ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. नेपाल में हुए शुरुआती पोस्टमॉर्टम में किसी तरह की साजिश या बाहरी चोट के साफ संकेत नहीं मिले हैं. लेकिन मौत कैसे हुई इसका पता लगाने के लिए अब हर किसी को विसरा रिपोर्ट का इंतजार है. बिराटनगर के हॉस्पिटल ने विसरा सैंपल को आगे की फॉरेंसिक जांच के लिए काठमांडू भेज दिया है.
बता दें कि 24 साल के प्रिंस यादव का नाम 2 जून को पटना के खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) सेंटर के बाहर हुई हिंसा के मामले में सामने आया था. उन पर भी FIR की गई थी. पुलिस से बचने के लिए वो नेपाल के बिराटनगर के एक होटल में रह रहे थे. मामले की जांच के बीच उनकी अचानक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए थे. उनके भाई रौशन आनंद ने मौत के पीछे साजिश की आशंका जताई थी और गंभीर आरोप लगाए थे.
क्या है पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में?
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने नेपाल पुलिस सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि पोस्टमॉर्टम में किसी तरह की संदिग्ध चोट या हत्या जैसे संकेत नहीं मिले हैं. जांच के दौरान डॉक्टरों को प्रिंस के हार्ट से जुड़ी कुछ स्वास्थ्य संबंधी बातों की जानकारी मिली है. हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि मौत का सीधा संबंध उसी से है या नहीं. इसलिए अंतिम निष्कर्ष विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेगा.
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने नेपाल पुलिस सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि पोस्टमॉर्टम में किसी तरह की संदिग्ध चोट या हत्या जैसे संकेत नहीं मिले हैं. जांच के दौरान डॉक्टरों को प्रिंस के हार्ट से जुड़ी कुछ स्वास्थ्य संबंधी बातों की जानकारी मिली है. हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि मौत का सीधा संबंध उसी से है या नहीं. इसलिए अंतिम निष्कर्ष विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेगा.
तबीयत बिगड़ने के बाद मौत
बताया जा रहा है कि प्रिंस यादव अपनी मौत से कुछ दिन पहले चार दोस्तों के साथ नेपाल के बिराटनगर गए थे. वहां वे एक होटल में ठहरे हुए थे. पुलिस के अनुसार, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस मामले में प्रिंस के साथ मौजूद चारों दोस्तों से भी पूछताछ की गई है. सभी बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं. फिलहाल जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही हैं.
बताया जा रहा है कि प्रिंस यादव अपनी मौत से कुछ दिन पहले चार दोस्तों के साथ नेपाल के बिराटनगर गए थे. वहां वे एक होटल में ठहरे हुए थे. पुलिस के अनुसार, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस मामले में प्रिंस के साथ मौजूद चारों दोस्तों से भी पूछताछ की गई है. सभी बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं. फिलहाल जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही हैं.
खान पर पर आरोप
इधर, जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद रौशन आनंद ने कई गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने दावा किया था कि जेल में रहते हुए उन पर समझौते का दबाव बनाया गया. रौशन आनंद ने यह भी कहा था कि उनके भाई को लेकर उन्हें पहले से चेतावनी दी गई थी और पूरे मामले में साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि अब तक की शुरुआती मेडिकल जांच में किसी तरह की गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं. इसके बावजूद पुलिस और फॉरेंसिक टीम अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. माना जा रहा है कि विसरा रिपोर्ट आने के बाद प्रिंस यादव की मौत की असली वजह पूरी तरह साफ हो सकेगी.
इधर, जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद रौशन आनंद ने कई गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने दावा किया था कि जेल में रहते हुए उन पर समझौते का दबाव बनाया गया. रौशन आनंद ने यह भी कहा था कि उनके भाई को लेकर उन्हें पहले से चेतावनी दी गई थी और पूरे मामले में साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि अब तक की शुरुआती मेडिकल जांच में किसी तरह की गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं. इसके बावजूद पुलिस और फॉरेंसिक टीम अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. माना जा रहा है कि विसरा रिपोर्ट आने के बाद प्रिंस यादव की मौत की असली वजह पूरी तरह साफ हो सकेगी.
