बिहार में गर्मी और बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग सोमवार यानी आज सीमांचल के 6 जिलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। बाकी 32 जिलों में मौसम सामान्य रहेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक, तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, अगले 24 से 48 घंटे के दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बन रही है। 40 से 50Kmph की घंटे से हवा चलेगी।
पिछले 24 घंटे में सीवान और छपरा में तेज हवा चली। इसके साथ ही सीवान में बारिश भी हुई। वहीं, कैमूर में एक बार फिर पारा 40 डिग्री के पार चला गया है। रविवार को यहां का तापमान 40.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में अब मौसमी सिस्टम कमजोर पड़ रहे हैं. इसके प्रभाव से अगले 24 से 48 घंटों के भीतर अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है. तापमान बढ़ने और हवा में नमी होने के कारण लोगों को भीषण गर्मी के साथ-साथ चिपचिपाती उमस का सामना करना पड़ेगा. हालांकि, सीमांचल और कोसी क्षेत्र के जिलों में बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण स्थानीय स्तर पर बादल छाए रहेंगे, जिससे वहां गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश होने से तापमान नियंत्रित रहेगा.
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले एक सप्ताह के दौरान बिहार के अधिकांश हिस्सों, विशेषकर दक्षिण और मध्य बिहार के जिलों में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ेगा. दिन के समय तेज धूप निकलेगी और दोपहर के वक्त गर्म पछुआ हवाएं चल सकती हैं, जिससे लू जैसा अहसास होगा. उत्तर-पूर्वी बिहार को छोड़कर शेष भागों में बारिश की कोई संभावना नहीं है. ऐसे में कृषि कार्यों और आम जनजीवन पर इस बदलती तपिश का सीधा असर देखने को मिल सकता है.
31 मई तक 169.7mm बारिश
बिहार में इस साल 31 मई तक सामान्य से लगभग दोगुनी बारिश दर्ज की गई है। 1 मार्च से 31 मई के बीच राज्य में 169.7mm बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि इस अवधि में सामान्यतः 85.3mm बारिश होती है। यानी राज्य में सामान्य से 99% अधिक बारिश हो चुकी है।
बारिश का यह पैटर्न पिछले कई सालों की तुलना में काफी अलग रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण राज्य में बारिश की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं।
पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में सबसे अधिक 15mm बारिश समस्तीपुर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा सीवान के जीरादेई में 13mm, सारण के छपरा और अरवल में 12-12mm, किशनगंज के बहादुरगंज में 9mm, पश्चिम चंपारण के सिकटा में 8.6mm और अररिया के फारबिसगंज में 8.2mm बारिश दर्ज की गई।
आगे कैसा रहेगा मौसम
- मौसम विभाग ने पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, सारण और सीवान जिलों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इन क्षेत्रों में मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ 40 से 50Kmph की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
- राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्मी बढ़ेगी है। दिन में तेज धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी होगी। हालांकि, उत्तर-पूर्वी बिहार के कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर बादल बनने की संभावना है, जिससे हल्की बारिश हो सकती है।
- अगले एक सप्ताह तक दक्षिण और मध्य बिहार के जिलों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। दोपहर के समय गर्म हवाएं चलने की भी संभावना है।
- पटना में सोमवार को मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। सुबह के समय हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन दिन चढ़ने के साथ धूप तेज होगी। अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।
क्या बिहार में मानसून की एंट्री होगी लेट
मानसून को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार बिहार में इसकी एंट्री देर से होगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है।
हालांकि इसके बिहार पहुंचने में अभी कुछ दिन का समय है। आमतौर पर मानसून बिहार के पूर्वी हिस्सों में 10 से 15 जून के बीच दस्तक देता है और इसके बाद धीरे-धीरे पूरे राज्य में फैलता है।
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मानसून के आगमन में बहुत अधिक देरी के संकेत नहीं हैं। यदि बंगाल की खाड़ी में अनुकूल परिस्थितियां बनी रहती हैं तो जून के दूसरे सप्ताह में बिहार के सीमांचल क्षेत्र से मानसून की एंट्री हो सकती है।
पटना और इसके आसपास के इलाकों में सोमवार को मौसम पूरी तरह सामान्य रहने की उम्मीद है. सुबह के समय आंशिक रूप से हल्के बादल दिखाई दे सकते हैं, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही धूप तीखी होती जाएगी. पटना में अधिकतम तापमान बढ़ने से दोपहर के वक्त उमस परेशान करेगी. हालांकि, शाम होते-होते हल्की ठंडी हवाएं चलने से लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल राजधानी में बारिश के कोई आसार नहीं हैं.
गर्मी के बढ़ते प्रभाव के बीच राहत की बात यह है कि मानसून अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, केरल और पूर्वोत्तर भारत में दस्तक देने के बाद मानसूनी हवाएं तेजी से बिहार की ओर रुख कर रही हैं. आमतौर पर बिहार के पूर्वी हिस्सों में मानसून 10 से 13 जून के बीच प्रवेश करता है. वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि जून के दूसरे सप्ताह में मानसून सीमांचल के रास्ते बिहार में प्रवेश कर जाएगा, जिसके बाद ही प्रदेश वासियों को इस उमस भरी गर्मी से स्थायी राहत मिल सकेगी.







