आईएमडी द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार कल यानी 22 जून 2026 को इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी हुआ है. इस दौरान 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चलेगी. मौसम विभाग के अनुसार कल राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है. अररिया, कटिहार, सीतामढ़ी और सुपौल जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा के साथ मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी दी गई है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है.
इधर, राजधानी पटना में देर रात बारिश हुई, जिसके उमस भरी गर्मी से लोगों की राहत मिली। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। कैमूर में भी सोमवार सुबह हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो-तीन दिनों तक दक्षिण-पश्चिम बिहार में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री के आसपास बना रहेगा। अगले 48 घंटों के दौरान महज एक-दो स्थानों पर बूंदाबांदी की संभावना है। बीते 24 घंटों में पटना समेत कई जिलों में तेज गर्मी का असर देखने को मिला। 41.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ कैमूर राज्य का सबसे गर्म जिला रहा।
इन जिलों में आंधी-वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार किशनगंज, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व बिहार के जिलों में भी 50-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाओं के साथ बिजली चमकने और मेघ गर्जन की संभावना है. इस दौरान लोगों को विशेष सलाह भी दी गई है.
बिहार में सामान्य से 42 फीसदी कम बारिश
बिहार में मानसून की एंट्री हो चुकी है, लेकिन अब तक राज्य में सामान्य से 42% कम बारिश दर्ज की गई है। 21 जून तक बिहार में 87.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक सिर्फ 50.8 मिमी बारिश हुई है। स्थिति यह है कि उत्तर-पूर्व बिहार के कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि दक्षिण और पश्चिम बिहार के कई जिले अब भी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इसका सीधा असर कृषि गतिविधियों पर पड़ने लगा है। बारिश कुछ चुनिंदा जिलों तक ही सीमित रहने के कारण राज्य के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी और उमस का दौर जारी है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार 23 जून के बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ने से लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
मानसून कब होगा फिर से एक्टिव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाओं का प्रवाह बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से बिहार में मानसून फिर से सक्रिय होगा और कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। इससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।
भीषण गर्मी के कारण पटना में स्कूल बंद
लगातार पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए पटना के डीएम कुंदन कुमार ने बड़ा फैसला लिया है। जारी आदेश के अनुसार जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों (प्री-स्कूल सहित) में कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर 22 जून से 27 जून 2026 तक रोक लगा दी गई है। डीएम ने कहा है कि अत्याधिक तापमान और गर्म हवाओं से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी शैक्षणिक गतिविधियों को बाद में पुनर्निर्धारित करें।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के पूर्वानुमान के अनुसार 22 जून को भी राज्य के दक्षिण-पश्चिम भाग के जिलों में एक-दो स्थानों पर लू की स्थिति बनी रहेगी. राहत की बात यह है कि इसके बाद अगले 3 दिनों के दौरान बिहार के अधिकतम तापमान में 2 से 3°C की गिरावट आने की संभावना है. जिससे लोगों को इस झुलसाने वाली गर्मी से निजात मिलेगी.
बढ़ती तपन और हीट इंडेक्स को देखते हुए मौसम विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा है. डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे के बीच सीधे धूप के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी है. बाहर निकलते समय सिर को ढकने और प्यास न लगने पर भी ओआरएस (ORS), लस्सी, छाछ, नींबू पानी या चावल का पानी (लोरनी) पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखने की अपील की गई है.







