गैस की कालाबाजारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस टीम में नगर पालिका चिकित्सा विद्युत परिवहन कृषि और पुलिस विभाग के पदाधिकारी को शामिल किया गया है।आइओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल मिलकर यहां पर 136 वितरक है। इसमें आइओसीएल के 73 बीपीसीएल के 40 एचपीसीएल के 23 शामिल है।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी रविंद्र कुमार दिवाकर ने बताया कि ऑस्टिन पटना जिले में 35000 सिलेंडर की आवश्यकता है। जिसकी पूर्ति हो रही है। पिछले 6 दिनों में 1634412 बुकिंग आई है। लोगों से अपील है कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है। पर्याप्त गैस सिलेंडर है। कल तक 3352 शिकायत मिली है। सभी शिकायतों पर कार्यवाही की जा रही है। किसी तरह की परेशानी आती है तो 0612 2219 810 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
एजेंसी के हेल्पलाइन नंबर
आइओसीएल 1800 2333 555, HPCL 912222863900, बीपीसीएल 912222713000 पर भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। 6 अप्रैल को कालाबाजारी के खिलाफ छह गैस एजेंसी 10 होटल रेस्टोरेंट छापेमारी की गई जिसमें दो के खिलाफ केस रजिस्टर्ड किया गया है। सदर अनुमंडल के एस के पुरी थाना क्षेत्र में भी छापेमारी हुई थी। इस मामले में 8 डोमेस्टिक और 1 कमर्शियल सिलेंडर मिले थे। जिसमें FIR करके आरोपी को अरेस्ट किया गया है।
कालाबाजारी के खिलाफ 22 केस दर्ज किए हैं
बिचौलिए, वेंडर, दुकान में जमाखोरी, रिफिलिंग, करने वाले लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। पुलिस ने अब तक कालाबाजारी के खिलाफ 22 केस दर्ज किए हैं। इसमें बाढ़ अनुमंडल में 6, दानापुर अनुमंडल में 5, मसौढ़ी अनुमंडल में एक, पटना सिटी अनुमंडल में 3, पटना सदर में 7 मामले दर्ज हैं।
पटना में घरेलू गैस सिलेंडर के अवैध उपयोग पर बड़ी कार्रवाई की गई है. इस कार्रवाई में प्रशासनिक टीम ने 121 सिलेंडरों को जब्त किया है, साथ ही इस मामले में दो होटल संचालकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है.
दरअसल, बिहार में गैस संकट गहराता जा रहा था, रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1 अप्रैल को जहां गैस सिलेंडरों का बैकलॉग 1.42 लाख था, वहीं 6 अप्रैल तक यह बढ़कर 1.63 लाख पहुंच गया है. मांग के मुकाबले सप्लाई की रफ्तार पीछे थी. बिहार सरकार की तरफ सेबैकलॉग खत्म करने का निर्देश दिया गया था, साथ ही आम लोगों को परेशानी न हो इसका ख्याल रखने की बात सरकार की ओर से कही गई थी.
घरेलू सिलेंडरों का हो रहा था व्यवसायिक उपयोग
इसके साथ ही सरकार की ओर से घेरलू गैस सिलेंडर के संकट से निपटने के लिए पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शनों को बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे. सरकार के तमाम निर्देशों के बावजूद भी घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक इस्तेमाल भी थम नहीं रहा था. इन्हीं सब पहलुओं को ध्यान रखते हुए सोमवार को राजधानी पटना में बड़ी कार्रवाई की गई थी.
धावा दल 16 स्थानों पर की छापेमारी
इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, राजधानी पटना में सोमवार 6 अप्रैल 2026 को कुल 16 स्थानों पर जिला प्रशासन की टीम की तरफ से गठित धावा दल की ओर से छापेमारी की गई थी, खास बात यह है कि इस जांच के दायरे में 6 गैस एजेंसियां भी आई हैं.
दो होटल संचालकों पर एफआईआर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यवसायिक उपयोग पर दो होटलों पर एफआईआर दर्ज की गई है. आपको बता दें कि अब तक की कार्रवाई में कुल 22 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 121 सिलेंडर जब्त किए गए हैं. पटना में पुलिस और प्रशासन की तरफ से की गई यह कार्रवाई एलपीजी के अवैध उपयोग करने वालों के लिए कड़ा संदेश है.







