NEET UG री एग्जाम में हुए फर्जीवाड़े की जांच तेज हो गई है। इस केस की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बना दी है। SIT को लीड EOU के DIG मानवजीत सिंह ढिल्लो करेंगे।
DIG समेत इस स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम में कुल 12 लोग शामिल किए गए हैं, जिसमें EOU के एक SP, 5 DSP और 5 इंस्पेक्टर शामिल हैं। इसके लिए ADG डॉ. अमित कुमार जैन की तरफ से एक आदेश जारी किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, आदेश मिलते ही SIT ने अपना काम शुरू कर दिया है। सबसे पहले NEET एग्जाम को कंडक्ट कराने वाली NTA से कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मांगी गई है। एग्जाम देने वाले में कैंडिडेट्स के रॉल नंबर के आधार पर उनका एड्रेस मांगा है।
एड्रेस मिलते ही SIT उन कैंडिडेट्स के पास सीधे नोटिस भी भेजेगी, जिनके नाम और पहचान पर दूसरे शातिर एग्जाम देने पहुंचे थे। फर्जीवाड़ा करने वाले कैंडिडेट्स को पूछताछ के लिए बुलाएगी। अगर नोटिस मिलने के बाद कैंडिडेट्स सामने नहीं आए तो फिर टीम सीधे उनके घर पहुंचेगी।
लखीसराय के तीनों केस टेकओवर कर चुकी है EOU
21 जून NEET UG का री-एग्जाम हुआ था। उस दिन लखीसराय जिले में तीन सेंटर पर फर्जीवाड़ा हुआ था। दूसरे कैंडिडेट्स की जगह पर एग्जाम देने पहुंचे 9 सॉल्वर पकड़े गए थे। साथ में अपनी जगह सॉल्वर बैठाने वाला एक मेन कैंडिडेट भी गिरफ्तार हुआ था।
इन सब के अलावा एग्जामिनेशन सेंटर पर NTA की तरफ से बायोमैट्रिक सिस्टम का ठेका जिस कंपनी को दिया गया था, सॉल्वर के साथ सांठगांठ के आरोप में 18 लोगों को पकड़ा गया था।
इनके दो सहयोगी भी पकड़े गए थे। कुल 30 गिरफ्तारी हुई थी। SIT बायोमेट्रिक का ठेका लेने वाले गिरफ्तार स्टाफ्स से भी पूछताछ करेगी।






