पश्चिम एशिया के समुद्री रास्तों पर पिछले दिनों हुई गोलीबारी ने तनाव बढ़ा दिया है। इस गंभीर स्थिति पर भारत सरकार ने अब अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है। भारत का मानना है कि किसी भी बड़े संघर्ष को केवल बातचीत और कूटनीति से ही सुलझाया जा सकता है। सरकार ने साफ किया है कि शांति के लिए उठाए जाने वाले हर कदम को भारत का पूरा समर्थन मिलेगा।
पश्चिम एशिया में जहाजों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने ताजा आंकड़े जारी किए हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में सुरक्षा घेरे के बीच 10 भारतीय जहाज इस खतरनाक क्षेत्र से बाहर आ चुके हैं। फिलहाल 14 भारतीय जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में ही हैं। भारतीय एजेंसियां इन 14 जहाजों की लोकेशन और सुरक्षा पर हर पल नजर रख रही हैं।
सुरक्षा के लिए कूटनीतिक प्रयास
भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह क्षेत्र में युद्ध नहीं, बल्कि समाधान चाहता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि समुद्र में जहाजों पर हमले होना चिंता का विषय है। इससे वैश्विक व्यापार पर बुरा असर पड़ता है। भारत सरकार अपने व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत कर रही है। भारतीय नौसेना भी क्षेत्र की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है, जिससे भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।







