शेयर बाजार में आज 18 मई को भारी गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटकर 74,227 पर आ गया और निफ्टी में 285 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ 23,334 पर आ गया. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ग्लोबल तनाव से निवेशकों में चिंता बढ़ी हुई है. ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है.
इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त चेतावनी दी है. ऐसे में भारतीय रुपया भी दबाव में नजर आ रहा है. सोमवार को डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 96.17 पर खुला है, जोकि शुक्रवार के 95.97 के बंद स्तर से कमजोर है.
एशियाई बाजारों का हाल
एशिया-पैसिफिक शेयर बाजारों में सोमवार को गिरावट देखने को मिली. अमेरिका की ईरान के बीच तनाव जारी रहने के बाद निवेशकों में टेंशन बना हुआ है और तेल सप्लाई प्रभावित होने का डर बढ़ा है. ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 इंडेक्स 0.76% गिर गया, जबकि जापान का निक्केई 0.2% कमजोर हुआ. हालांकि, जापान का टॉपिक्स इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ 0.1% ऊपर रहा. दक्षिण कोरिया के कोस्पी और कोसडैक इंडेक्स में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जबकि हांगकांग के हैंगसेंग फ्यूचर्स भी पिछले बंद स्तर से नीचे कारोबार करते दिखे.
India VIX में तेजी
बाजार में बढ़ती चिंता के बीच इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX) 6% से ज्यादा बढ़कर 19.92 के स्तर पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि निवेशकों में अनिश्चितता और डर बढ़ रहा है, जिससे शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव तेज हो सकता है.
यूएस और ईरान के बीच तनाव
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि समझौते के लिए समय तेजी से खत्म हो रहा है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर ईरान ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो उसके लिए हालात और खराब हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका समझौता चाहता है, लेकिन ईरान को अपनी स्थिति बदलनी होगी.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने फोन कॉल में कहा कि अगर ईरान समझौते की दिशा में आगे नहीं बढ़ता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि ट्रंप मंगलवार को अपने राष्ट्रीय सुरक्षा दल के साथ बैठक कर सकते हैं, जिसमें सैन्य विकल्पों पर चर्चा हो सकती है.
वहीं, ईरान की समाचार एजेंसी Fars News Agency के अनुसार, ईरान ने युद्ध खत्म करने, खासकर लेबनान में संघर्ष रोकने, ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाने, उसके फ्रीज किए गए फंड जारी करने, युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा देने और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता देने जैसी मांगें रखी हैं.
शेयर बाजार पर एनालिस्ट की राय
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, इनरिच मनी के सीईओ Ponmudi R के अनुसार, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और रुपये का डॉलर के मुकाबले 96 के पार जाना भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है. Ponmudi R ने कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और महंगे कच्चे तेल की वजह से भारतीय बाजार शुरुआत में गिरावट से शुरुआत कर सकते हैं और निवेशकों में चिंता बनी रह सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के लिए 23,900-24,000 का स्तर बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है, जबकि 23,500-23,400 का दायरा तत्काल सपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है. मतलब, बाजार में गिरावट आने पर इस स्तर पर खरीदारी का सपोर्ट मिल सकता है.







