ADVERTISEMENT
Saturday, July 11, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

पहली बार सत्ता, प्रयोग में है खतरा, बिहार में नए सीएम के लिए काउंट डाउन शुरू ………….

UB India News by UB India News
April 8, 2026
in पटना, बिहार
0
कंधे पर सिंहासन की विरासत!!

RELATED POSTS

क्या नितिन नवीन ने चारा घोटाला के आरोपी के बेटे को टिकट दिलवाया…………………

बांकीपुर की जनता से डर गई बीजेपी- पीके

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
भारतीय जनता पार्टी बिहार में मुख्यमंत्री पद के चयन को लेकर कोई बड़ा जोखिम या अनजाना प्रयोग करने से बचने की रणनीति अपना सकती है. पार्टी का राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेतृत्व बिहार की जटिल सामाजिक-राजनीतिक वास्तविकता को अच्छी तरह समझता है. जहां अन्य राज्यों में भाजपा ने नए चेहरों को मुख्यमंत्री बना कर प्रयोग किया, वहीं बिहार में वह स्थिरता, गठबंधन की मजबूती और जातीय समीकरणों को प्राथमिकता दे सकती है. भाजपा बिहार में नए प्रयोग से परहेज क्यों कर सकती है, इसे इन 5 बिंदुओं में समझा जा सकता है.

