पूर्व मुखिया संजय यादव की अपराधियों ने हत्या कर उनके शव को बिहटा थानाक्षेत्र के राघोपुर गांव के बधार स्थित एक बोरिंग के पास फेंक दिया। मृतक बिहटा प्रखंड के राघोपुर पंचायत के मुखिया रह चुके थे। पूर्व मुखिया के शव पर ग्रामीणों की नजर तब पड़ी जब वे शुक्रवार तड़के अपने खेतों की ओर गए। बोरिंग के पास एक अधेड़ का शव मिलने से आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी मिलते ही लोग बोरिंग की ओर दौड़ पड़े।
पटना में पूर्व मुखिया की हत्या
इस दौरान शव को देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। उसी भीड़ में से किसी ने शव की पहचान राघोपुर पंचायत के पूर्व मुखिया के रूप में की। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना स्थानीय थाने की पुलिस को दे दी। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने आननफानन में पहले शव को कब्जे में ले लिया और आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने जांच के क्रम को आगे बढ़ाते हुए इस घटना की सूचना वरीय अधिकारियों को देने के साथ एफएसएल टीम को भी दे दी।
बोरिंग के पास मिला शव
शुक्रवार सुबह पटना के बिहटा थाना क्षेत्र के राघोपुर गांव के तरवां स्थित बोरिंग के पास पूर्व मुखिया संजय कुमार यादव का शव मिला। सुबह ग्रामीण खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान संजय कुमार यादव का शव पड़ा देखा। इसके बाद पुलिस और परिजनों को सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलते ही बिहटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर FSL टीम टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है। परिजनों का आरोप है कि संजय यादव की हत्या कर शव को फेंका गया है।पुलिस फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि मामला हत्या का है या मौत किसी अन्य कारण से हुई है। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों ने बिहटा बिक्रम SH-2 को राघोपुर तीन मुहानी के पास जाम कर, आगजनी की।घटना की जानकारी मिलने के बाद बिहटा, IIT अम्हारा थाना और मनेर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के बाद मृतक के परिजनों की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक हुई। परिजनों का आरोप है कि संजय यादव की गला दबाकर हत्या की गई है और शव को बोरिंग के पास फेंका गया है।
5 थानों की टीम ने संभाला मोर्चा
पूर्व मुखिया की हत्या की खबर जैसे ही राघोपुर पंचायत के लोगों को मिली, ग्रामीण सड़क पर आ गए और सरकार और पुलिस प्रशासन विरोधी नारेबाजी करने लगे। आक्रोशित लोगों का मन इतने से भी नहीं भरा तो ग्रामीण पटना-औरंगाबाद मुख्य सड़क पर आगजनी कर आवागमन को बाधित कर दिया। इसबीच पूर्व मुखिया के समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों और समर्थकों के आक्रोश का खामियाजा इस मार्ग से आने जाने वालों भुगतना पड़ा। सड़क के दोनों तरफ छोटी बड़ी गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। बवाल बढ़ता देख दानापुर डीएसपी ने बिहटा, मनेर, नेउरा और आईआईटी थाने से टीम को साथ लिया और मोर्चा संभाला। तब जाकर लोगों को समझाकर जाम खत्म कराया जा सका।
पुलिस पर अपराधियों को संरक्षण का आरोप
हत्या की घटना से आहत पूर्व मुखिया संजय यादव की बहन ने पटना पुलिस पर ही अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे भाई की हत्या में पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है। उन्होंने वरीय अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की माँग की है। हालांकि बहन ने जो आरोप पुलिस पर लगाए हैं उसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही पूर्व मुखिया की बहन की ओर से लगाये गए आरोपों पर पुलिस की कोई प्रतिक्रिया सामने आई है।
पूर्व मुखिया फरार था, कई केस थे दर्ज
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मृतक पूर्व मुखिया संजय यादव का भी कालांतर में आपराधिक रिकॉर्ड रहे हैं। कुछ ही दिनों पूर्व पूर्व मुखिया के घर में पुलिस ने दबिश बनाने के उद्देश्य से छापेमारी की कार्रवाई की थी। हालांकि पुलिस को उस वक्त कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी। पुलिस ने उसे फरार घोषित कर दिया था। अब उसकी हत्या कर दी गई। फिलहाल बिहटा प्रखंड के राघोपुर पंचायत के मुखिया संजय यादव की हत्या के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। फिलवक्त पुलिस भी कुछ बताने से बचते नजर आ रही है। पिछले साल के अवैध हथियार के मामले में दो दिन पहले ही संजय यादव की गिरफ्तारी को लेकर कोर्ट के तरफ से वारंट जारी किया गया था। स्थानीय पुलिस के द्वारा उनके घर पर गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की गई थी लेकिन वह नहीं मिले थे।
बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया, ‘ग्रामीणों से सूचना मिली थी कि राघोपुर पंचायत के पूर्व मुखिया संजय कुमार यादव का शव राघोपुर के बोरिंग के पास खेत में पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है। मृतक के परिजनों के तरफ से अभी तक लिखित आवेदन और किसी पर आरोप नहीं लगाया गया है। आवेदन मिलने के बाद उसके आधार पर आगे कार्रवाई करेंगे।फिलहाल, मौत का कारण स्पष्ट नहीं हैं। हत्या सहित सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।’
गांव में फोर्स की तैनाती
आलाधिकारियों की माने तो बिहार पुलिस घटना से जुड़े सभी बिन्दुओं की जांच कर रही है। समाचार लिखे जाने तक मृतक का परिजनों की ओर से पुलिस को कोई लिखित आवेदन नहीं मिल सका था। पुलिस अधिकारियों की माने तो पोस्टमार्टम रिपोर और स्थितिजन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई शुरू करेगी। अधिकारियों की माने तो पूर्व मुखिया के हत्यारों को बख्शा नहीं जाएगा। उधर घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। आगे कोई अनहोनी घटना सामने न आ जाए इसको लेकर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।







