सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्र में समुचित विकास सुनिश्चित करने को लेकर रविवार से पंचायत विकास दिवस का भव्य शुभारंभ हुआ।अब प्रति माह के अंतिम रविवार को पंचायतों में ग्राम सभा की बैठक होगी। पहली बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, एनडीए सरकार के सभी मंत्री, जिलों के प्रभारी सचिव से लेकर शासन के शीर्ष अधिकारी, जिलाधिकारी, डीडीसी, एसडीओ एवं अन्य अधिकारी ग्राम सभा की बैठक में सम्मिलित हुए।
राज्य के कुल 8053 पंचायतों में मुखिया की अध्यक्षता ग्राम सभा की बैठक हुई। इस दौरान जनसमुदाय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात का सामूहिक श्रवण किया।
ग्राम सभा की बैठक में 15वीं वित्त एवं छठी राज्य वित्त आयोग से पंचायत को कितनी राशि मिली, कितना खर्च किया गया एवं कितनी राशि बची हुई है। इसकी भी जानकारी ली गई।
वृद्धावस्था पेंशन से लेकर प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। गांव की सड़क, गली, नाली, सफाई, सोलर लाईट, सामुदायिक विकास भवन सहित विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया गया।
इस माह आयोजित पंचायत विकास दिवस की थीम महिला हितैषी ग्राम पंचायत रही। इस अवसर पर महिलाओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, आर्थिक स्वावलंबन तथा पंचायतों में अपनी बढ़ती नेतृत्वकारी भूमिका से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।
सरकार का लक्ष्य ग्राम स्वराज, सुशासन, पारदर्शिता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं जनभागीदारी को सुदृढ़ करने का एक सतत जन-अभियान है।
पहल से ग्राम सभाओं की सक्रिय भागीदारी, पंचायत प्रतिनिधियों की जवाबदेही तथा नागरिकों के सहयोग से पंचायतें आत्मनिर्भर, समावेशी एवं विकासोन्मुख स्थानीय स्वशासन की आदर्श इकाइयों के रूप में स्थापित होंगी।
बेलखारा पंचायत में सम्मिलित हुए दीपक प्रकाश
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश अरवल जिले के अरवल प्रखंड अंतर्गत अमरा एवं बेलखारा ग्राम पंचायतों में आयोजित कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए।
दोनों पंचायतों में ग्रामवासियों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ संवाद कर पंचायतों के समग्र विकास एवं जनभागीदारी पर बल दिया। मौके पर नागरिकों से प्रत्येक माह आयोजित होने वाले पंचायत विकास दिवस में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
मंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। महिला जनप्रतिनिधि आज केवल निर्वाचित प्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, समावेशी विकास तथा सुशासन की प्रभावी वाहक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राज्य सरकार महिलाओं के नेतृत्व, निर्णय क्षमता एवं प्रशासनिक दक्षता को और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।