1- प्रयोग वहीं, जहां BJP मजबूत है
भाजपा ने अपने राजनीतिक सफर में अभी तक अज्ञात या अचर्चित चेहरों को मुख्यमंत्री पद पर बैठाने का प्रयोग केवल उन्हीं राज्यों में किया है, जहां उसका जनाधार पहले से ही मजबूत रहा. या फिर जहां उसे चुनाव में स्पष्ट बहुमत मिला. उदाहरण के तौर पर मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों को देखा जा सकता है. इन राज्यों में पार्टी ने 2014 के बाद जब भी पूर्ण बहुमत हासिल किया तो वहां संगठनात्मक मजबूती और लोकप्रियता के आधार पर नए चेहरों को आजमाने का जोखिम लिया. मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान जैसे चेहरे पहले से स्थापित थे, लेकिन जब नए प्रयोग की जरूरत पड़ी तो पार्टी ने अपने मजबूत काडर डॉ. मोहन यादव पर भरोसा जताया. राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी इसी फॉर्मूले का पालन हुआ. इन राज्यों की खासियत यह रही कि भाजपा के पास पर्याप्त विधायक संख्या, संगठनात्मक संरचना और वोट बैंक की गहराई थी. इसलिए वहां प्रयोग की असफलता का खतरा न्यूनतम था. बिहार में स्थिति बिल्कुल उलट है. यहां BJP का अपना स्वतंत्र जनाधार अभी भी सीमित है. 35 वर्षों से चली आ रही कोशिशों के बावजूद पार्टी कभी अकेले सरकार बनाने की स्थिति में नहीं पहुंची. इसलिए बिहार में कोई नया चेहरा आजमाने का मतलब होगा, संगठन पर अनावश्यक दबाव डालना और गठबंधन को कमजोर करना. भाजपा की रणनीति साफ है. जहां मजबूती है, वहां प्रयोग; जहां कमजोरी है, वहां सावधानी.
2- बिहार में बीजेपी को बहुमत नहीं है
बिहार की राजनीतिक स्थिति भाजपा के लिए हमेशा से चुनौतीपूर्ण रही है. पिछले 35 वर्षों में पार्टी ने बिहार में बार-बार जोर आजमाइश की, लेकिन कभी भी अपने दम पर सरकार बनाने लायक बहुमत हासिल नहीं कर सकी. 1990 के दशक से लेकर 2025 तक के चुनावों में भाजपा को या तो सहयोगी दलों का सहारा लेना पड़ा या विपक्ष में बैठना पड़ा. 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद स्थिति कुछ हद तक सुधरी है, लेकिन अब भी भाजपा अपने दम पर सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है. उसके अभी 88 विधायक हैं, जो अकेले बहुमत के जादुई आंकड़े 122 से काफी कम हैं. इस बार एनडीए में जेडीयू के साथ मिल कर सरकार बनी है, लेकिन भाजपा का अपना वोट शेयर और सीटें अब भी भी सीमित हैं. ऐसे में कोई चौंकाने वाला प्रयोग- जैसे किसी अनजान चेहरे को मुख्यमंत्री बनाना- भाजपा के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है. पार्टी जानती है कि बिहार में स्थिरता बनाए रखने के लिए गठबंधन की जरूरत है. इसलिए वह पुराने और विश्वसनीय फॉर्मूले पर ही चलना पसंद करेगी. बहुमत न होने की स्थिति में प्रयोग का मतलब होता है गठबंधन साझेदारों में अविश्वास पैदा करना, जो भाजपा बिल्कुल नहीं चाहेगी.
3- जातीय ध्रुवीकरण बिहार में जरूरी
बिहार की राजनीति में जातीय समीकरण सबसे बड़ा फैक्टर रहा है. लालू प्रसाद यादव ने 1990 के दशक में जिस सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के ध्रुवीकरण की परिपाटी शुरू की, उसे आज हर राजनीतिक दल को मजबूरी में अपनाना पड़ता है. गैर यादव ओबीसी, ईबीसी (अत्यंत पिछड़े वर्ग) और दलित वोटरों का बड़ा हिस्सा लंबे समय से नीतीश कुमार की ओर झुका रहा है. उनकी गैरमौजूदगी में इन वोटरों में पैठ बनाने के लिए लव-कुश (कोइरी-कुर्मी) समाज से ही किसी ज्ञात और स्वीकार्य चेहरे को प्राथमिकता देनी होगी. जेडीयू के साथ रहने पर यह समाज भाजपा के लिए सबसे मजबूत आधार बनता रहा है. यही वजह है कि भाजपा ने पिछले वर्षों में इसी समीकरण से आने वाले सम्राट चौधरी जैसे नेता को धीरे-धीरे विकसित किया है. अब अचानक किसी बाहरी या अनजाने चेहरे को आगे बढ़ाने से इन वोटरों में असंतोष फैल सकता है. जातीय ध्रुवीकरण की इस मजबूरी को समझते हुए भाजपा जानती है कि बिहार में सीएम चयन में सामाजिक संतुलन बनाए रखना जरूरी है. इसलिए वह उन चेहरों पर ही दांव लगाएगी, जिन्हें उसने पिछले एक दशक में डेवलप किया है. यह प्रयोग नहीं, बल्कि सावधानीपूर्वक तैयार की गई रणनीति का हिस्सा होगा.
4- नीतीश की पसंद मानना मजबूरी है
जेडीयू बिहार में एनडीए की महत्वपूर्ण साझीदार पार्टी है. उसके पास 85 विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास 88 हैं. हाल ही में नितिन नवीन के राज्यसभा चले जाने के बाद भाजपा की विधायक संख्या 89 से घट कर 88 रह गई है. इस संकीर्ण बहुमत की स्थिति में नीतीश कुमार की पसंद को नजरअंदाज करना उसके लिए असंभव है. नीतीश कुमार न सिर्फ जेडीयू के सर्वेसर्वा हैं, बल्कि बिहार की राजनीति के अनुभवी खिलाड़ी भी हैं. उनके बिना एनडीए सरकार का टिक पाना मुश्किल होगा. इसलिए सीएम चयन में उनकी इच्छा को तरजीह देना भाजपा की मजबूरी बन गई है. अगर भाजपा किसी नए चेहरे पर जोर देती है, तो जेडीयू में असंतोष बढ़ सकता है, जो गठबंधन के टूटने का खतरा पैदा करेगा. पार्टी इस बात को अच्छी तरह समझती है कि बिहार में स्थिर सरकार के लिए जेडीयू के साथ सामंजस्य बनाए रखना अनिवार्य है. इसलिए नीतीश की पसंद को मानना न सिर्फ राजनीतिक विवेक है, बल्कि गठबंधन की बुनियाद को मजबूत रखने का एकमात्र रास्ता भी है.
5- पहली बार सत्ता, प्रयोग में है खतरा
बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनना पहली बार होगा. यह ऐतिहासिक मौका है, लेकिन साथ ही जोखिम भी है. जेडीयू में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग पहले से उठ रही है और यह भविष्य की चुनौती के रूप में बरकरार रहेगी. ऐसे में भाजपा कोई नया प्रयोग कर के अपनी छवि को जोखिम में नहीं डालना चाहती. पहली बार सत्ता में आने पर अगर सीएम चयन में कोई विवाद हुआ तो न सिर्फ एनडीए के अंदर दरार पड़ेगी, बल्कि विपक्ष को भी इसे भुनाने का मौका मिल जाएगा. इसलिए बीजेपी सबका विश्वास जीतने का प्रयास करेगी. वह पुराने और विश्वसनीय चेहरे पर ही भरोसा जताएगी, जिससे गठबंधन मजबूत रहे और बिहार में स्थिर सरकार चल सके. इसलिए बीजेपी बिहार में चौंकाने वाले किसी प्रयोग से बचते हुए व्यावहारिक और सुरक्षित रास्ता चुन सकती है. बिहार की राजनीतिक जटिलता को देखते हुए यह रणनीति न सिर्फ समझदारी भरी होगी, बल्कि आने वाले वर्षों में भाजपा को मजबूत स्थिति दिला सकती है.
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

