भारत का संदेश दिया जाएगा।





