कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में हर साल 10 जुलाई को पेंशन दिवस के रूप में मनाया जाता है. उन्होंने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि सरकार का लक्ष्य जरूरतमंद लोगों तक समय पर आर्थिक मदद पहुंचाना है. सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत का सपना पूरा करना चाहते हैं. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्ध बिहार के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और मजबूत बनाया जा रहा है.
पात्र व्यक्ति नहीं रहे पेंशन से वंचित: सम्राट
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर, पंचायत विकास शिविर में छूटे लोगों की पहचान करें और उन्हें इस योजना का लाभ दिलाएं। कोई भी पात्र लाभार्थी छूटना नहीं चाहिए। डीबीटी व्यवस्था के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाने एवं लाभार्थियों को सीधे फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।सरकार के इस कदम से लाखों परिवारों को तत्काल आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री श्वेता गुप्ता के अतिरिक्त शासन के शीर्ष अधिकारी भी उपस्थित थे।
हर किसी को मिलेगा फायदा
सम्राट चौधरी ने बताया कि पहले सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 400 रुपये प्रति माह थी. अब इसे बढ़ाकर 1,100 रुपये कर दिया गया है. इससे लाखों बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगों को बड़ी राहत मिली है. उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन जरूरतमंद लोगों का नाम अब तक योजना में नहीं जुड़ा है, उन्हें जल्द से जल्द लाभार्थियों की सूची में शामिल किया जाए. उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए.
पेंशन में नहीं होगी देरी
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का फैसला है कि अब हर महीने की 10 तारीख को बिना किसी देरी के पेंशन की राशि लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी. उन्होंने लोगों से भी अपील की कि अगर उनके आसपास कोई पात्र व्यक्ति योजना से वंचित है तो उसकी जानकारी प्रशासन को दें, ताकि उसे भी इस योजना का लाभ मिल सके.







