बिहार की सियासत में ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर मोकामा विधायक अनंत सिंह के लिए आज का दिन बेहद खास है। करीब चार महीने तक पटना की आदर्श बेऊर जेल में रहने के बाद, हाई कोर्ट के आदेश पर उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ है। अनंत सिंह को 2025 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान हुई दुलारचंद यादव की हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया था। जेल की सलाखों के पीछे रहते हुए भी उन्होंने चुनावी जीत हासिल की। अब उनके बाहर आने की खबर से पटना से लेकर बख्तियारपुर और मोकामा तक समर्थकों में जबरदस्त उत्साह है। प्रशासन भी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
आज जेल से बाहर आएंगे अनंत सिंह
पटना हाई कोर्ट के जस्टिस रुद्र प्रकाश मिश्रा की एकलपीठ ने अनंत सिंह को शर्तों के साथ जमानत दी है। कोर्ट ने साफ किया है कि अगर वे गवाहों को डराने या प्रभावित करने की कोशिश करते हैं, तो उनकी जमानत तुरंत रद्द कर दी जाएगी। दरअसल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस के बयानों में विरोधाभास ने उनकी रिहाई का आधार बनाया। रिपोर्ट में मौत का कारण वाहन से कुचलना और चोटें बताया गया, जबकि उन पर गोली मारने का आरोप था। इसके अलावा, घटनास्थल पर उनकी मौजूदगी भी साफ नहीं हो पाई थी।
अनंत सिंह की दर्शन-पूजन का मेगा प्लान
आज दोपहर 2 बजे के बाद जेल से निकलने के बाद अनंत सिंह सीधे पटना स्थित अपने ‘1 मॉल रोड’ आवास पहुंचेंगे। समर्थकों के मुताबिक, रिहाई के अगले दिन यानी 24 मार्च को वे बड़हिया स्थित महारानी स्थान (देवी स्थान) जाकर मत्था टेकेंगे। उनकी ये यात्रा बख्तियारपुर के पुराने रोड से होकर गुजरेगी। रास्ते में जगह-जगह उनके स्वागत के लिए तोरण द्वार बनाए गए हैं। डुमरा में मुखिया विनीत उर्फ कारू के यहां उनके लिए विशेष भोजन का इंतजाम किया गया है।
पटना से मोकामा तक जश्न और दावत की तैयारी
विधायक बनने के बाद अनंत सिंह पहली बार अपने क्षेत्र मोकामा जा रहे हैं, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं में भारी जोश है। सूत्रों के अनुसार, पूरे क्षेत्र में भारी मात्रा में मिठाइयां बनवाई जा रही हैं। उनके करीबियों ने बताया कि पटना से लेकर मोकामा तक समर्थकों के लिए भव्य दावत का आयोजन किया गया है। समर्थकों की भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
पटना के माल रोड स्थित अनंत सिंह के आवास पर जोरदार तैयारियां
कल जेल से बाहर आने की खुशी में अनंत सिंह के पटना के माल रोड स्थित आवास पर भव्य स्वागत की तैयारी चल रही है। पटना आवास पर बड़ा-सा पंडाल बनाया जा रहा है। करीब 1 से डेढ़ हजार कुर्सियां मंगाई गई हैं।
गर्मी को देखते हुए बड़े-बड़े पंखे-कूलर भी मंगाए जा रहे हैं। ताकि उनके समर्थकों को परेशानी न हो। यहां कल करीब 10-15 हजार से अधिक समर्थकों के जुटने की संभावना है।
उनके समर्थकों का कहना है कि जब उनका काफिला चलता है, तो गाड़ियों की गिनती नहीं होती है। अनगिनत गाड़ियां चलती हैं।
तीन लाख में रसगुल्ले, कई तरह के व्यंजन बन रहे
हजारों की संख्या में जुटने वाले समर्थकों के लिए अनंत सिंह के पटना आवास पर भोज की भी तैयारी की जा रही है। लोगों के लिए तरह-तरह के व्यंजन बनाए जाएंगे।
पनीर की अलग-अलग डिश, दाल, मिक्स वेज, पूड़ी-रोटी, लिट्टी, कचौड़ी और पुलाव भी बनाया जा रहा है। मिठाई में रसगुल्ला, गुलाब जामुन भी बनाए जा रहे हैं।
