बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर NDA के सभी घटक दलों की अहम बैठक बुलाई गई है। भरत तिवारी एनकाउंटर पर उठते सवाल, बांकीपुर उपचुनाव के बीच सरकार के कामकाज की समीक्षा और आगेकी रणनीति तय करने के लिहाज से बैठक को हम माना जा रहा है।
बैठक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में होगी, जिसमें एनडीए के सभी पांचों घटक दलों के टॉप लीडर शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा सभी जिलाध्यक्षों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भी बैठक में शामिल होने की संभावना है। मंत्री लेसी सिंह और संजय सिंह टाइगर एक अन्ने मार्ग पहुंच गए हैं। पथ निर्माण मंत्री ईंजीनियर शैलेंद्र भी पहुंचे हैं। लगातार सभी नेताओं के आने का सिलसिला जारी है।
पांचों दलों के सभी सीनियर नेता, जिलाध्यक्ष को बुलाया
जदयू राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बैठक को लेकर कहा, ‘आज NDA की बैठक है। एनडीए की बैठक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर हो रही है। पांच दलों के सारे जिला अध्यक्ष इस मीटिंग में रहेंगे, पार्टी के सीनियर नेता रहेंगे, बिहार सरकार के मंत्री रहेंगे। हर जिला में समन्वय करने वाले पदाधिकारी रहेंगे। सिर्फ पटना में नहीं, सभी जिला और ब्लॉक में भी समन्वय करने वाले पदाधिकारी भी रहेंगे।
सरकार के 100 दिनों के कामकाज की समीक्षाः
बैठक का प्रमुख एजेंडा नई सरकार के पहले 100 दिनों के कामकाज की समीक्षा करना और सरकार की उपलब्धियों को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की रणनीति तैयार करना है। सरकार चाहती है कि उसकी योजनाओं, फैसलों और विकास कार्यों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचे।
इसके लिए जिलाध्यक्षों और संगठन के पदाधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं, ताकि सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।
सरकार और संगठन के बीच तालमेल पर जोरः
एनडीए नेतृत्व का फोकस गठबंधन के पांचों दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर रहेगा। बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि जिला और प्रखंड स्तर पर सभी दल मिलकर कैसे काम करें और सरकार की योजनाओं को संयुक्त रूप से जनता तक पहुंचाएं। सरकार और संगठन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया जाएगा, जिससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की बाधा न आए।
विवादित मुद्दों पर साझा रणनीति बनेगी, एकजुट रहेगा NDA
बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि किसी भी राजनीतिक या विवादित विषय पर गठबंधन के सभी दल एक समान और समन्वित तरीके से अपनी बात रखें। एनडीए नेतृत्व नहीं चाहता कि किसी मुद्दे पर अलग-अलग बयानबाजी से विपक्ष को हमला करने का मौका मिले। इसलिए साझा रणनीति और एकजुट संदेश देने पर विशेष चर्चा होगी।
हाल के दिनों में रिशु श्री टेंडर घोटाला के साथ विपक्षी दल का आवास खाली करने का मामला हो या फिर भोजपुर का भरत तिवारी हत्याकांड का मामला, इन सभी मुद्दों पर एनडीए दलों के बीच ही आपस में तकरार देखी गई है। चिराग पासवान ने जहां इसे हत्या बताया, वहीं मांझी ने पुलिसिया कार्रवाई का समर्थन किया।