अब फिजिक्सवाला के अलख पांडे की एंट्री
फैजल खान उर्फ खान सर के खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) और रौशन आनंद के ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़ा विवाद अब महज दो संचालकों की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि इसमें देश के सबसे बड़े दिग्गजों की एंट्री से एक जबरदस्त ‘ट्विस्ट’ आ गया है. ‘ज्ञान बिंदु’ के रौशन आनंद सर के भाई की मौत के बाद उपजे इस विवाद में गुरु रहमान और ‘फिजिक्स वाला’ के अलख पांडेय आमने-सामने आ गए हैं. एक तरफ जहां गुरु रहमान ने खान सरको ‘महाझूठा’ बताते हुए सीधे युद्ध का शंखनाद कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ देश के सबसे बड़े ऑनलाइन गुरु अलख पांडेय ने खान सर के पक्ष में ढाल बनकर खड़े होने का एलान कर दिया है. सोशल मीडिया पर लगातार मिल रहे कमेंट्स और उठते सवालों के बीच फिजिक्स वाला के अलख पांडेय ने इस पूरे विवाद पर अपनी बेबाक प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने खान सर का बचाव करते हुए कहा कि जो इंसान देश के बच्चों के लिए इतना कुछ कर रहा है, जिसने शिक्षा को बिल्कुल सस्ता और सुलभ बना दिया, आज उसे ही कटघरे में खड़ा किया जा रहा है. अलख पांडेय ने भावुक होते हुए कहा कि पिछले 5 साल से खान सर यूट्यूब और सोशल मीडिया पर बेहद सस्ती शिक्षा दे रहे हैं. उनका कोई निजी कर्तव्य नहीं था कि वह बिहार में आकर गरीबों के लिए सस्ते अस्पताल खोलें और सस्ता इलाज करवाएं. लेकिन उन्होंने यह सब समाज के लिए किया और आज उसका परिणाम यह मिल रहा है कि हर कोई उन पर उंगली उठा रहा है.
अलख पांडेय ने क्या कहा?
फिजिक्स वाला के संस्थापक अलख पांडेय ने खान सर का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. इससे पहले गुरु रहमान ने भी इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए खान सर पर झूठ बोलने का आरोप लगाया था. अलख पांडेय ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि उन्हें खान सर को लेकर लगातार संदेश मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि किसी के भाई के साथ ऐसी घटना होती है तो स्वाभाविक रूप से वह उसकी मदद करने की कोशिश करेगा. उन्होंने कहा कि खान सर ने वर्षों से कम लागत में शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया है और बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी काम किया है.
निष्पक्ष जांच की मांग
अलख पांडेय ने कहा कि उनकी हाल ही में खान सर से बातचीत हुई थी. उस दौरान दोनों की यही राय थी कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पुलिस जो भी तथ्य हैं, उन्हें सार्वजनिक करे. उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी की भी गलती सामने आती है तो कानून के अनुसार उसे सजा मिलनी चाहिए.
अंत तक खान सर के साथ’
अलख पांडेय ने अपने बयान में कहा कि उन्हें खान सर पर पूरा भरोसा है और वह शुरुआत से अंत तक उनके साथ खड़े रहेंगे. साथ ही उन्होंने रौशन आनंद के भाई की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद दुखद घटना है. उन्होंने प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच की अपील की और कहा कि जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.
गुरु रहमान ने साधा था निशाना
इससे पहले शिक्षक गुरु रहमान ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने रौशन आनंद के भाई की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई थी. इसके साथ ही उन्होंने खान सर पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह अक्सर अलग-अलग समय पर अलग-अलग बातें करते हैं और उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया था.
क्या है पूरा मामला
यह विवाद रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई मौत के बाद शुरू हुआ. इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं और आरोप-प्रत्यारोप सामने आए. मामले की जांच नेपाल पुलिस कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. अभी तक किसी भी जांच एजेंसी ने किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी या भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है.
जांच पूरी होने का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले में अलग-अलग पक्ष अपनी-अपनी बातें रख रहे हैं. हालांकि, घटना की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक जांच अभी जारी है. ऐसे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.