क्या नितिन नवीन ने चारा घोटाला के आरोपी के बेटे को टिकट दिलवाया…………………

क्या नितिन नवीन ने चारा घोटाला के आरोपी के बेटे को टिकट दिलवाया…………………

by UB India News
July 11, 2026
0

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव में बीजेपी ने अपना...

बांकीपुर की जनता से डर गई बीजेपी- पीके

बांकीपुर की जनता से डर गई बीजेपी- पीके

by UB India News
July 11, 2026
0

बांकीपुर सीट पर बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बदल दिया है। बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा को बांकीपुर से उम्मीदवार बनाया...

सरकार और संगठन में समन्वय बढ़ाएगा एनडीए

सरकार और संगठन में समन्वय बढ़ाएगा एनडीए

by UB India News
July 11, 2026
0

राज्य की गद्दी संभालने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को पहली बार एनडीए के सभी पांच घटक दलों भाजपा,...

क्या PK की चूक ने दे दी बांकीपुर में BJP को संजीवनी !

क्या PK की चूक ने दे दी बांकीपुर में BJP को संजीवनी !

by UB India News
July 11, 2026
0

जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर से उम्मीदवार प्रशांत किशोर का 'पेपर बम' फूटता और बीजेपी के उम्मीदवार अभिषेक बंटी...

बांकीपुर सीट पर भाजपा का नया चेहरा एक्शन में; CM सम्राट और डिप्‍टी सीएम से मिले नीरज सिन्हा

बांकीपुर सीट पर भाजपा का नया चेहरा एक्शन में; CM सम्राट और डिप्‍टी सीएम से मिले नीरज सिन्हा

by UB India News
July 11, 2026
0

बांकीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्‍याशी बनाए गए नीरज कुमार सिन्‍हा  नामांकन से पहले एक्‍शन...

Next Post
पूरे बिहार में आज तेज बारिश की संभावना,12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

पूरे बिहार में आज तेज बारिश की संभावना,12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

देश के कई राज्यों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर सप्लाई बंद ! एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955′ लागू

गैस कालाबाजारी: पटना में 22 केस दर्ज:6 दिन में 163412 ग्राहकों ने बुक किए सिलेंडर ,पटना में धावा दल की कार्रवाई.......

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend