उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि संभावित बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति से निबटने के लिए तैयारी निर्धारित समय से पूर्व करनी है। बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी बधाई के होंगे, वहीं जानबूझ कर कार्यों में कोताही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सिंचाई भवन में बाढ़ और सुखाड़ पूर्व तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहे उपमुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न बाढ़ वाले संवेदनशील क्षेत्रों में कटाव निरोधी कार्यों की प्रगति, तटबंधों की मरम्मत एवं अनुरक्षण, बाढ़ सुरक्षात्मक सामग्री की उपलब्धता, संवेदनशील स्थलों की निगरानी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। इसके पहले विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की तैयारियों से अवगत कराया।
बाढ़ अवधि के समय मुस्तैदी के साथ हो पेट्रोलिंग: उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ अवधि में पूरी मुस्तैदी के साथ तटबंधों की पूरी लंबाई पर पेट्रोलिंग करें। लगातार उसका निरीक्षण करें, ताकि तटबंधों को ऐसी क्षति नहीं हो जो आपदा में बदल जाए। बेहतर बाढ़ प्रबंधन के लिए क्षेत्रीय अधिकारी स्थानीय लोगों और स्थानीय प्रशासन से संपर्क बनाकर रखें।
नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना सरकार का लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री ने सुखाड़ की संभावित स्थिति से निपटने एवं खरीफ फसल के बेहतर सिंचाई के नहर प्रणालियों का अंतिम छोर तक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। किसानों को आगामी खरीफ फसलों में पानी सुगमता से उपलब्ध हो। यदि किसी क्षेत्र में नहरों के अंतिम छोर तक गत वर्ष पानी नहीं पहुंचा हो तो उसकी सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक मरम्मत करा कर मुख्यालय को रिपोर्ट दें। बैठक में विशेष सचिव केडी प्रौज्जवल, अभियंता प्रमुख वरुण कुमार, अभियंता प्रमुख ब्रजेश मोहन, अभियंता प्रमुख अनवर जमील सहित बाढ़ एवं सिंचाई प्रक्षेत्र के मुख्य अभियंता भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।







