बांकीपुर सीट पर बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बदल दिया है। बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा को बांकीपुर से उम्मीदवार बनाया है। अब पीके कह रहे हैं कि बीजेपी का कैंडिडेट भाग गया। उधर, आरजेडी कह रही है कि इसमें प्रशांत किशोर का ही हाथ है। अभिषेक बंटी के पीछे हटने के बाद बांकीपुर उपचुनाव की लड़ाई एक बार फिर दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। बीजेपी के कैंडिडेट को लेकर अब चर्चाओं का बाजार दो चार दिन तक गर्म रहेगा।
प्रशांत किशोर को मिल गया नया मुद्दा
प्रशांत किशोर जब शुक्रवार को मीडिया से बातचीत कर रहे थे, तो उन्होंने कहा कि पूरे देश में दूसरी पार्टी के कैंडिडेट को भगाने वाली बीजेपी के उम्मीदवार खुद मैदान छोड़कर भाग गए। उन्होंने कहा कि अभी तक ये होता था कि लोग बीजेपी के डर से मैदान छोड़ देते थे। लेकिन जनता की डर से बीजेपी का उम्मीदवार ही भाग गया। पीके ने कहा कि बीजेपी हमसे क्यों डरेगी। हम तो मुखिया भी नहीं हैं। इनके तो पीएम, गृह मंत्री और 80 प्रतिशत भारत पर इनका राज है।
बांकीपुर की जनता से डर गई बीजेपी- पीके
पीके ने कहा कि ये लोग बांकीपुर की जनता से डर गए हैं। ये लोग इसे अपना किला बता रहे थे। अहंकार में कह रहे थे कि कुत्ता बिल्ली को खड़ा करेंगे, तो बांकीपुर की जनता हमीं को वोट देगी। अब बीजेपी कैंडिडेट बदल रही है। कुल मिलाकर बीजेपी के इस फैसले से बैठे बिठाए प्रशांत किशोर को एक नया मुद्दा मिल गया है। वो इसी मुद्दे की तलाश में थे। अब जब पता चलेगा कि अभिषेक बंटी के परिवार का चारा घोटाला से कनेक्शन है, तो मामला और गरमाएगा।
आरजेडी ने अलापा उल्टा राग
वहीं, दूसरी ओर आरजेडी का कहना है कि बीजेपी कैंडिडेट का टिकट बदलवाने में पीके की भूमिका है। आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा है कि बीजेपी ने अपने कार्यकर्ता की बलि चढ़ा दी। आरजेडी से हार के डर से बीजेपी ने कैंडिडेट बदला है। बीजेपी की हार का ये पहला पड़ाव है। शक्ति सिंह यादव ने कहा कि आरजेडी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता की बांकीपुर की जनता पर विशेष पकड़ है। क्षेत्र के सभी वैश्य और पिछड़ा रेखा गुप्ता को वोट करने जा रहे हैं।
शुक्रवार को पूरे दिन हलचल रही
ध्यान रहे कि शुक्रवार को सत्तापक्ष में उठापटक का माहौल रहा। अभिषेक बंटी ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखा। उसके बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सांसद बनने के बाद ये सीट खाली हुई है। 30 जुलाई को इस सीट पर वोट डाले जाएंगे। तीन अगस्त को रिजल्ट आएगा और 13 जुलाई तक नामांकन का आखिरी दिन है।







