आज 6 अगस्त 2026 ईस्वी दिन वुधवार वर्ष का 218 वाँ दिन 147 दिन शेष है। आज श्रावण कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि भरणी नक्षत्र गण्ड योग संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948 (पराभव संवत्सर) के साथ आज का दिन आप सबके लिए शुभ और कल्याणकारी हो।
आज श्रावण कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 06:52 PM तक उपरांत नवमी , नक्षत्र भरणी 08:13 PM तक उपरांत कृत्तिका, गण्ड योग 03:00 PM तक, उसके बाद वृद्धि योग , करण बालव 07:51 AM तक, बाद कौलव 06:53 PM तक, बाद तैतिल 05:48 AM तक, बाद गर। आज गुरुवार को राहु 02:10 PM से 03:47 PM तक है और चन्द्रमा मेष उपरांत वृषभ राशि पर संचार करेगा वं सूर्य मिथुन राशि पर रहेगें।
आज 6 अगस्त दिन गुरुवार को चंद्रमा का गोचर होने जा रहा है भरणी नक्षत्र से मेष राशि में। इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह रहेंगे शक्र जो सुख साधनों और मनोरंजन की ओर आकर्षण बढ़ाने वाला है साथ ही यह कला विषय की ओर भी रुझान बढाने वाला है। जबकि आज के दिन कर्क राशि में बुध का गोचर सूर्य और गुरु के साथ होने जा रहा है जिससे बुधादित्य योग के साथ त्रिग्रह योग का भी संयोग बनने जा रहा है। ऐसे में आज 6 अगस्त का दिन शुभ लाभदायक रहेगा ।
आज चंद्रदेव मेष राशि में रहेंगे, जो काम को तेजी से निपटाने और नए कदम उठाने का बल देंगे। कर्क राशि में सूर्यदेव, बुध देव और उच्च के बृहस्पतिदेव विराजमान हैं। इससे गहरी समझ और भविष्य के लिए सही योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी। मिथुन राशि में मंगल देव का गोचर बातचीत और मेलजोल से काम निपटाने की शक्ति देगा। कन्या राशि में नीच के शुक्रदेव के रहने से खर्चों और लेन-देन में थोड़ा संभलकर चलने की सलाह है। मीन राशि में वक्री शनिदेव यही सीख दे रहे हैं कि धीरज और नियम से किया गया प्रयास ही लंबे समय तक सफलता देता है।
परमश्रद्धेय बैकुंठधाम निवासी सुषमा स्वराज जी की सातवीं पुण्यतिथि अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि । देश हो या विदेश हो भारतीय नारी की पहचान ( साड़ी सिंदूर बिंदी ) को सदा जिवंत रखने वाली मृदभाषी तार्किक ऊर्जावान शख्सियत सुषमा स्वराज जी का कमी लंबे काल खंड तक जनमानस के स्मृतियों में अंकित रहेगा । आज उनकी दूसरी पुण्यतिथि है । शब्द नही है कैसे व्यान करु उनकी स्मृतियों की । अश्रुपूर्ण नेत्रों के साथ महान दिव्यात्माआ को श्रद्धांजलि ।
आज 6 अगस्त है , वैसे तो आज हिरोशिमा दिवस के रूप में याद किया जाता हैं किंतु मानव इतिहास का मानव के द्वारा किया गया सबसे बीभत्स घटना है जो मानव के विकास के साथ धूमिल हो रही पर मिट नही सकती है ।
जापान का औद्योगिक शहर हिरोशिमा आबादी करीब 3.50 लाख रोज की तरह 1945 में आज की सुबह हुई लेकिन घड़ी की सुइया जैसे ही सुबह के 8.15 बजाए इंसान द्वारा निर्मित इस ब्रह्मांड का सबसे भयंकर मंजर दुनिया के सामने दिखा। एक पल में करीब डेढ़ लाख मानव कंकाल में नही बल्कि भाप में तब्दील होकर मानव द्वारा कुकृत्य कलंक दुनिया के माथे ओर चस्पाकर इस ब्रह्मांड में विलीन हो गए । जो इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक बन गया । कुछ ही पलों में वहां विनाश का ऐसा तांडव फैला, जिसकी दूसरी कोई मिसाल नहीं ।
इस विनाश के तुरंत बाद अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति हैरी एस ट्रूमैन ने घोषणा करते हुए कहा, “अब से कुछ देर पहले एक अमरीकी जहाज़ ने हिरोशिमा पर एक बम गिरा कर दुश्मन के यहाँ भारी तबाही मचाई है । यह बम 20 हज़ार टन टीएनटी क्षमता का था और अब तक इस्तेमाल में लाए गए सबसे बड़े बम से दो हज़ार गुना अधिक शक्तिशाली था” ।
वाक्या है द्वितीय विश्व युद्ध के आखरी पड़ाव का जब जापान हथियार डालने की कगार पर पहुंच चुका था , तभी मानव इतिहास में पहली बार परमाणु हमला हुआ । अमेरिका के बी-29 बॉम्बर विमान ने जापान के हिरोशिमा पर परमाणु बम डाल कर पूरी दुनिया में अमेरिकी शक्ति की धाक साबित की । वह लिटिल बॉय’ नामक यूरेनियम बम था जिसके प्रभाव से 13 वर्ग कि.मी. में तबाही फ़ैल गयी थी। हिरोशिमा की 3.5 लाख की आबादी में से डेढ़ लाख लोग एक झटके में ही मारे गए। ये सब सैनिक नहीं थे। इनमें से अधिकांश साधारण नागरिक, बच्चे, बूढ़े तथा औरतें थीं। इसके बाद भी अनेक वर्षों तक अनगिनत लोग विकिरण के प्रभाव से मरते रहे।
इस हमले के बाद जापान बुरी तरह से बिखर गया । लेकिन कहते है हौसला हो तो आसमान के तारे तोड़ लाना भी मुमकिन है वहीं किया जपान ने इतने बड़े हादसे के बाद उसे संभलने में ज्यादा वक्त नहीं लगा ।
सलाम है उन जपानियो के हौसले की जो आज भी अपनी काबिलियत के दम पर दुनिया में अग्रणी है ।
आज 6 अगस्त है , सृष्टि का सृजन अपने आप में एक अजूबा है और बच्चे के जन्म लेने की प्रक्रिया कुदरत के किसी करिश्मे से कम नहीं, लेकिन इंसान ने टेस्ट ट्यूब के जरिए बच्चे के जन्म की प्रणाली का विकास कर इस करिश्मे में एक और कड़ी जोड़ दी। भारत में पहले टेस्ट ट्यूब बच्चे का जन्म आज के ही दिन 1986 में हुआ था।