तकरीबन दो से तीन लाख में रसगुल्ले बनाए जा रहे हैं। जो बाढ़ में बनाया जा रहा है। वहीं से रसगुल्ले बनकर पटना आएगा। पटना में रसगुल्ले के अलावा बाकी सब यहीं बनेगा।
अब जानिए दुलारचंद हत्याकांड की पूरी कहानी
हत्या के दूसरी रात हुई थी गिरफ्तारी
30 अक्टूबर को मोकामा टाल में दुलारचंद की हत्या की गई थी। आरोप अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर लगा। 1 नवंबर की देर रात पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा खुद अनंत सिंह के आवास मोकामा पहुंचे और उन्हें गिरफ्तार किया। करीब 4 महीने से वो जेल में बंद हैं। पिछली सुनवाई में अनंत सिंह के वकील ने बेल को लेकर पटना हाईकोर्ट में 4 दलील रखी थी।
पटना HC में रखी गई 4 दलीलें…
1. अनंत सिंह पर आरोप था कि उन्होंने दुलारचंद यादव के बाएं पैर की ऐड़ी में खुद गोली मारी थी। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण में लाठी से मारना और गाड़ी से कुचलने का जिक्र है।
2. महत्वपूर्ण दलील यह दी कि घटना स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान लिए गए थे और किसी ने भी अपने बयान में ये नहीं कहा कि अनंत सिंह ने गोली चलाई थी।
3. दुलारचंद के जिस पोते के बयान पर केस दर्ज हुआ, उसने अपने पिता को जब पहला कॉल किया था तब कहा कि दादा जी की मौत हो गई है, ये नहीं कहा कि उनकी हत्या हुई है।
4. अनंत सिंह एक पॉलिटिशियन हैं और इस वजह से भी लोग उनके ऊपर बेवजह का आरोप लगाते रहते हैं।
दुलारचंद की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर कई जगह गहरे घाव और खून जमने के निशान मिले। फेफड़े (लंग्स) फटे हुए मिले, जिससे अधिक मात्रा में इंटरनल ब्लीडिंग हुई है। छाती की कई पसलियां टूटी हुई पाई गईं।
खासकर दाहिनी ओर रीढ़ की हड्डी (वर्टिब्रा) के पास भी चोटों के निशान मिले। सिर, घुटने, टखने और पीठ पर गहरे जख्म और चोटें पाई गईं। इसी के साथ दाहिने पैर के पास फायरआर्म (गनशॉट) इंजरी का जिक्र, यानी गोली लगने के निशान हैं।
दुलारचंद हत्याकांड में 4 FIR
पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, इस मामले में अब तक 4 FIR दर्ज की गई। बता दें कि पहला केस भदौर थाने में दुलारचंद के पोते नीरज कुमार ने दर्ज कराया। दूसरा अनंत के समर्थक जितेंद्र कुमार ने और तीसरा केस पुलिस ने अपने बयान पर किया है।
दुलारचंद ने अनंत सिंह की पत्नी को कहा था नाचने वाली
दुलारचंद ने हत्या से 2 दिन पहले अनंत सिंह की पत्नी के लिए आपत्तिजनक बातें कहीं थीं। उन्होंने कहा था, ‘वो नीलम देवी नहीं नीलम खातून है। चुनाव लड़ रही थी तो लोग दरी लेकर दौड़ रहे थे। कह रहे थे कि नाचने वाली आई है। अनंत सिंह ने उसे रख लिया। दोनों की कोई शादी हुई थी? नीलम देवी भूमिहार थोड़े ही है।’
चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर चुके हैं अनंत सिंह
जदयू विधायक अनंत सिंह ने ऐलान कहा है कि वो अब विधानसभा चुनाव का चुनाव नहीं लड़ेंगे। राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग करने के बाद जब वो बाहर निकले तो उन्होंने मीडिया से बात की। अनंत सिंह से पूछ गया कि अगला CM कौन होगा। इस पर उन्होंने कहा कि नीतीश जी तय करेंगे।
बिना नीतीश के चुनाव लड़के के सवाल पर उन्होंने कहा कि, ‘नीतीश नहीं रहेंगे तो मैं भी चुनाव नहीं लड़ूंगा।’ निशांत और तेजस्वी में से आपको कौन अच्छा लगता है। इस सवाल के जवाब को अनंत सिंह टाल गए।







