भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर में असिस्टेंट टेक्निशयन के पद पर काम करने वाला रौशन कुमार AEDO परीक्षा का सेटर था। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने ये खुलासा किया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) भर्ती परीक्षा अप्रैल 2026 को आयोजित की थी। परीक्षा में धांधली की शिकायत के बाद मामले की जांच EOU को सौंपी गई थी। जांच के दौरान रौशन कुमार का नाम सामने आया। इसके बाद एक ASP के नेतृत्व में तीन सदस्यीय SIT का गठन किया। टीम 3 अगस्त को मुंबई पहुंची और ट्रॉम्बे स्थित BARC सेंटर से रौशन को गिरफ्तार किया। रौशन ने किससे और कितने में डील की थी? परीक्षा में धांधली के लिए उसने क्या हथकंडे अपनाए? EOU की जांच में अब तक क्या खुलासे हुए हैं?
रोशन ने सिर्फ बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (एईडीओ) परीक्षा में धांधली नहीं कराई बल्कि बिहार-झारखंड के आधा दर्जन परीक्षाओं में पैसे लेकर अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई। इसमें नीट-यूजी 2023, इस साल 28 जून को केंद्रीय चयन पर्षद की ओर से आयोजित रेडियो आपरेटर परीक्षा, 14 और 18 जुलाई को आयोजित मद्य निषेध परीक्षा, बिहार तकनीकी सेवा आयोग की ओर से आयोजित अमीन बहाली की परीक्षा और झारखंड की सीजीएल परीक्षा में धांधली कराने के साक्ष्य मिले हैं।वह लगभग चार से पांच वर्षों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सेटिंग के जरिए पास कराने का काम रहा था। उसके तार कई राज्यों तक फैले मिले हैं।
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने इस मामले में रोशन के सहयोगी आकाश कुमार को भी गिरफ्तार किया है। रोशन (22 वर्ष) नालंदा के नूरसराय जबकि आकाश (25 वर्ष) नालंदा के सोहसराय का निवासी है। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। रोशन की दिसंबर, 2024 में भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर में नियुक्ति हुई थी। वर्तमान में वह प्रशिक्षण ले रहा था।
स्कॉलर बिठा पास कराया नीट, परीक्षार्थियों के अपहरण का रचा षड्यंत्र
ईओयू के अनुसार, रोशन और आकाश ने 2023 की नीट यूजी में एक परीक्षार्थी को स्कॉलर बिठाकर फर्जी तरीके से परीक्षा पास कराई थी। उस परीक्षार्थी की पहचान की जा रही है। इसके अलावा अमीन बहाली की परीक्षा के दौरान दोनों अभियुक्तों ने दो परीक्षार्थियों की सेटिंग कराकर परीक्षा पास कराई गई थी जिसका 3.5-3.5 लाख रुपया बकाया था। इस बकाया पैसा वसूलने के लिए रोशन व आकाश ने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर परीक्षार्थियों के अपहरण का षड्यंत्र भी रचा गया था। इसके अलावा भी कई आनलाइन परीक्षा केंद्रों में सेंटिंग के प्रमाण जांच टीम को मिले हैं।
रोशन ने खुद भी मोतिहारी में सेटिंग से दी एईडीओ परीक्षा
जांच में पता चला है कि रोशन कुमार स्वयं भी एईडीओ परीक्षा में बैठा था। उसका परीक्षा केंद्र मोतिहारी में था जिसके लिए भी उसने बायोमीट्रिक स्टाफ के जरिए सेटिंग की थी। वह नालंदा के अलावा अपने गिरोह के साथ भागलपुर जिले भी गया था जहां ब्लूटूथ के माध्यम से परीक्षा केंद्र के अंदर अभ्यर्थियों को उत्तर लिखवाने का प्रयास किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्त आकाश ने भी एईडीओ परीक्षा में चार से अधिक परीक्षार्थियों की सेटिंग की थी। दोनों से पूछताछ में बायोमीट्रि्क कंपनियों के कर्मियों, सेटिंग वाले परीक्षा केंद्र, परीक्षार्थियों, साल्वर गिरोह से जुड़े कई जानकारियां मिली हैं, जिनका सत्यापन कराया जा रहा है। इस मामले में अभी तक छह को गिरफ्तार किया गया है।
25 लाख में तय हुआ था एईडीओ परीक्षा का सौदा
ईओयू के अनुसार, रोशन ने अन्य आरोपितों के साथ मिलकर एईडीओ परीक्षा की अभ्यर्थी श्वेता कुमारी को पास कराने के लिए 25 लाख रुपये का सौदा तय किया था। इसके लिए फर्जी बायोमेट्रिक आईडी तैयार कर गिरोह के सदस्य चंदन और राहुल की नालंदा के परीक्षा केंद्र में एंट्री कराई गई। इन दोनों के जरिए ही होलोग्राम पर्ची के बीच में छिपाकर सेट की गई आंसर-की कमरा संख्या 25 में बैठी श्वेता कुमारी को उपलब्ध कराई गई थी।
इन परीक्षाओं में धांधली के मिले प्रमाण
- नीट-यूजी 2023 में स्कालर बिठाकर पास कराई परीक्षा।
- एईडीओ परीक्षा में सेटिंग और फर्जी बायोमेट्रिक से धांधली।
- केंद्रीय चयन पर्षद की रेडियो आपरेटर परीक्षा में की धांधली।
- मद्य निषेध सिपाही परीक्षा में भी पैसे लेकर अभ्यर्थियों की सेटिंग।
- अमीन भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को सेटिंग से पास कराने का आरोप।
- झारखंड की सीजीएल परीक्षा में भी धांधली के मिले प्रमाण।






