भगवान बुद्ध की जयंती ( बुद्ध पूर्णिमा ) के अवसर पर आज पूरा बिहार तथागत की शिक्षाओं और शांति के संदेशों से सराबोर दिखा। इसी कड़ी में प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना के ऐतिहासिक ‘बुद्ध स्मृति पार्क’ पहुंचे, जहां उन्होंने विशेष धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने यहां स्थापित भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष शीश नवाया और बोधगया और श्रीलंका से लाए गए पवित्र बोधि वृक्षों की विधि-विधान से पूजा की। ये आयोजन न केवल धार्मिक महत्ता का प्रतीक रहा, बल्कि मुख्यमंत्री ने इसके माध्यम से विश्व शांति और देश-प्रदेश में अमन-चैन बनाए रखने का संदेश भी दिया। इससे पहले के सालों में बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर अक्सर नीतीश कुमार बतौर सीएम मौजूद रहते थे।
पवित्र अस्थि अवशेषों के सामने किया ध्यान
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुद्ध स्मृति पार्क के भीतर स्थित ‘पाटलिपुत्र करुणा स्तूप’ में प्रवेश किया। वहां उन्होंने भगवान बुद्ध के अत्यंत पवित्र अस्थि अवशेषों की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने स्तूप की परिक्रमा की और कुछ समय मौन रहकर भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का स्मरण करते हुए ध्यान लगाया। उन्होंने बौद्ध भिक्षुओं के साथ बैठकर मंगल कामना की और प्रार्थना की कि बिहार विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर रहे।
- मुख्यमंत्री को बौद्ध भंते द्वारा बोधगया के बोधिवृक्ष और आनंद बोधि वृक्ष की पूजा कराई गई।
- श्रीलंका के अनुराधापुरम से लाए गए ऐतिहासिक बोधि वृक्ष की भी विशेष अर्चना की गई।
- मुख्यमंत्री ने करुणा स्तूप में भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेषों को नमन किया।
- बौद्ध भिक्षुओं के साथ बैठकर विश्व शांति के लिए मंगल पाठ और सामूहिक ध्यान किया गया।
मंत्रियों और अधिकारियों की मौजूदगी दिखी
बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ सरकार के कई वरिष्ठ सहयोगी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, विधायक रामकृपाल यादव और महापौर सीता साहू ने भी भगवान बुद्ध की वंदना की। शासन-प्रशासन के स्तर पर नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव, पटना प्रमंडल के आयुक्त और जिलाधिकारी सहित वरीय पुलिस अधीक्षक ने भी बुद्ध स्मृति पार्क पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
विश्व शांति के साथ अमन-चैन की कामना
पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री ने बौद्ध भिक्षुओं के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि बुद्ध की शिक्षाएं आज के समय में पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। सत्य, अहिंसा और करुणा का मार्ग ही मानवता के कल्याण का एकमात्र रास्ता है। मुख्यमंत्री ने भगवान बुद्ध से प्रार्थना की कि देश में सुख, समृद्धि और भाईचारा बना रहे। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री को बौद्ध परंपरा के अनुसार अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।







