CBSE को फिर सवालों का सामना करना पड़ा। CBSE और शिक्षा मंत्री ने ऐलान किया था कि बारहवीं का इम्तिहान देने वाले छात्रों की कॉपी का रि-इवैल्यूएशन प्रॉसेस 1 जून से शुरू होगा। लेकिन पहले ही दिन वेबसाइट जवाब दे गई। दूसरे दिन, आज 2 जून को वेबसाइट चालू हुई। CBSE ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि वेबसाइट में कुछ तकनीकी दिक्कतें थी। वेबसाइट शुरू होते ही छात्र अपनी कॉपी री-चेक कराने के लिए अप्लाई कर पाएंगे।
इससे पहले CBSE ने 22 मई से रि-इवैल्यूएशन की वेबसाइट ओपन की थी लेकिन जब चार लाख से ज़्यादा छात्रों ने अपनी स्कैन्ड answer-sheets मांगने के लिए अप्लाई किया तो वेबसाइट बैठ गई। बहुत से छात्र फीस का भुगतान नहीं कर पाये। CBSE ने 1 जून से revamped वेबसाइट शुरू करने का भरोसा दिया था लेकिन पहले ही दिन CBSE अपने वादे पर खरी नहीं उतरी। CBSE के ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर नए सवाल उठे। आरोप लगा कि बच्चों की कॉपी को मोबाइल से स्कैन किया गया था, इसी वजह से कॉपी धुंधली नजर आ रही थीं। उन पर क्लिप्स के निशान थे। ये गड़बड़ी OSM का ठेका लेने वाली कंपनी Co-empt की तरफ से हुई थी।
वहीं CBSE ने OSM के लिए answer sheets को जिस पोर्टल पर अपलोड किया था उसको हैक करके छात्रों की कॉपी को पब्लिक डोमेन में डाला गया। एथिकल हैकर्स ने कहा कि CBSE ने वेबसाइट सिक्योर करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाये। उसी वजह से बच्चों की कॉपी पब्लिक डोमेन में आ गई। ये छात्रों की निजता की सुरक्षा में बड़ी खामी है। CBSE ने इस मामले में भी अपनी गलती मान ली है और सिस्टम को सुधारने का वादा किया है। इसके अलावा CBSE OSM का ठेका लेने वाली कंपनी Co-empt के ऊपर भारी जुर्माना लगाने और भविष्य में उसे ठेका न देने जैसे कड़े क़दम उठाने पर भी विचार कर रही है। CBSE ने डिजिटल सिस्टम लागू तो किया था छात्रों की भलाई के लिए, Re-evaluation को मजबूत बनाने के लिए लेकिन इसे बिना पूरी तरह टेस्टिंग के operationalise कर दिया गया इसलिए लेने के देने पड़ गए।
Re-evaluation system लागू करने से पहले चुनिंदा विषयों में pilot Project कराये जाने चाहिए थे, फिर बड़े पैमाने पर dry run होना चाहिए था। कम से कम 6 महीने का trial run होता तो बेहतर होता। ये नहीं हुआ और पूरा सिस्टम अपने ही बोझ तले दब गया। Re-evaluation का सिस्टम बुरा नहीं है, इसे लागू करने में जो सावधानी बरती जानी चाहिए थी, वो नहीं बरती गई, इसलिए छात्रों को इतनी परेशानी हुई।
CBSE क्लास 12 के री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल फिर से ठप
सीबीएसई के क्लास 12 के री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल में मंगलवार को फिर से टेक्निकल दिक्कतें आईं। कई स्टूडेंट्स ने बताया कि प्लेटफॉर्म के चालू होने के कुछ ही समय बाद लॉगिन फेलियर और स्क्रीन फ्रीज़ हो गई। वहीं, छात्रों की शिकायत के बाद सीबीएसई ने एक्स हैंडल पर दावा किया कि पोर्टल फिर से लाइव हो गया है।
स्टूडेंट्स ने लॉगिन नहीं होने की शिकायत की
कई स्टूडेंट्स ने कहा कि वे अपने क्रेडेंशियल सही से डालने के बावजूद पोर्टल एक्सेस नहीं कर पा रहे थे। छात्रों ने बताया कि लॉगिन डिटेल्स सबमिट करने के बाद वेबसाइट फ्रीज़ हो गई, जिससे वे प्रोसेस को आगे नहीं बढ़ा पाए। एक छात्र ने शिकायत करते हुए कहा, ‘यह अभी भी काम नहीं कर रहा है, लॉग-इन डिटेल्स और कैप्चा वगैरह भरने के बाद भी, यह लॉग इन नहीं करता है। यह कहता है “वेरिफिकेशन फेल हो गया, प्लीज़ अपनी डिटेल्स चेक करें और फिर से कोशिश करें”।
एरर दिखाने वाले वीडियो भी स्टूडेंट्स ने ऑनलाइन शेयर किए, जो प्लेटफॉर्म एक्सेस करने की कोशिश कर रहे थे। दूसरों ने भी ऐसे ही अनुभव बताए, कहा कि पोर्टल या तो लोड नहीं हो रहा था या बार-बार उनकी लॉगिन जानकारी रिजेक्ट कर रहा है। एक स्टूडेंट ने कहा, “कुछ सवाल इवैल्यूएटर ने चेक नहीं किए।
सीबीएसई ने साइट फिर से चालू होने का किया दावा
छात्रों की शिकायत के बाद सीबीएसई ने एक्स हैंडल पर 9:52 AM पर एक मैसेज शेयर कर कहा कि वेरिफ़िकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई करने का पोर्टल अब LIVE है। स्टूटेंट्स यहां अप्लाई करें:
https://cbse.gov.in/newsite_old/rchk.html । कृपया ध्यान दें कि सुरक्षा कारणों से आधार वेरिफ़िकेशन को शामिल किया गया है। जिन बच्चों के पास आधार नहीं है, उनके माता-पिता, रिश्तेदार या गार्जियन की आधार डिटेल्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मामले में, आधार का नाम, जन्म तिथि और जेंडर उस व्यक्ति का होना चाहिए जिसका आधार नंबर इस्तेमाल किया जा रहा है।
इससे पहले मंगलवार सुबह सीबीएसई ने कहा था कि पोर्टल फिर से चालू हो गया है। छात्र निर्देशों का पालन करते हुए संबंधित शिकायत या सेवा के लिए अप्लाई कर सकते हैं।







