भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर (Bhojpur Fake Encounter) के बाद जनाक्रोश भड़क गया। गुरुवार को भरत के घरवालों के साथ उसके गांव और आसपास के लोगों की भारी भीड़ ने सड़क पर उसका शव रख जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उसका सामना भारी भीड़ से हुआ। पुलिस ने इन्हें हटाने के लिए लाठीचार्ज भी किया, लेकिन भीड़ में से ज्यादातर लोग टस से मस होने का नाम नहीं ले रहे थे।
आरा में भड़का जनाक्रोश
शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में युवक भरत तिवारी की पुलिस एनकाउंटर (Bhojpur Encounter) में हुई मौत के बाद लोगों का आक्रोश भड़क उठा। लोग पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करके फांसी देने की मांग कर रहे हैं। भरत तिवारी के लिए उमड़ी भारी भीड़ ने आरा-बक्सर फोर लेन सड़क को जाम कर दिया है। इस दौरान लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस लाठी चटकाती रही और राइफल दिखाती रही। लेकिन जनाक्रोश चरम पर था।
हजारों की भीड़ सड़क पर आई
भरत तिवारी का शव गांव पहुंचते ही उसके गांव के लोगों के अलावा आसपास के इलाकों के लोग भी भड़ उठे। इसके बाद हजारों लोगों की भीड़ ने शव को आरा बक्सर फोरलेन पर रख कर उसे जाम कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लोगों को हटने के लिए चेतावनी दी। लेकिन जनाक्रोश ऐसा था कि भीड़ हटने को रत्ती भर भी तैयार नहीं थी। ऐसे में पुलिस को भीड़ पर लाठीचार्ज करना पड़ा। थोड़ी देर के लिए भीड़ तितर बितर तो हुई लेकिन उसके बाद लोग पुलिस की राइफलों के सामने ही आकर अड़ गए।
सड़क जाम के कारण फोरलेन पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने कई बार परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती गई।
प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने खदेड़ा
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। इसके बाद सड़क खाली कराने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को दौड़ाकर खदेड़ा। इस दौरान कई लोगों के चोटिल होने की भी सूचना है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
एनकाउंटर के उच्चस्तरीय जांच की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि भरत भूषण तिवारी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि लगातार समझाने-बुझाने के बावजूद जाम नहीं हटाया जा रहा था, जिसके कारण यातायात बहाल कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करनी पड़ी। इलाके में तनाव बना हुआ था। बड़ी संख्या में पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है।
थानेदार समेत 6 पुलिसवाले सस्पेंड
भरत तिवारी के एनकाउंटर के केस में शाहपुर के थानेदार, सब इंस्पेक्टर, एक सहायक सब इंस्पेक्टर समेत आधा दर्जन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। लेकिन लोगों को इससे संतुष्टि नहीं है। वहीं एनकाउंटर पर अभी भी पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। परिजनों का सीधा तौर पर आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर कर भरत तिवारी को सरेंडर के बाद भी गोली मार दी। वो भी एक दो नहीं बल्कि उसे चार-चार गोलियां मारी गईं। खबर लिखे जाने तक सड़क पर लोगों का आक्रोश थमा नहीं था।







