बिहार की सम्राट चौधरी की सरकार ने शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर उनके हित में ऐतिहासिक फैसला लिया है. कैबिनेट ने ‘बिहार राज्य शिक्षक स्थानान्तरण नियमावली, 2026’ के गठन को स्वीकृति प्रदान की है. अब शिक्षकों का ट्रांसफर पोर्टल आधारित, पारदर्शी और नियमबद्ध तरीके से होगा. स्वास्थ्य, दिव्यांगता, पति-पत्नी पदस्थापन और अन्य मानवीय आधारों को प्राथमिकता दी जाएगी.
शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी- शिक्षा मंत्री
प्रदेश के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा, ”हमारे शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं. उनकी वास्तविक समस्याओं और जरूरतों का सम्मान करते हुए एक निष्पक्ष और पारदर्शी स्थानान्तरण व्यवस्था विकसित की गई है. यह निर्णय शिक्षकों के कल्याण, स्कूलों में संतुलित शिक्षक उपलब्धता और छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.”
कैबिनेट बैठक में कुल 46 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई
एक अधिकारी ने कहा कि नियमावली अधिसूचित होने के बाद शिक्षकों का स्थानांतरण पोर्टल आधारित प्रणाली के माध्यम से निर्धारित नियमों के तहत किया जाएगा. सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया. बैठक में कुल 46 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.
- शिक्षिकाओं को गृह पंचायत से बाहर, लेकिन अपने प्रखंड के भीतर निकटवर्ती पंचायत में पदस्थापन का अवसर मिलेगा.
- शिक्षकों को गृह प्रखंड से अलग, जिले के भीतर निकटवर्ती प्रखंड में स्थानांतरण की सुविधा दी जा सकेगी.
- सरकार का उद्देश्य शिक्षकों की वास्तविक कठिनाइयों और व्यक्तिगत समस्याओं को ध्यान में रखते हुए स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक संवेदनशील बनाना है
- जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां आवश्यकता के अनुसार पदस्थापन कर शिक्षक-छात्र अनुपात में सुधार किया जाएगा.
- शिक्षकों के संतुलित वितरण से विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां अधिक प्रभावी होंगी और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिलेगा.
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास को लेकर फैसला
अपर मुख्य सचिव के अनुसार मंत्रिमंडल ने राज्य में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये तथा पर्यटन अवसंरचना के विकास के लिए 5,000 करोड़ रुपये तक की वित्तीय व्यवस्था को भी मंजूरी दे दी. अपर मुख्य सचिव ने बताया कि ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के लिए ‘हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ (हुडको) से एक लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक ऋण का मार्ग प्रशस्त किया गया है तथा इसके लिए राज्य सरकार को हुडको के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की स्वीकृति दी गई है. उन्होंने कहा कि इस राशि से टाउनशिप क्षेत्रों में सुनियोजित आधारभूत संरचना और आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा.





